

राजस्थान सरकार द्वारा फार्मासिस्ट कैडर का गठन


राजस्थान सरकार द्वारा फार्मासिस्ट कैडर का गठन
समस्या
राजस्थान में वर्तमान तक फार्मासिस्ट सेवा संवर्ग (कैडर) का गठन नहीं हो पाया हे। जबकि अन्य सभी पैरामेडिकल व मेडिकल स्टाफ का केडर बना हुआ हे और वो सभी नियमित रूप से प्रमोशन का लाभ उठा रहे हे। फार्मासिस्ट सेवा सवर्ग नहीं होने से वर्त्तमान में कार्य कर रहे फार्मासिस्टो का निम्नलिखिल प्रकार से शोषण हो रहा हे:
1. उनको ड्रेसिंग अलाउंस, वाशिंग अलाउंस, मेस अलाउंस व अन्य भत्ते नहीं मिल रहे हे जो की दूसरे सभी पैरामेडिकल कर्मचारियों को मिलते हे।
2. प्रदेश के RMSC द्वारा संचालित सभी डिस्ट्रिक्ट ड्रग वेयर हाउस, मेडिकल कॉलेज ड्रग वेयर हाउस व चिकित्सालयो के सब स्टोर्स पर डॉक्टर्स या नर्सिंग स्टाफ वाले इंचार्ज का कार्य कर रहे हे जबकि नियमानुसार इन पदों पर फार्मेसी की योग्यत्ता (डी.फार्म/बी.फार्म/एम.फार्म) रखने वाले ही होने चाहीये।
3. फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015 के अनुसार देशभर में सभी जगह फार्मासिस्ट केडर होना चाहीये। इसमें फार्मासिस्ट, सीनियर फार्मासिस्ट, चीफ फर्मासिस्ट, ड्रग इनफार्मेशन फार्मासिस्ट व फार्मेसी इंस्पेक्टर के पदों का उल्लेख किया गया हे व सभी पदों के लिये आवश्यक योग्यता व अनुभव का भी निर्धारण किया गया हे।
4. प्रदेश में अत्यधिक संख्या में उच्च शिक्षा प्राप्त फार्मासिस्ट (बी फार्म/एम फार्म/फार्म डी/पी एच डी फार्मेसी) उपलब्ध हे जो या तो बेरोजगार हे या राजकीय फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत हे इनकी योग्यता का उपयोग पूर्ण रूप से नहीं हो रहा हे।
फार्मेसी केडर बनने के बाद राजस्थान सरकार व प्रदेश की जनता को निम्नलिखित लाभ होंगे:
1. दवाओ से सम्बंधित पूर्ण ज्ञान (storage conditions, quality assurance, drug testing and analysis, half life, shelf life, posology, pharmacokinetics, pharmacology and adverse effects) सिर्फ योग्यताधारी फार्मासिस्ट को ही होता हे। जबकि वर्तमान में MNDY के उच्च पदों पर डॉक्टर्स या नर्सिंग कर्मी इन्चार्ज का कार्य कर हे जिनको इन बातो का कोई ज्ञान नहीं होता अतः ये प्रदेश जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हे। हांलाकि प्रदेश में वेसे ही डॉक्टर्स की कमी हे अतः उन्हें यहाँ हे हटाकर उनके यथावत स्थान पर लगाया जाना चाहिए जिससे की मरीजो को उनकी सेवाओ का लाभ मिल सके।
2. इससे राज्य सरकार की क्रन्तिकारी योजना "MNDY" को और बेहतर और सफल बनाया जा सकेगा। फार्मासिस्ट इस योजना को सफल बनाने के लिए बेहतर निर्णय ले सकेंगे क्योंकि उनकी पास दवाइयो से सम्बंधित योग्यता व अनुभव हे।
3. प्रदेश के उच्च शिक्षा प्राप्त एव अनुभवी फार्मासिस्टो को उनकी योग्यता व अनुभव के अनुसार पद मिल सकेगा एव राज्य सरकार भी उनकी योग्यता व अनुभव का पूर्ण उपयोग कर सकेगी।
4. राज्य सरकार के अधीन कार्य कर रहे फार्मासिस्टो को समयानुसार प्रमोशन व अन्य भत्ते मिल सकेंगे व उनका शोषण रोका जा सकेगा।
राजस्थान फार्मासिस्ट कर्मचारी संघपेटीशन स्टार्टर
यह पेटीशन 216 हस्ताक्षर जुट गई
समस्या
