

जॉय के कातिलों को कड़ी सज़ा मिले
समस्या
जॉय का गुनाह क्या था?
यही कि वो चिल्ला रहा था। उसके आवाज करने की उसको ये सजा मिली की उससे उसकी जिंदगी छीन ली। उस बेजुबान पर फायर कर दिया जिसके कारण गोली लगने के 15 मिनिट के अंदर उस ने दम तोड़ दिया।
मीडिया के अनुसार, “नगर निगम जबलपुर के एक रिटायर्ड अधिकारी के बेटे ने अपनी लायसेंसी पिस्तौल से एक पामेरियन डॉग की जान ले ली। दो दिन पहले डॉग ने रिटायर्ड हेल्थ ऑफिसर जी एस चंदेल के 18 माह के पोते पर खेल- खेल में झपट्टा मार दिया।
इस दौरान छोटे बच्चे को डॉग के नाखून लग गए. इस घटना से कुशाग्र के चाचा योगेश सिंह चंदेल काफी गुस्से में थे. रविवार रात जब डॉग उनके घर के पास घूमता दिखा तो योगेश ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से गोली मार दी. गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए. खून से लथपथ कुत्ते को देखकर लोगों को पूरी कहानी समझ में आ गई. बताया जाता है कि आरोपी ने डॉग को दौड़ा-दौड़ा कर गोली चलाई।”
क्या उसको बोलने का हक नही है? उसके चिल्लाने की सज़ा उसकी जान ले लेना सही था क्या?
जो इंसान गुस्से में बेजुबान को मार सकता है वो गुस्से में किसी इंसान को भी कर सकता है।
क्या जानवरो को जीने का हक नही है क्या ये दुनिया ये रोड क्या उनकी भी नही है क्या जो इंसान उनसे वहा भी रहने का हक छीन लेता है?
एफआईआर दर्ज हो चुकी है आरोपी अभी जेल में है कल उसकी सुनवाई है लेकिन.....आगे क्या होगा ये आप सब को पता है इसलिए आगे आइए और इस पोस्ट को इतना शेयर करिए की उस इंसान को सजा मिलकर रहे ताकि फिर से कोई बेजुबान बेमौत न मारा जाए।

पेटीशन बंद हो गई
समस्या
जॉय का गुनाह क्या था?
यही कि वो चिल्ला रहा था। उसके आवाज करने की उसको ये सजा मिली की उससे उसकी जिंदगी छीन ली। उस बेजुबान पर फायर कर दिया जिसके कारण गोली लगने के 15 मिनिट के अंदर उस ने दम तोड़ दिया।
मीडिया के अनुसार, “नगर निगम जबलपुर के एक रिटायर्ड अधिकारी के बेटे ने अपनी लायसेंसी पिस्तौल से एक पामेरियन डॉग की जान ले ली। दो दिन पहले डॉग ने रिटायर्ड हेल्थ ऑफिसर जी एस चंदेल के 18 माह के पोते पर खेल- खेल में झपट्टा मार दिया।
इस दौरान छोटे बच्चे को डॉग के नाखून लग गए. इस घटना से कुशाग्र के चाचा योगेश सिंह चंदेल काफी गुस्से में थे. रविवार रात जब डॉग उनके घर के पास घूमता दिखा तो योगेश ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से गोली मार दी. गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए. खून से लथपथ कुत्ते को देखकर लोगों को पूरी कहानी समझ में आ गई. बताया जाता है कि आरोपी ने डॉग को दौड़ा-दौड़ा कर गोली चलाई।”
क्या उसको बोलने का हक नही है? उसके चिल्लाने की सज़ा उसकी जान ले लेना सही था क्या?
जो इंसान गुस्से में बेजुबान को मार सकता है वो गुस्से में किसी इंसान को भी कर सकता है।
क्या जानवरो को जीने का हक नही है क्या ये दुनिया ये रोड क्या उनकी भी नही है क्या जो इंसान उनसे वहा भी रहने का हक छीन लेता है?
एफआईआर दर्ज हो चुकी है आरोपी अभी जेल में है कल उसकी सुनवाई है लेकिन.....आगे क्या होगा ये आप सब को पता है इसलिए आगे आइए और इस पोस्ट को इतना शेयर करिए की उस इंसान को सजा मिलकर रहे ताकि फिर से कोई बेजुबान बेमौत न मारा जाए।

फैसला लेने वाले
पेटीशन अपडेट
पेटीशन को शेयर करें
15 नवंबर 2021 पर पेटीशन बनाई गई