उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी 2018 नियुक्ति

उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी 2018 नियुक्ति

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आदणीय सर,
सादर नमस्कार

मैं सभी अभ्यर्थियों की तरफ से विज्ञप्ति से लेकर अभी तक हुई प्रक्रिया का वर्णन आपके समक्ष करना चाहता हूं। जो निम्नवत है-

*पद से संबंधित जानकारी*
*आयोग*- UPSSSC
*विज्ञापन संख्या:* 02-परीक्षा/2018
*पद का नाम*- समलित ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी एवं समाज कल्याण पर्यवेक्षक।

*प्रक्रिया से संबंधित जानकारी*

30 मई 2018 को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आयोग के द्वारा शुरू की गयी। एवं आवेदन करने की अंतिम तिथि 29 जून 2018 थी।

परीक्षा 2 दिवस में 22 और 23 दिसंबर 2018 को 4 चरणों में पूरे प्रदेश के विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों मे आयोजित की गयी।

28 अगस्त 2019 को लगभग 8 महीने बाद आयोग की वेबसाइट पर परिणाम जारी किया गया। जिसमे 136 लोगो को आयोग ने OMR मे अनियमितता के कारण आयोग की परीक्षा से डिबार कर दिया गया और उन पर कानूनी करवाही भी चली 136 लोगों को बाहर करने के बाद ही अंतिम परिणाम 28 अगस्त 2019 को जारी कर दिया गया था।


3 सितंबर 2019 को आयोग ने मासिक कैलेंडर जारी किया जिसमे लिखा था *"माह अक्तूबर 2019 के चतुर्थ सप्ताह मे अभिलेख सत्यापन हेतु कारवाई संभावित है।"*


पुनः 5 अक्टूबर 2019 को आयोग ने कैलेंडर जारी किया जिसमे लिखा था *"माह नवम्बर 2019 में अभिलेख सत्यापन हेतु कारवाई संभावित।"*

पुनः 4 नवम्बर 2019 को आयोग ने कैलेंडर जारी किया जिसमे लिखा था *"माह नवम्बर 2019 में अभिलेख सत्यापन हेतु कारवाई संभावित।"*

6 नवम्बर 2019 को हम सभी चयनित अभ्यर्थियों ने आयोग में एक जोरदार धरना दिया लेकिन हम सभी को आश्वाशन देकर के वापस भेज दिया गया।


पुनः 3 दिसम्बर 2019 को आयोग ने कैलेंडर जारी किया जिसमे लिखा था *"माह जनवरी 2020 के प्रथम पक्ष में अभिलेख सत्यापन हेतु कारवाई संभावित।"*


25 दिसम्बर 2019 को हम सभी चयनित अभ्यर्थियों ने फिर से एक जोरदार धरना दिया लेकिन फिर हमको आश्वाशन देकर के वापस भेज दिया गया।
जनवरी 2020 मे भी प्रक्रिया आगे नही बढ़ सकी।

इसीलिए 24 जनवरी 2020 को हम सभी चयनित अभ्यर्थियों ने फिर से एक जोरदार धरना दिया। फिर हम सभी को आश्वाशन देकर वापस भेज दिया गया।

पुनः 31जनवरी 2020 को आयोग ने कैलेंडर जारी किया जिसमें लिखा था *"माह फरवरी 2020 में अभिलेख सत्यापन हेतु कारवाई संभावित।"*

 

इन झूठे आश्वाशन से हम सभी अभ्यर्थी बहुत परेशान हो गए थे इसीलिए फिर एक बार हमने अपनी छात्र एकता के बल का प्रयोग करते हुए 6 फरवरी 2020 को हम सभी चयनित अभ्यर्थियों *भूख हड़ताल* पर बैठ गए। सुबह से दोपहर हो गयी थी। हमारे साथी बहुत दूर दूर से आये थे। वो सभी बुरी तरह से थके होने के बाद भी लगभग 8 घंटे तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे। दोपहर बाद जैसे की हमने सोचा था हमे फिर से आश्वाशन दे दिया गया कि आपके दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को शीघ्र ही शुरू किया जाएगा।हम सभी अभ्यर्थी निराश होकर वापस चले गए।

