एस. एस. सी. की डिस्क्रिप्टिव परीक्षा से इमेजिनरी UFM हटाया जाये

0 व्यक्ति ने साइन किए। 2,500 हस्ताक्षर जुटाएं!


सरकारी नौकरी पाने के इच्छुक उम्मीदवारों का भविष्य आर्थिक संकटों या सरकारी नौकरियों की कमी के कारण नहीं, बल्कि सरकार और भर्ती निकायों की मनमानी कार्यशैली के कारण अँधेरे में है। 

हाल ही में, कर्मचारी चयन  आयोग ( एसएससी ) ने यूएफएम नियम के मनमाने ढंग से उपयोग के कारण 4560 उम्मीदवारों (कुल 12%+ परीक्षा के दूसरे चरण में) को अयोग्य घोषित कर दिया।

कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) एक सरकारी संसथान है जो बी ग्रेड अधिकारियों से लेकर मल्टीटास्किंग स्टाफ या डी ग्रुप स्टाफ तक के विभिन्न स्तरों के लिए भर्ती करता है, एसएससी द्वारा 1 लाख से अधिक रिक्तियों की घोषणा की जाती है और इन नौकरियों के लिए करोड़ों उम्मीदवार आवेदन करते हैं।

SSC,  कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के अंतर्गत आता है जो कि मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के अधीन है। DoPT, UPSC की परीक्षाएं भी आयोजित करता है।

SSC CHSL (कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल) परीक्षा जिसके लिए 29.6 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण किया था और परीक्षा के पहले चरण (200 अंक) के बाद लगभग 40 हज़ार उम्मीदवारों को परीक्षा के दूसरे चरण (वर्णनात्मक लेखन- 100 अंक) के लिए चुना गया था, जिसमें से 4560 यूएफएम (अनफेयर साधन) के कारण उम्मीदवारों को उनके उच्च अंक के बावजूद परीक्षा से अयोग्य घोषित कर दिया गया।

अनफेयर मीन्स (UFM) को UPSC, CBSE जैसे कई परीक्षा संचालन निकायों द्वारा अपनाया जाता है। यह यूएफएम नियम ऐसे उम्मीदवारों को बाहर करने के लिए अपनाया जाता है जो अधिक अंक अर्जित करने के लिए अनुचित साधनों का उपयोग करते हैं, लेकिन इस बार इस नियम के आवेदन ने कई उम्मीदवारों के लिए भयाभय साबित हुआ है क्योंकि यह संवेदनहीन रूप से लागू किया गया है।

SSC CHSL वर्णनात्मक लेखन परीक्षा में पुछा गया प्रश्न :


आप शिवानी / शिव, निवासी हैं सी.जी.ओ. कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली 110003। अपने छोटे भाई नमन को पत्र लिखकर उन्हें सेल फोन के अत्यधिक उपयोग के हानिकारक प्रभावों से अवगत कराएं।


इस सवाल में हाउस नं. या कुछ कार्यालय का नाम नहीं दिया गया है तो कुछ छात्रों रैंडम हाउस न. या ऑफिस न. जोड़ दिए ताकि पत्र का प्रारूप पूरा हो सके, कुछ छात्रों ने पत्र के अंत में " छोटी को स्नेह , जैसे सब्दो को इस्तमाल किया जिसे काल्पनिक नाम मान लिया गया, कुछ जिन्होंने मानवीय भूल से हुई त्रुटियों को काट कर सही किया तो उन्हें भी अयोग्य कर दिया गया हैं।

ये सभी उम्मीदवार जो अंतिम मेरिट सूची में हो सकते थे और जो नौकरियों के लिए चुने जाते, उन्हें एक नियम (जिसके बारे में एसएससी ने पूर्व में कोई सुचना नहीं दी) के द्वारा अयोग्य घोषित कर दिया गया हैं। एसएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं से पहले यूएफएम नियम मौजूद था लेकिन इन सभी वर्षों में उम्मीदवारों को अपनी वास्तविक पहचान लिखने के बाद भी अयोग्य घोषित नहीं किया गया था और उम्मीदवार पिछले वर्ष की प्रतियां पढ़कर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। यदि यूएफएम नियम में इस तरह के कठोर बदलाव किये गए है तो इसके बारे में छात्रों को अवगत करना चाहिए था, शुद्धिपत्र प्रारूप (Corrigendum notice) को प्रकाशित किया जाना चाहिए था या उम्मीदवारों के लिए पंजीकरण खुलने से पहले प्रकाशित परीक्षा की अधिसूचना (Notification) में उल्लेख किया जाना चाहिए था।

