
माननीय श्री अमित शाह जी
सादर प्रणाम ।
हम एयर इंडिया से सेवानिर्वत कर्मचारी, एयर इंडिया के निजीकरण के उपरांत हमारे लिये CGHS की सुविधा का प्रावधान करने के आपके साहसिक निर्णय के लिये आपके हृदय से कृतज्ञ हैं।
लेकिन बड़े दुर्भाग्य का विषय है कि CGHS द्वारा इस विषय मे 15 मार्च 2023 को आदेश जारी करने व 6 महीने बीतने के बावजूद CGHS के साथ संबंधित अधिकांश हास्पिटल्स कैशलेस एडमिशन व कंसल्टेशन नहीं दे पा रहें हैं। हॉस्पिटल्स का यह कहना है कि एयर इंडिया सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बेनेफिसिसरी कार्ड ऑटोनोमस बॉडी के पेंशनर्स वाला पीले रंग का मिला है जो IPD के लिए मान्य नहीं है।
कुछ हॉस्पिटल्स को कर्मचारियो द्वारा बड़ी insistence के बाद कैशलेस के लिये राजी किया गया है पर उनमें से कुछ ने UTIITSL द्वारा समय पर बिल्स की पेमेंट न करने पर यह सुविधा रोक दी है।
महोदय, आपको भली भांति ज्ञात होगा कि एयर इंडिया कर्मचारियों को कोई पेंशन नहीं मिलती। पेंशन के नाम पर LIC से हमारे द्वारा किये गए अंशदान पर ब्याज दिया जाता है जिसकी राशि 500 रुपये से 2000 रुपये प्रति माह/ तीन माह अधिकतम है। इस राशि मे घर व स्वास्थ्य सुविधाओ को हासिल करना बहुत कठिन है।
जहां तक एयर इंडिया को ऑटोनोमस की श्रेणी में रखने का प्रश्न है हमारा यह निवेदन है कि हमारे संघटन को हमेशा केंद्रीय सरकार द्वारा स्थापित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा, सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों व सरकार द्वारा जुटाए गए पूंजी द्वारा ही चलाया गया है। इस उपक्रम में 100% स्वामित्व भारत सरकार का हमेशा रहा था। यदि कुछ कानूनी नुक्ते इसमे अड़चन डाल रहें हैं तो आपके दिशा निर्देश में कुछ रास्ता अवश्य ही ढूंढा जा सकता है जिससे कि एयर इंडिया के सेवनिर्वत कर्मचारियो को सभी CGHS के हॉस्पिटल्स से कैशलेस IPD की सुविधा के संबंध में आपके द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णय को सुचारू रूप से अमल में लाया जा सके। अन्यथा CGHS का 15 मार्च का आदेश अर्थहीन ही रहेगा।
IPD देने से हॉस्पिटल्स परहेज इसलिये भी करते हैं क्योंकि उनका UTIITSL जिसको की Bills Paying Agency नियुक्त किया गया है, उसमे भरोसे की बेहद कमी है। शुरुआत में मन्त्रालय द्वारा NHA (नेशनल हैल्थ अथॉरिटी ) को यह ज़िम्मेदारी दी गई थी परंतु इनके द्वारा इनकार करने पर यह कार्य UTIITSL को दे दिया गया। सेवानिवत्त कर्मचारियों के लाखों रुपये के बिल, जो उन्हें कैशलेस IPD उपलब्ध न होने के कारण खर्च करने पड़ते हैं, इस संस्था के पास बकाया पड़े हैं, पूछने पर अक्सर यह कह दिया जाता है कि बिल्स AIAHL के पास अप्रूवल के लिये पेंडिंग हैं।
आपसे अनुरोध है कि UTIITSL के स्थान पर NHA को बिल्स पेमेंट की जिम्मेदारी सौंप दी जाय। सभी हिस्पिटल्स के पास NHA का पोर्टल उपलब्ध है तथा CGHS द्वारा एयर इंडिया के कर्मचारियों का डेटा भी NHA को आसानी से उपलब्ध करवाया जा सकता है। आज की तारीख में ज्यादातर हॉस्पिटल्स UTIITSL का लोगइन ID व पासवर्ड न होना व पोर्टल को ट्रैनिंग न होने का कारण बताते हुए अपनी अनिच्छा व्यक्त कर देते हैं। हमे पूर्ण विश्वास है कि NHA के आने से सभी हॉस्पिटल्स खुशी खुशी एयर इंडिया के सेवनिर्वत कर्मचारीओ को CGHS के मानदंडों अनुसार स्वास्थ्य सुविधाएं दे पाएंगे।
श्रीमान जी हमे जो कार्ड जारी किए गए इन कार्डस पर रूम एंटाइटलमेंट का ज़रूरी विवरण भी नहीं है जिसकी वजह से जो कुछ थोडे से हॉस्पिटल्स केशलेस सुविधा दे रहें हैं वहां भी हॉस्पिटल्स व कर्मचारियों को मुश्किल का सामना करना पड़ता है।
इसके अतिरिक्त इन कार्ड्स की मान्यता सिर्फ एक वर्ष हैं तथा हर साल CGHS को इनका नवीनीकरण करवाना पड़ता है और कर्मचारियों को फिर से सायबेर Caffe आदि में जा कर नए कार्ड निकलवाने पड़ते हैं। कार्ड की एक्सपायरी व नए कार्ड बनने के बीच के समय में कर्मचारियों को OPD व IPD सुविधा लेने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। आपके ध्यान में यह तथ्य लाना चाहेंगे की सभी कर्मचारीओ ने एक मुश्त राशि एयर इंडिया में जमा दी थी व आज जो कर्मचारी एयर इंडिया से सेवनिर्वत हो रहें है वह भी CGHS के नियमों के अनुसार 10 वर्ष का कॉन्ट्रिब्यूशन एक मुश्त जमा करवा रहें हैं लेकिन कार्ड एक वर्ष का ही बनाया जा रहा है।
एयर इंडिया के निजीकरण से पहले एयर इंडिया कर्मचारी स्वास्थय स्कीम का लाभ मिल रहा था। यह स्कीम निरस्त कर देने पर जो कर्मचारी एयर इंडिया के पैनल वाले हॉस्पिटल से इलाज करवा रहे थे अब उनको इस हॉस्पिटल द्वारा इलाज बंद कर दिया गया है यदपि यह हॉस्पिटल CGHS के पैनल पर भी हैं।
एयर इंडिया स्वास्थ्य स्कीम के हकदार तभी बने थे जब कर्मचारियों ने एक मुश्त भुगतान एयर इंडिया के नियमों के अनुसार किया था जिसके अंतर्गत उन्हें अन्य सरकारी कर्मचारिओं की भांति जीवन भर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भरोसा दिया गया था। बड़ी उम्र के कारण हिंस्पिटल्स की सुविधा बहुत ही अनिवार्य है। हमारी करबद्ध प्रार्थना है कि इस सुविधा के अमल में आने वाले कारणों की जांच करवाएं व सभी सेवानिर्वत कर्मचारियों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने की कृपया करें।
हमे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है है कि हमारी उपरोक्त Appeal पर आप अपना कीमती समय निकाल कर अवश्य ही विचार करेंगे व उचित समाधान निकाल कर हम सभी एयर इंडिया सेवनिर्वत कर्मचारियों को न्याय दिलवाने का प्रयास करेंगे।
धन्यवाद
एयर इंडिया के सभी सेवानिवर्त कर्मचारी