

माउंट आबू, आबू रोड और इनसे 50 किलोमीटर तक के क्षेत्र को पूर्णतः 'नशा एवं 'प्लास्टिक मुक्त
The Issue
शीर्षक: माउंट आबू, आबू रोड और इनसे 50 किलोमीटर तक के क्षेत्र को पूर्णतः 'नशा मुक्त' एवं 'प्लास्टिक मुक्त' क्षेत्र घोषित किया जाए।
सेवा में,
आदरणीय मुख्यमंत्री महोदय, राजस्थान सरकार
जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, सिरोही (राजस्थान)
महानिदेशक, आबकारी एवं पर्यावरण विभाग, राजस्थान
विषय: माउंट अबू, अबू रोड से लेकर गुजरात बॉर्डर तक के 50 किलोमीटर क्षेत्र को पूर्ण रूप से शराब, तंबाकू और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से मुक्त करने हेतु जन-याचिका।
महोदय,
हम, सिरोही जिले के समस्त जागरूक नागरिक, पर्यावरण प्रेमी और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु व पर्यटक, इस याचिका के माध्यम से आपका ध्यान एक अत्यंत संवेदनशील और गंभीर विषय की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
माउंट अबू राजस्थान का एकमात्र और विश्व प्रसिद्ध हिल स्टेशन होने के साथ-साथ एक घोषित इको-सेंसिटिव ज़ोन (Eco-Sensitive Zone) है। यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीव अभ्यारण्य और अद्वितीय आध्यात्मिक व सांस्कृतिक धरोहर (जैसे ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान और दिलवाड़ा जैन मंदिर) के लिए जाना जाता है।
परंतु, पिछले कुछ समय से गुजरात सीमा (Border) से सटे होने के कारण इस 50 किलोमीटर के दायरे में नशे का कारोबार, शराब के ठेकों की भरमार और तंबाकू उत्पादों की अनियंत्रित बिक्री अत्यधिक बढ़ गई है। चूंकि गुजरात एक नशा-मुक्त (Dry) राज्य है, इसलिए इस सीमावर्ती क्षेत्र में नशे की आसान उपलब्धता यहां के स्थानीय युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है, अपराध व घरेलू हिंसा को बढ़ावा दे रही है, और आने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं की सुरक्षा व शांति को भंग कर रही है।
इसके साथ ही, इस पूरे क्षेत्र में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक और थर्माकोल के अनियंत्रित उपयोग से हमारे संवेदनशील पहाड़ों, जंगलों, प्राचीन नक्की झील और वन्यजीवों के अस्तित्व पर भारी संकट मंडरा रहा है। शराब की खाली बोतलें, सिगरेट के फिल्टर और गुटके व प्लास्टिक के पाउच मिलकर इस पावन भूमि को प्रदूषित कर रहे हैं।
अतः हम इस ऑनलाइन याचिका के माध्यम से सरकार और प्रशासन से निम्नलिखित 5 मुख्य मांगें कड़ाई से लागू करने का अनुरोध करते हैं:
- 50 किलोमीटर का 'नशा व प्लास्टिक मुक्त कॉरिडोर': माउंट अबू, अबू रोड और गुजरात बॉर्डर के इस पूरे 50 किमी के संवेदनशील क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर 'पूर्ण नशा व प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र' घोषित किया जाए।
- शराब के ठेके और बार पूरी तरह बंद हों: इस निर्धारित क्षेत्र के भीतर चल रहे सभी सरकारी व निजी शराब के ठेकों, बीयर बार और अवैध अड्डों को तुरंत प्रभाव से हटाया और प्रतिबंधित किया जाए।
- तंबाकू उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध: इस पूरे क्षेत्र में पान, गुटका, बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वाली सभी दुकानों को हटाया जाए और सार्वजनिक स्थानों पर इनके सेवन पर भारी जुर्माने का प्रावधान हो।
- सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर कड़ा प्रतिबंध: माउंट अबू हिल स्टेशन और वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र सहित पूरे 50 किमी के दायरे में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक की थैलियों, कप-प्लेट और बोतलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगे। कचरा फैलाने वालों और नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों व पर्यटकों पर ऑन-द-स्पॉट सख्त कार्रवाई की जाए।
- बॉर्डर पर कड़ी निगरानी व चेकिंग: गुजरात बॉर्डर और राष्ट्रीय राजमार्ग पर नशीले पदार्थों व प्रतिबंधित प्लास्टिक की तस्करी रोकने के लिए पुलिस, आबकारी और वन विभाग की संयुक्त विशेष चौकियां (Check Posts) बनाई जाएं और सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी हो |
इस पवित्र और खूबसूरत क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को बचाने, पर्यावरण की रक्षा करने और हमारी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह कठोर और ऐतिहासिक निर्णय लेना बेहद आवश्यक है।हम आपसे विनम्र प्रार्थना करते हैं कि लाखों नागरिकों की इस सामूहिक जनभावना का सम्मान करते हुए इस क्षेत्र को एक आदर्श, स्वच्छ और सुरक्षित कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की कृपा करें।
धन्यवाद।
समस्त जागरूक नागरिक और ऑनलाइन हस्ताक्षरकर्ता