यह नियम एसएससी सीजीएल और एमटीएस के लाखो उम्मीदवारों को प्रभावित करने जा रहा है, यहां तक ​​कि एसएससी सीजीएल परीक्षा 2018 पत्र में भी अधूरा प्रेषक का पता लिखा हुआ था और रिसीवर का पता (प्रारूप का महत्वपूर्ण हिस्सा) औपचारिक पत्र के लिए प्रदान नहीं किया गया था। लेकिन इस सीजीएल मामले में यदि कोई उम्मीदवार प्रारूप सही करता है तो उसे यूएफएम के कारण अयोग्य घोषित किया जाएगा। न्यायपालिका ने कुछ मामलों में इस्पष्ट रूप से कहा है "परीक्षाओं को मानवीय त्रुटि नहीं बल्कि उम्मीदवारों की योग्यता की जांच करनी चाहिए" लेकिन इन फैसलों का एसएससी द्वारा उल्लंघन किया गया है।

हम सभी एसएससी (SSC) की तैयारी कर रहे छात्र, कोरोना वायरस से लड़ाई में सरकार के साथ खड़े हैं। पर हमारी सरकार से गुहार है कि इस संकट की घड़ी में सरकार भी हम छात्रों के लिए खड़ी हो।

इसलिए हमने ये पेटीशन शुरू की है ताकि बिना अवगत कराये लाये गए भयाभय काल्पनिक यु.एफ.म (Imaginary UFM ) को हटा के अभियर्थियों को न्याय दिलाया जाये ।प्लीज़ मेरी पेटीशन साइन करिये और जितना हो सके शेयर करिये।

हम यु.एफ.म नियम के खिलाफ नहीं है बल्कि इसमें बदलाव के बाद हो रहे गलत इस्तेमाल के खिलाफ है क्योंकि :

  1. नियम में बदलाब बिना किसी पूर्व सुचना से हुआ और यह सीधे परीक्षा भवन में परीक्षा प्रारम्भ होने के ठीक 5 मिनट पहले उत्तर पुस्तिका पर आया।
    नए नियम की विस्तृत जानकारी के आभाव में अभियर्थियों ने अपनी सालो से की गयी तैयारी तथा एसएससी द्वारा विगत वर्षो में जांची गयी उत्तर पुस्तिकाओं के आधार पर अपने उत्तर लिखे।
  2. इस नए नियम के आधार पर 25 फरवरी 2020 को प्रकाशित एसएससी CHSL के परिणाम में बहुत सारे अभियर्थियों को "हाउस नंबर 12, 11/23, 12/B, 86,101, 150, अ ब स,परीक्षा भवन " इतियादी तथा शब्दो जैसे " छोटी, बड़ी, आशा, अनुज, अग्रजा" को काल्पनिक पहचान मान कर फ़ैल कर दिया गया जो की दुर्भग्यपूर्ण है |
  3. तनाव और लॉकडाउन की इस स्तिथी में यु.एफ.म नियम के बदलाव के कारण पैदा हुई अनिश्चिता, अभियर्थियों के लिए मानसिक प्रताड़ना का कारण बनती जा रही हैं।
  4. अगर इस नियम को अपने पूर्व स्वरुप में बापस नहीं लाया जाता है तो भविष्य में आने वाले परीक्षा परिणामो में भी इसका गलत इस्तेमाल होगा, क्योंकि एसएससी की सभी परीक्षाओ को सम्मिलित रूप से देखा जाये तो लगभग 2 लाख अभियर्थी इस नियम से प्रभावित होंगे।

DoPT मंत्रालय और SSC के लिए हमारे अनुरोध बहुत ही सरल और आसान हैं :

  • इस मामले को देखने के लिए बनाई गई समिति में उम्मीदवार का प्रतिनिधित्व।
  • जांच समयबद्ध तरीके से होनी चाहिए
  • चूँकि SSC CGL टियर- III पत्र प्रश्न अधूरा है, "सभी को लाभ" दिया जाना चाहिए जैसा कि टियर II और उसी परीक्षा के टियर I में किया जाता है।
  • परिणाम कम समय में घोषित किया जाना चाहिए क्योंकि अधिसूचना जारी हुए दो साल से अधिक हो गए है।
     

अगर आप हम छात्रों के साथ हैं तो अभी ये पेटीशन साइन करिए ताकि हमारी गुहार सुनी जाए।