Aggiornamento sulla petizioneसत्र 2020-21 में यूपी बोर्ड द्वारा दी गई अंक रहित मार्कशीट में अंक दिए जाएं

अंक के लिए जेडी कार्यालय में दायर की प्रथम अपील

Naresh ParasAgra, India
13 lug 2022

हाई स्कूल की मार्कशीट में अंक जानने की जद्दोजहद कर रहे विद्यार्थियों ने बुधवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में आरटीआई के तहत प्रथम अपील दायर की। अपील में विद्यार्थियों ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(3) के तहत जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में आरटीआई की अर्जी लगा कर पूछा था कि स्कूल द्वारा उनके बोर्ड को कितने अंक भेजे गए तथा बोर्ड ने उनको कितने अंक दिए। आरटीआई दायर करने के 35 दिन बाद भी जवाब नहीं आया तो विद्यार्थियों ने नियमानुसार संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में प्रथम अपील की है।

जबाव न देना आरटीआई का उल्लंघन
 सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित समय अवधि 30 दिन के भीतर जवाब दे देना चाहिए था लेकिन जवाब नहीं मिला। यह सूचना अधिकार कानून का उल्लंघन है। प्रथम अपील के माध्यम से सूचना देने का अनुरोध किया गया है। यदि प्रथम अपील के बाद भी सूचनाएं नहीं मिली तो सीधे राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया जाएगा लेकिन छात्र अपने अंको के जानकारी लेकर रहेंगे।

लग सकता है 25 हजार का जुर्माना

समय अवधि में सूचना अधिकार के तहत सूचना न दिए जाने पर सूचना आयोग जन सूचना अधिकारी पर अर्थ दंड भी लगा सकता है। आयोग एक आरटीआई पर 25 हजार तक का जुर्माना लगा सकता है। 47 विद्यार्थियों ने सामूहिक आरटीआई दायर की थी। जिसका जवाब 35 दिन बाद भी नहीं दिया गया है। आरटीआई के तहत मांगी गए सवालों का जवाब देना हर सरकारी विभाग की जिम्मेदारी है।

 

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