बिल्डरो की लूट से बचाओ।।#SAVE_FROM_Builder ://twitter.com/nationalist_om/st

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अपना घर हो ये सपना सभी लोग देखते है सपना देखना कोई गुनाह नही है ये सपना मैने व मेरे जैसे लाखों भाईयो ने देखा जो छोटे छोटे शहरों व गावो से महानगरों मे नौकरी करने आते है।

हमसे बस ये गुनाह हुआ कि हमने इस सपने को पूरा करने के लिये जी तोड़ मेहनत की व टैक्स आदि से बचायी गई जमा पूजीं से व पिता जी ने भी अपनी पैशन का पैसा निकाल कर मदद करके (जिससे बेटे का अपना घर हो व किराये मे बेटे की कमाई ना जाये ये सब सोचकर) एक छोटा घर बिल्डर से बुक करा दिया। 

बस यही गुनाह हमसे हो गया। 2010 के आसपास जितने भी लोगो ने फ़्लैट  बुक किये ,उनमे से ज़्यादातर लोग अभी तक बेघर है। 

उनमे से ही एक मै भी गुनाहगार हुँ जिसने ग्रेटर नोयडा जैसे विकसित स्मार्ट शहर मे रहने का सपना देखा व AVJ Heights ZETA-1 ग्रेटर नोयडा मे घर बुक किया । सन् 2010 मे बुक किये  गये घर का 2019 के अंत होने तक भी मालिकाना हक नही मिला है । बिल्डर ने बहुत से कार्य अधूरे छोड़ रखे है । कम्पलिशन सर्टिफ़िकेट ,लिफ़्टें AMC, Fire Safty /बिजली बिभाग सर्टिफ़िकेट ,पार्किंग एलोटमेंट, क्लब, सीसीटीवी, , रजिस्ट्री आदि आदि कई कार्य अधूरे मुँह लटकाये पड़े है लेकिन मजाल है जो प्रशासन बिल्डर पर सख़्ती दिखाये। एक साल पहले ज़रूर बिल्डर पर गैग्सटर एक्ट लगाया गया था लेकिन पुलिस प्रयासो की पोल खोलने के लिये। आज तक बिल्डर को कोई छू तक नहीं पाया है। 

बिल्डर AVJ ने लगभग 400 फ़्लैटों को दो या तीन ख़रीदारों को बेचकर लगभग 800 करोड़ का घोटाला किया है। ये केवल AVJ की कहानी नहीं है ज़्यादातर बिल्डर प्रोफ़ाईल फ़ंडिंग करवाकर कई कई ख़रीदारों के नाम एक ही फ़्लैट के लिये बैकों से सस्ता लोन ले लेते है । जिसका ख़ामियाज़ा असली ख़रीदार को भुगतना पड़ता है । कई केस ऐसे देखे है कि लोग ये सदमा बर्दाश्त  नहीं कर पाते कि उनके घर का कोई दूसरा भी मालिक है व हार्ट अटैक होने से मौत का शिकार हो रहे है। 

कई लोगो ने तो दुखी होकर इच्छा म्रत्यु तक की मॉग की है। करे भी क्यो नही जब जीवन की जमा पूजीं बिल्डर लूट चूका है हम अपने घर को तो पा नही सके लेकिन घर मे कोई बिमार हो उसके इलाज के लिये पैलेस जुटाने कोन लिये मोहताज है। घर बिल्डर को सरेंडर करके उसे गंभीर बिमारी से पीड़ित परिवार के सदस्य को भी नही बचा सकते। 

ये हाल केवल एक बिल्डर का नहीं है नोएडा , ग्रेटर नोएडा जैसे सभी महानगरों में आम नागरिक हताश व परेशान है। कोई सुनवाई नहीं बल्कि कई बार तो निवासियों को प्रशासन इसलिये मुचलको में लाबित कर देता है जिससे उसकी नींद मे दिखल ना हो। 

योगी ज़ी व मोदी जी की सरकार आने पर एक उम्मीद जगी थी जिनके द्वारा रेरा क़ानून लागू किया गया लेकिन यह भी फ़्लेट खरीददारो को उनका हक नही दिलवा पा रहा। 

 

संसद मे दिल्ली के सांसद विजय गोयल जी ने इस मुद्दे को उठाया भी था जिसमे उन्होंने कहा था कि ये एक प्रकार का बलात्कार है जिसमे लोगो की जीवन की जमा पूजीं लूटी जा रही है व उन्होंने यहा तक मॉग की कि ऐसे बिल्डरो को फॉसी चढ़ा देना चाहिये। लेकिन अभी तक किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की गई।

ये कैसा विधान है जहॉ पहले टैक्स अदा कर्ता आम आदमी घर बुक कराकर बिल्डर द्वारा लूटा जाये व फिर कोर्ट कचहरी मे वकीलों द्वारा लूटा जाये। 

हमारी सरकार से विनम्र विनती है कि अब कमेटी कमेटी का खेल बंद करके सीधे कार्यवाही की जाये। जो जो बिल्डर काम नही कर रहे है व घोटालों में लिप्त है उन पर बिना किसी लाग लपेट के सख़्त से सख़्त कार्यवाही की जाये जिससे ईमानदारी से टैक्स दे रहे लोगों को उनका घर मिल सके व किराये के बोझ से राहत मिले।

बिल्डर्स पर सख़्त कार्यवाही से फ़्लैट ख़रीदार को तो न्याय मिलेगा ही सरकार को भी बिल्डर से रूका हुआ राजस्व प्राप्त होगा। जो बिल्डर अपने को दिवालिया घोषित करे उसकी क़ानून के तहत संपत्ति बेचकर कार्य पूर्ण कराये जाये। 

आशा है सरकार मजबूर व हताश फ़्लैट ख़रीदार को न्याय दिलवाने के लिये बिल्डर्स पर सर्जिकल स्ट्राइक करेगी। 

प्रार्थी 

सभी पीड़ित फ़्लैट ख़रीदार।