
छोटे व्यापारियों के लिए UPI MDR चार्ज हटाएँ
समस्या
भारत में छोटे और मझोले व्यापारी (SMEs) हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इनसे लाखों लोगों को रोजगार मिलता है और ये देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। लेकिन, छोटे व्यापारियों के सामने आज एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी है - UPI लेनदेन पर MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) चार्ज।
UPI लेनदेन आसान और तेज़ी से बढ़ता हुआ पेमेंट मोड है, जिससे व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को लाभ पहुंचा है। लेकिन, MDR चार्ज से छोटे व्यापारी परेशान हैं, जिन्हें पहले ही कम मार्जिन पर काम करना होता है। इन पर अतिरिक्त चार्ज का भार डालना उनके लिए आर्थिक रूप से विनाशकारी हो सकता है।
RBI की रिपोर्ट के अनुसार, देश में 98% से अधिक ग्राहक UPI का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे समय में, MDR चार्ज को पूर्णतः समाप्त करना जरूरी है ताकि छोटे व्यापारी बिना किसी वित्तीय दवाब के अपने व्यापार को बढ़ा सकें। ऐसे निर्णय से डिजिटल लेनदेन को और प्रोत्साहन मिलेगा और साथ ही वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार को यह समझना चाहिए कि छोटे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति को सुधारना देश के लिए कितना महत्वपूर्ण है। MDR चार्ज हटाने के लिए ठोस कदम उठाने से लाखों छोटे व्यापारी सशक्त होंगे और इससे विशेष रूप से ग्रामीण और सेमी-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
हम, इस याचिका के द्वारा माननीय वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक से अनुरोध करते हैं कि वे तुरंत UPI MDR चार्ज को खत्म करने की दिशा में काम करें। इससे देश की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा सकारात्मक धक्का मिलेगा और समाज में आम नागरिक और व्यापारी दोनों के हित सुरक्षित रहेंगे।
कृपया इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और मिलकर छोटे व्यापारियों की आवाज बनें।

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समस्या
भारत में छोटे और मझोले व्यापारी (SMEs) हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इनसे लाखों लोगों को रोजगार मिलता है और ये देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। लेकिन, छोटे व्यापारियों के सामने आज एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी है - UPI लेनदेन पर MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) चार्ज।
UPI लेनदेन आसान और तेज़ी से बढ़ता हुआ पेमेंट मोड है, जिससे व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को लाभ पहुंचा है। लेकिन, MDR चार्ज से छोटे व्यापारी परेशान हैं, जिन्हें पहले ही कम मार्जिन पर काम करना होता है। इन पर अतिरिक्त चार्ज का भार डालना उनके लिए आर्थिक रूप से विनाशकारी हो सकता है।
RBI की रिपोर्ट के अनुसार, देश में 98% से अधिक ग्राहक UPI का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे समय में, MDR चार्ज को पूर्णतः समाप्त करना जरूरी है ताकि छोटे व्यापारी बिना किसी वित्तीय दवाब के अपने व्यापार को बढ़ा सकें। ऐसे निर्णय से डिजिटल लेनदेन को और प्रोत्साहन मिलेगा और साथ ही वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार को यह समझना चाहिए कि छोटे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति को सुधारना देश के लिए कितना महत्वपूर्ण है। MDR चार्ज हटाने के लिए ठोस कदम उठाने से लाखों छोटे व्यापारी सशक्त होंगे और इससे विशेष रूप से ग्रामीण और सेमी-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
हम, इस याचिका के द्वारा माननीय वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक से अनुरोध करते हैं कि वे तुरंत UPI MDR चार्ज को खत्म करने की दिशा में काम करें। इससे देश की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा सकारात्मक धक्का मिलेगा और समाज में आम नागरिक और व्यापारी दोनों के हित सुरक्षित रहेंगे।
कृपया इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और मिलकर छोटे व्यापारियों की आवाज बनें।

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16 सितंबर 2026 पर पेटीशन बनाई गई