
बेजुबान जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करें
The Issue
भारत में बेजुबान जीवों, विशेषकर स्ट्रीट डॉग्स और अन्य कैटल्स के प्रति सरकार और प्रशासन की उदासीनता और संवेदनहीनता चिंता का विषय है। इन बेज़ुबानों को सताया जा रहा है और उन पर क्रूरता की जा रही है। यदि सरकार ने 2003 से लेकर 2023 तक एनिमल बर्थ कंट्रोल और पशु क्रूरता अधिनियम बनाए, तो फिर क्यों वे इन जानवरों की सही रक्षा नहीं कर पा रहे हैं?
सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले से भारतवासियों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। यह फैसला मानवता को शर्मिंदा करता है। क्या इन बेजुबान जीवों का यही दोष है कि वे अपनी जुबान से अपनी व्यथा नहीं व्यक्त कर सकते? भारत में कोई भी अवांछनीय घटना होती है, तो इंसानों द्वारा इन बेजुबानों को पीड़ित किया जाता है। क्या माता-पिता अपने बच्चों को यह संस्कार नहीं सिखा रहे कि भारत मानवता और एकता का प्रतीक है?
हम सब भारतीयों की जिम्मेदारी है कि इन बेजुबानों के लिए आवाज उठाएं। यह न केवल हमारे मानवता के लिए जरूरी है, बल्कि हमारे समाज के मूल्यों की पराकाष्ठा भी है।
अतः हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि इन बेजुबान जीवों की भलाई सुनिश्चित करें और उनके प्रति क्रूरता को रोके। इन विषयों पर दिए गए फैसलों पर पुनर्विचार किया जाए और बेजुबान जीवों को भी जीवन जीने का अधिकार दिया जाए।
कृपया इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और इन बेजुबानों की आवाज बनें।
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भारत में बेजुबान जीवों, विशेषकर स्ट्रीट डॉग्स और अन्य कैटल्स के प्रति सरकार और प्रशासन की उदासीनता और संवेदनहीनता चिंता का विषय है। इन बेज़ुबानों को सताया जा रहा है और उन पर क्रूरता की जा रही है। यदि सरकार ने 2003 से लेकर 2023 तक एनिमल बर्थ कंट्रोल और पशु क्रूरता अधिनियम बनाए, तो फिर क्यों वे इन जानवरों की सही रक्षा नहीं कर पा रहे हैं?
सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले से भारतवासियों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। यह फैसला मानवता को शर्मिंदा करता है। क्या इन बेजुबान जीवों का यही दोष है कि वे अपनी जुबान से अपनी व्यथा नहीं व्यक्त कर सकते? भारत में कोई भी अवांछनीय घटना होती है, तो इंसानों द्वारा इन बेजुबानों को पीड़ित किया जाता है। क्या माता-पिता अपने बच्चों को यह संस्कार नहीं सिखा रहे कि भारत मानवता और एकता का प्रतीक है?
हम सब भारतीयों की जिम्मेदारी है कि इन बेजुबानों के लिए आवाज उठाएं। यह न केवल हमारे मानवता के लिए जरूरी है, बल्कि हमारे समाज के मूल्यों की पराकाष्ठा भी है।
अतः हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि इन बेजुबान जीवों की भलाई सुनिश्चित करें और उनके प्रति क्रूरता को रोके। इन विषयों पर दिए गए फैसलों पर पुनर्विचार किया जाए और बेजुबान जीवों को भी जीवन जीने का अधिकार दिया जाए।
कृपया इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और इन बेजुबानों की आवाज बनें।
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Petition created on November 11, 2025