4 धरने के बाद आयोग ने अभिलेख सत्यापन का नोटिस जारी किया जिसमे 1553 बच्चों का अभिलेख सत्यापन 12 मार्च 2020 से लेकर के 2 जून 2020 तक कराने की बात कही गयी और बाकि 399 छात्रों के अभिलेख सत्यापन को बाद में कुछ जाँच के बाद कराने के लिए बोल दिया।

आयोग से परेशान होकर पाँचवी बार चयनित अभ्यर्थियों ने 2 मार्च 2020 को फिर से एक जोरदार धरना दिया लेकिन फिर हमको आश्वाशन देकर के वापस भेज दिया गया।

प्रतिदिन केवल 30 लोगो के हिसाब से अभिलेखों की जाँच होनी थी जो की आयोग की क्षमता से बहुत ही कम थी और मात्र 1553 लोगों के अभिलेख सत्यापन के लिए ढाई महीने से भी ज्यादा समय का schedule जारी किया गया। हम फिर भी खुश थे कि अंततः कुछ तो प्रक्रिया आगे बढ़ी।

परन्तु 18 मार्च को एक नोटिस आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया गया जिसमें कहा गया कि कोरोना महामारी मे लॉकडाउन के कारण अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया को अगले आदेश तक स्थगित किया जाता है जिसको लॉकडाउन समाप्त होने के बाद पुनः प्रारंभ किया जाएगा।

लेकिन पहले लॉकडाउन के समाप्त होने के बाद फिर से नोटिस आया कि *"अब अभिलेख सत्यापन को कोरोना महामारी के चलते अनिश्चित काल के लिए रोक दिया गया है।"*

पुनः 20 जून 2020 को एक और नोटिस जारी किया गया जिसमें कहा गया कि *"ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती के सम्बन्ध में SIT का गठन किया गया है अगली सभी प्रक्रिया SIT जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही प्रारंभ की जाएगी।"*

हम सभी के द्वारा इतना प्रयास करने के बाद भी अभी तक हमें नियुक्ति नही मिल सकी है। केवल एक चरण की परीक्षा को पूर्ण करने में आयोग ने 2 वर्ष से अधिक का समय लगा दिया जब 3 बार जाँच होने के बाद अंतिम परिणाम जारी किया गया तो फिर से जाँच क्यों? यदि जाँच हो भी रही है तो शीघ्रातिशीघ्र जाँच पूर्ण करके हम 1952 छात्रों को नियुक्ति दी जाए ताकि हम इस कोरोना महामारी के समय देशसेवा में योगदान दे सकें।

इसके अतिरिक्त सभी चयनित अभ्यर्थि लगातार ट्वीट करते रहते हैं। कई बार *#ग्रामपंचायतअधिकारी2018* इंडिया में और उत्तर प्रदेश में *trending* में भी रहा है। साथ में अभ्यर्थियों द्वारा विभिन्न जिलों में सांसद/विधायक/DM/CDO आदि को ज्ञापन भी सौंपे गए। तदोपरांत भी दस्तावेज सत्यापन एवं नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नही बढ़ सकी है।

हम सभी अभ्यर्थी मानसिक रूप से बीमार होते जा रहे हैं। इतने वर्षों के कठिन परिश्रम के बाद चयन होता है लेकिन यदि नियुक्ति न मिले तो अभ्यर्थियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। नियुक्ति को लेकर मन में बहुत से ख्याल आते रहते हैं। न पढ़ने में मन लगता है न ही किसी कार्य में।

हमें पूर्ण विश्वास है आप हम सभी पीड़ित अभ्यर्थियों की मदद अवश्य करेंगे।

सभी चयनिय एवं पीड़ित अभ्यर्थी
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