संयुक्त शिक्षा निदेशक करेंगे अंको की सुनवाई


हाईस्कूल की मार्कशीट में अंको की मांग को लेकर विद्यार्थी अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। स्कूल द्वारा बोर्ड को कितने अंक भेजे गए थे तथा बोर्ड ने विद्यार्थियों को कितने अंक दिए। इसी मांग को लेकर विद्यार्थियों ने चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट नरेश पारस के निर्देशन में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में आरटीआई की अर्जी दायर की थी। निर्धारित समय अवधि 30 दिन बीत जाने के बाद भी आरटीआई के जवाब में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा अंक नहीं बताए गए। 47 विद्यार्थियों ने सामूहिक आरटीआई दायर की थी। पहले तो आरटीआई की अर्जी लेने से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में इंकार कर दिया गया। आरटीआई अर्जी दाखिल करने पर विद्यार्थी अड़े रहे तो डीआईओएस ने पुलिस बुलाने की धमकी दे डाली थी। संयुक्त शिक्षा निदेशक के हस्तक्षेप पर आरटीआई के आवेदन स्वीकार किए गए थे लेकिन जवाब फिर भी नहीं दिया गया। विद्यार्थियों ने संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में प्रथम अपील दायर की है। अपील को ध्यान में रखते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक आरपी शर्मा ने दोनों पक्षों की 23 जुलाई को सुनवाई निर्धारित की है। वह विद्यार्थी तथा जिला विद्यालय निरीक्षक दोनों की सुनवाई करते हुए अंक संबंधी प्रकरण में अपना फैसला देंगे। उन्होंने सभी अपीलकर्ता विद्यार्थियों को संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में बुलाया है। जहां विद्यार्थी अपना पक्ष रख सकेंगे।