इस देश में आज भी ऐसिड इतनी आसानी से कैसे बिक रही है? ऐसिड की बिक्री पर रोक लगाओ!

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समस्या

चेतावनी: पेटीशन में ऐसिड अटैक व लिंग आधारित हिंसा का उल्लेख है

वो अपनी छोटी बहन के साथ स्कूल जा रही थी, लेकिन एक झकझोर कर रख देने वाले हमले ने दिल्ली की 17 वर्षीय लड़की को सीधा अस्पताल पहुँचा दिया। उसके घर से महज 100 मीटर की दूरी पर बाइक पर सवार एक लड़के ने उसके चेहरे पर तेजाब फेंक दिया। उसका चेहरा, उसकी गर्दन, उसकी आँखें और उसके सपनो को तेजाब से जला दिया गया।  

जब सोचती हूँ तो रूह काँप उठती है। हमारे देश की किसी भी महिला व बच्ची पर दिन दहाड़े ऐसा हमला हो सकता है! 

मैं खुद एक एसिड अटैक सर्वाइवर हूं। जब इस जघन्य अपराध की खबरें सुनती हूँ तो मेरे घाव फिर से ताज़ा हो जाते हैं।

मेरा यकीन करें, ऐसी घटनाएं तब तक होती रहेंगी जब तक कि पूरा देश एक स्वर में नहीं बोलता कि भारत में अब और एसिड अटैक नहीं होने चाहिए! 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अपराधियों ने तेजाब ऑनलाइन खरीदा था। ये जानकर हर उस भारतीय में जो महिला सुरक्षा की परवाह करते हों, ग़ुस्से की आग जलनी चाहिए। 

क्या हमारी जानें इतनी सस्ती है?

देश के सर्वोच्च न्यायालय ने 2013 में एसिड की अनियंत्रित बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई थी। फिर भी वही ऐसिड जो किसी व्यक्ति का चेहरा ही नहीं बल्कि पूरी ज़िंदगी बर्बाद कर सकता है, इतने आसानी से ऑनलाइन और दुकानों में कैसे बिक रही है? 

मीडिया रीपोर्ट्स में ये भी कहा गया है कि वो लड़की नैशनल लॉ यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए CLAT की परीक्षा की तैयारी कर रही थी। पढ़ाई तो दूर की बात है, अब तो उसे अपने ज़िंदगी के लिए लड़ना पड़ेगा! 

हम अब चुप चाप ऐसे अपराधों को होता नहीं देख सकते! मेरा साथ दें और तब तक बोलते रहें जब तक कि ऐसिड अटैक पूरी तरह से बंद नहीं हो जाते।

मेरी पेटीशन साइन करें और मांग करें कि देश में तेजाब की बिक्री को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएँ, चाहे उसे ऑनलाइन बेचा जा रहा हो या दुकानो में। 

मेरा साथ दें और एसिड अटैक के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाएँ। मेरी पेटीशन साइन करें और इसे जितना हो सके शेयर करें। 

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The Laxmi Foundation .पेटीशन स्टार्टर

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15 दिसंबर 2022 पर पेटीशन बनाई गई