20
The Issue
शीर्षक: माउंट आबू, आबू रोड और इनसे 50 किलोमीटर तक के क्षेत्र को पूर्णतः 'नशा मुक्त' एवं 'प्लास्टिक मुक्त' क्षेत्र घोषित किया जाए।
सेवा में,
आदरणीय मुख्यमंत्री महोदय, राजस्थान सरकार
जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, सिरोही (राजस्थान)
महानिदेशक, आबकारी एवं पर्यावरण विभाग, राजस्थान
विषय: माउंट अबू, अबू रोड से लेकर गुजरात बॉर्डर तक के 50 किलोमीटर क्षेत्र को पूर्ण रूप से शराब, तंबाकू और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से मुक्त करने हेतु जन-याचिका।
महोदय,
हम, सिरोही जिले के समस्त जागरूक नागरिक, पर्यावरण प्रेमी और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु व पर्यटक, इस याचिका के माध्यम से आपका ध्यान एक अत्यंत संवेदनशील और गंभीर विषय की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
माउंट अबू राजस्थान का एकमात्र और विश्व प्रसिद्ध हिल स्टेशन होने के साथ-साथ एक घोषित इको-सेंसिटिव ज़ोन (Eco-Sensitive Zone) है। यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीव अभ्यारण्य और अद्वितीय आध्यात्मिक व सांस्कृतिक धरोहर (जैसे ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान और दिलवाड़ा जैन मंदिर) के लिए जाना जाता है।
परंतु, पिछले कुछ समय से गुजरात सीमा (Border) से सटे होने के कारण इस 50 किलोमीटर के दायरे में नशे का कारोबार, शराब के ठेकों की भरमार और तंबाकू उत्पादों की अनियंत्रित बिक्री अत्यधिक बढ़ गई है। चूंकि गुजरात एक नशा-मुक्त (Dry) राज्य है, इसलिए इस सीमावर्ती क्षेत्र में नशे की आसान उपलब्धता यहां के स्थानीय युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है, अपराध व घरेलू हिंसा को बढ़ावा दे रही है, और आने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं की सुरक्षा व शांति को भंग कर रही है।
इसके साथ ही, इस पूरे क्षेत्र में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक और थर्माकोल के अनियंत्रित उपयोग से हमारे संवेदनशील पहाड़ों, जंगलों, प्राचीन नक्की झील और वन्यजीवों के अस्तित्व पर भारी संकट मंडरा रहा है। शराब की खाली बोतलें, सिगरेट के फिल्टर और गुटके व प्लास्टिक के पाउच मिलकर इस पावन भूमि को प्रदूषित कर रहे हैं।
अतः हम इस ऑनलाइन याचिका के माध्यम से सरकार और प्रशासन से निम्नलिखित 5 मुख्य मांगें कड़ाई से लागू करने का अनुरोध करते हैं:
- 50 किलोमीटर का 'नशा व प्लास्टिक मुक्त कॉरिडोर': माउंट अबू, अबू रोड और गुजरात बॉर्डर के इस पूरे 50 किमी के संवेदनशील क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर 'पूर्ण नशा व प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र' घोषित किया जाए।
- शराब के ठेके और बार पूरी तरह बंद हों: इस निर्धारित क्षेत्र के भीतर चल रहे सभी सरकारी व निजी शराब के ठेकों, बीयर बार और अवैध अड्डों को तुरंत प्रभाव से हटाया और प्रतिबंधित किया जाए।
- तंबाकू उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध: इस पूरे क्षेत्र में पान, गुटका, बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वाली सभी दुकानों को हटाया जाए और सार्वजनिक स्थानों पर इनके सेवन पर भारी जुर्माने का प्रावधान हो।
- सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर कड़ा प्रतिबंध: माउंट अबू हिल स्टेशन और वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र सहित पूरे 50 किमी के दायरे में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक की थैलियों, कप-प्लेट और बोतलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगे। कचरा फैलाने वालों और नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों व पर्यटकों पर ऑन-द-स्पॉट सख्त कार्रवाई की जाए।
- बॉर्डर पर कड़ी निगरानी व चेकिंग: गुजरात बॉर्डर और राष्ट्रीय राजमार्ग पर नशीले पदार्थों व प्रतिबंधित प्लास्टिक की तस्करी रोकने के लिए पुलिस, आबकारी और वन विभाग की संयुक्त विशेष चौकियां (Check Posts) बनाई जाएं और सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी हो |
इस पवित्र और खूबसूरत क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को बचाने, पर्यावरण की रक्षा करने और हमारी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह कठोर और ऐतिहासिक निर्णय लेना बेहद आवश्यक है।हम आपसे विनम्र प्रार्थना करते हैं कि लाखों नागरिकों की इस सामूहिक जनभावना का सम्मान करते हुए इस क्षेत्र को एक आदर्श, स्वच्छ और सुरक्षित कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की कृपा करें।
धन्यवाद।
समस्त जागरूक नागरिक और ऑनलाइन हस्ताक्षरकर्ता
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Petition created on 14 October 2026