राजस्थान सीएम: विवादास्पद नई विवाह बिल को वापस लें #BalVivahSeBachao

राजस्थान सीएम: विवादास्पद नई विवाह बिल को वापस लें #BalVivahSeBachao

समस्या

पूजा 20 साल की है और मार्शल आर्ट्स की एक्सपर्ट बनना चाहती है। लेकिन वो अभी अपने जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रही है: अपनी शादी को निरस्त कराने की लड़ाई, एक शादी जो उसपर तब थोप दी गई जब वो 12 साल की एक मासूम थी।

उसने ‘शादी’ शब्द सुना था पर जिस दिन उसको ब्याहा गया उसे नहीं पता कि था उसके साथ क्या हो रहा है। वो डरी हुई और सहमी हुई थी कि उसके आसपास बड़ी उम्र के लोग हैं और इसी डर के कारण वो विरोध भी ना कर सकी। पूजा की कहानी उसकी जुबानी सुनकर आँख भर आती है, वो एनडीटीवी पर कहती है: अगर आप बाल-विवाह को अनुमति देते हैं तो आप पत्नी बन जाती हैं चाहे आप चाहें या ना चाहें।

पूजा जैसी लड़कियों की लड़ाई लड़ने के लिए मैंने अपना पूजा जीवन झोंक दिया है। राजस्थान सरकार द्वारा हाल ही मे ऐसा बिल पास किया गया जो कि बाल-विवाह की दृष्टि से काफ़ी दुर्भाग्यपूर्ण और आश्चर्यजनक है। इतने सारे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दशकों की कड़ी मेहनत के बाद भारत को बाल-विवाह से मुक्ति दिलाने के लिए जो प्रयास किए मैं उनपर किसी को पानी नहीं फेरने दूँगी।

कई मीडिय रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2021’ नाबालिगों के विवाह के पंजीकरण की भी अनुमति देता है।

राज्य सरकार बिल का बचाव यह कहकर कर रही है कि वो माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन कर रही है, जिसका आदेश है कि सभी शादियों का पंजीकरण होना चाहिए; और राज्य बाल विधवाओं व बाल-विवाह से जन्मे बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए ये कदम उठा रहा है।

मेरा मानना है कि बाल-विधवाओं व बाल-विवाह से जन्मे बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य के पास इस बिल से और बेहतर विकल्प हो सकते हैं। इस बिल से तो प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि ये बाल-विवाह को प्रोत्साहित करता है।

आइये मिलकर इसे क़ानून बनने से रोकें। मैंने ये पेटीशन राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री, अशोक गहलोत जी के नाम शुरू की है ताकि:

1. मौजूदा बिल को वापस लें जिससे शायद बाल-विवाह को प्रोत्साहन मिलता दिख रहा है। 
2. राजस्थान में बाल-विवाह पर संपूर्ण बैन व इसके लिए सख्त जुर्माने की घोषणा करें।
3. अलग नियम व प्रावधान बनाए जाएं जिससे बाल-विवाह का सामना करने वालों, बाल-विधवाओं व बाल-विवाह से जन्मे बच्चों के सभी अधिकारों की रक्षा हो।

मुझे पूरा विश्वास है कि जब मेरी Change.org पेटीशन पर देश के हज़ारों नागरिक साइन करेंगे तो हमारी साझा आवाज़ राजस्थान सरकार व माननीय मुख्यमंत्री जी तक ज़रूर पहुँचेगी। आइये मिलकर आवाज़ उठाएं ताकि बच्चों को #BalVivahSeBachao सपना नहीं सच हो।

avatar of the starter
Yogita Bhayanaपेटीशन स्टार्टर
यह पेटीशन 31,878 हस्ताक्षर जुट गई

समस्या

पूजा 20 साल की है और मार्शल आर्ट्स की एक्सपर्ट बनना चाहती है। लेकिन वो अभी अपने जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रही है: अपनी शादी को निरस्त कराने की लड़ाई, एक शादी जो उसपर तब थोप दी गई जब वो 12 साल की एक मासूम थी।

उसने ‘शादी’ शब्द सुना था पर जिस दिन उसको ब्याहा गया उसे नहीं पता कि था उसके साथ क्या हो रहा है। वो डरी हुई और सहमी हुई थी कि उसके आसपास बड़ी उम्र के लोग हैं और इसी डर के कारण वो विरोध भी ना कर सकी। पूजा की कहानी उसकी जुबानी सुनकर आँख भर आती है, वो एनडीटीवी पर कहती है: अगर आप बाल-विवाह को अनुमति देते हैं तो आप पत्नी बन जाती हैं चाहे आप चाहें या ना चाहें।

पूजा जैसी लड़कियों की लड़ाई लड़ने के लिए मैंने अपना पूजा जीवन झोंक दिया है। राजस्थान सरकार द्वारा हाल ही मे ऐसा बिल पास किया गया जो कि बाल-विवाह की दृष्टि से काफ़ी दुर्भाग्यपूर्ण और आश्चर्यजनक है। इतने सारे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दशकों की कड़ी मेहनत के बाद भारत को बाल-विवाह से मुक्ति दिलाने के लिए जो प्रयास किए मैं उनपर किसी को पानी नहीं फेरने दूँगी।

कई मीडिय रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2021’ नाबालिगों के विवाह के पंजीकरण की भी अनुमति देता है।

राज्य सरकार बिल का बचाव यह कहकर कर रही है कि वो माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन कर रही है, जिसका आदेश है कि सभी शादियों का पंजीकरण होना चाहिए; और राज्य बाल विधवाओं व बाल-विवाह से जन्मे बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए ये कदम उठा रहा है।

मेरा मानना है कि बाल-विधवाओं व बाल-विवाह से जन्मे बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य के पास इस बिल से और बेहतर विकल्प हो सकते हैं। इस बिल से तो प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि ये बाल-विवाह को प्रोत्साहित करता है।

आइये मिलकर इसे क़ानून बनने से रोकें। मैंने ये पेटीशन राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री, अशोक गहलोत जी के नाम शुरू की है ताकि:

1. मौजूदा बिल को वापस लें जिससे शायद बाल-विवाह को प्रोत्साहन मिलता दिख रहा है। 
2. राजस्थान में बाल-विवाह पर संपूर्ण बैन व इसके लिए सख्त जुर्माने की घोषणा करें।
3. अलग नियम व प्रावधान बनाए जाएं जिससे बाल-विवाह का सामना करने वालों, बाल-विधवाओं व बाल-विवाह से जन्मे बच्चों के सभी अधिकारों की रक्षा हो।

मुझे पूरा विश्वास है कि जब मेरी Change.org पेटीशन पर देश के हज़ारों नागरिक साइन करेंगे तो हमारी साझा आवाज़ राजस्थान सरकार व माननीय मुख्यमंत्री जी तक ज़रूर पहुँचेगी। आइये मिलकर आवाज़ उठाएं ताकि बच्चों को #BalVivahSeBachao सपना नहीं सच हो।

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Yogita Bhayanaपेटीशन स्टार्टर

फैसला लेने वाले

Ashok Gehlot
Chief Minister of Rajasthan

पेटीशन अपडेट

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29 सितंबर 2021 पर पेटीशन बनाई गई