राजस्थान में वर्तमान तक फार्मासिस्ट सेवा संवर्ग (कैडर) का गठन नहीं हो पाया हे। जबकि अन्य सभी पैरामेडिकल व मेडिकल स्टाफ का केडर बना हुआ हे और वो सभी नियमित रूप से प्रमोशन का लाभ उठा रहे हे। फार्मासिस्ट सेवा सवर्ग नहीं होने से वर्त्तमान में कार्य कर रहे फार्मासिस्टो का निम्नलिखिल प्रकार से शोषण हो रहा हे:
1. उनको ड्रेसिंग अलाउंस, वाशिंग अलाउंस, मेस अलाउंस व अन्य भत्ते नहीं मिल रहे हे जो की दूसरे सभी पैरामेडिकल कर्मचारियों को मिलते हे।
2. प्रदेश के RMSC द्वारा संचालित सभी डिस्ट्रिक्ट ड्रग वेयर हाउस, मेडिकल कॉलेज ड्रग वेयर हाउस व चिकित्सालयो के सब स्टोर्स पर डॉक्टर्स या नर्सिंग स्टाफ वाले इंचार्ज का कार्य कर रहे हे जबकि नियमानुसार इन पदों पर फार्मेसी की योग्यत्ता (डी.फार्म/बी.फार्म/एम.फार्म) रखने वाले ही होने चाहीये।
3. फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015 के अनुसार देशभर में सभी जगह फार्मासिस्ट केडर होना चाहीये। इसमें फार्मासिस्ट, सीनियर फार्मासिस्ट, चीफ फर्मासिस्ट, ड्रग इनफार्मेशन फार्मासिस्ट व फार्मेसी इंस्पेक्टर के पदों का उल्लेख किया गया हे व सभी पदों के लिये आवश्यक योग्यता व अनुभव का भी निर्धारण किया गया हे।
4. प्रदेश में अत्यधिक संख्या में उच्च शिक्षा प्राप्त फार्मासिस्ट (बी फार्म/एम फार्म/फार्म डी/पी एच डी फार्मेसी) उपलब्ध हे जो या तो बेरोजगार हे या राजकीय फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत हे इनकी योग्यता का उपयोग पूर्ण रूप से नहीं हो रहा हे।
फार्मेसी केडर बनने के बाद राजस्थान सरकार व प्रदेश की जनता को निम्नलिखित लाभ होंगे:
1. दवाओ से सम्बंधित पूर्ण ज्ञान (storage conditions, quality assurance, drug testing and analysis, half life, shelf life, posology, pharmacokinetics, pharmacology and adverse effects) सिर्फ योग्यताधारी फार्मासिस्ट को ही होता हे। जबकि वर्तमान में MNDY के उच्च पदों पर डॉक्टर्स या नर्सिंग कर्मी इन्चार्ज का कार्य कर हे जिनको इन बातो का कोई ज्ञान नहीं होता अतः ये प्रदेश जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हे। हांलाकि प्रदेश में वेसे ही डॉक्टर्स की कमी हे अतः उन्हें यहाँ हे हटाकर उनके यथावत स्थान पर लगाया जाना चाहिए जिससे की मरीजो को उनकी सेवाओ का लाभ मिल सके।
2. इससे राज्य सरकार की क्रन्तिकारी योजना "MNDY" को और बेहतर और सफल बनाया जा सकेगा। फार्मासिस्ट इस योजना को सफल बनाने के लिए बेहतर निर्णय ले सकेंगे क्योंकि उनकी पास दवाइयो से सम्बंधित योग्यता व अनुभव हे।
3. प्रदेश के उच्च शिक्षा प्राप्त एव अनुभवी फार्मासिस्टो को उनकी योग्यता व अनुभव के अनुसार पद मिल सकेगा एव राज्य सरकार भी उनकी योग्यता व अनुभव का पूर्ण उपयोग कर सकेगी।
4. राज्य सरकार के अधीन कार्य कर रहे फार्मासिस्टो को समयानुसार प्रमोशन व अन्य भत्ते मिल सकेंगे व उनका शोषण रोका जा सकेगा।
राजस्थान फार्मासिस्ट कर्मचारी संघपेटीशन स्टार्टर
पेटीशन बंद हो गई
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फैसला लेने वाले
स्वास्थय मंत्री राजस्थान
फार्मेसी कौंसिल राजस्थान
pharmacy council of india
Additional director (administration), medical and health services rajasthan
पेटीशन अपडेट
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5 मार्च 2016 पर पेटीशन बनाई गई