पृथक मिथिला राज्य हेतु आवेदन पत्र

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Please, Sign this PIL/Public Petition Link/Appeal Petition Link by Clicking the Link below and also Send to your Friends/Family Members and other Separate Mithila State Supporters by Requesting him to Sign and Share for Joining the Events :

PETITION DETAILS  :

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=524805774702527&id=188383978344710

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Special Appeal to the people belongs to Mithilanchal  (North Bihar) to sign this petition which is shown in the above Links and reasons to sign this petition are given below:  

हे मैथिल बन्धुवर,

आहाँ सब बार बार एकहि प्रश्न पुछैत छी :

पृथक मिथिला राज्यक निर्माण कियाक ?

एहि सरल प्रश्नक उत्तर हमर सबहक जन्मभूमि मिथिला क्षेत्रक जर्जर अवस्था, लचरल व्यवस्था आर उदासीन प्रसाशन अछि । कारण बहुतो छैक । सबहक वर्णन एहि ठाम नहिं भऽ सकैछ । आउ किछु बिन्दु पर विचार करी :

१. स्वतंत्रता पूर्व ईस्ट इंडिया कंपनी १८१६ में नेपाली गोरखा राजा के साथ मिलकऽ मिथिला के लुटक माल समझि कऽ दू भाग में बाँटि एकर एक भाग लगभग पाँच हज़ार वर्ग मील सुगैली संधि के तहत नेपाल के दऽ देलक। एहि प्रकारें मिथिलाक ह्रदय दू भाग में बँटि गेल।

२. स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद मिथिला लगातार सरकारी उपेक्षा और उदासीनता के शिकार बनल रहल अछि ।

३. जल-प्रबंधन के अभाव में प्रति वर्ष मिथिला बाढ़िक विनाश लीला के झेलि रहल अछि एवं सुखार सँ पीड़ित रहैत अछी । जान-माल के भारी क्षति होइत अछि । कृषि उद्योग समाप्ति के कगार पर अछि । मज़दूर आर किसान पलायन के लेल मजबूर अछि आर अप्पन जन्मभूमि के छोड़ि पलायन कऽ रहल अछि ।

४. मिथिला में उद्योग शून्य पर अछि । चीनी मील, पेपर मील, जुट मील, लघु एवं कुटीर उद्योग बंद अछि ।रोज़गारक संभावना नगण्य अछि। कोलकाता, मुम्बई, दिल्ली, पंजाब, गुजरात, बंगलोर, मद्रास जा कऽ अप्पन जीविका चला रहल अछि ।

५. विहार के ३८ ज़िला में सँ लगभग तीस ज़िला मिथिला क्षेत्र में अबैत अछि । हालाँकि, एकौटा उच्च तकनीकी संस्थान ( IIT, IIM, AIMS) एहिठाम नहिं अछि । शिक्षा, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रक हालत बद स बदतर अछि । मिथिला क्षेत्रक लोक सब देश के कोना कोना में भटकय लेल मजबूर छथि।

६. शिक्षाक कुव्यस्था, स्वास्थ्य परिसेवाक लचरल हालत एवं रोज़गार के कोनो सम्भावना नहिं देखि अप्पन जन्मभूमि सँ दूर दोसर ठाम, देश के दोसर भाग में पलायन के लेल हमर बेटी, बेटा, भाई, बहिन, सब मजबूर छथि। उपेक्षाक दंश झेलबाक लेल विवश छथि।

७. भारतक प्राचीनतम भाषा में सँ एक मैथिली, जनक नंदनी सीताक भाषा मैथिली, विश्वक पचास सर्वाधिक बाजयवाला भाषा में शामिल मैथिली, साहित्य अकादमी में १९६५ ई. सँ प्रतिष्ठित मैथिली, संविधानक अष्टम अनुसूची में २००३ ई. सँ सामिल मैथिली, ज्योतिश्वर ठाकुर, विद्यापति , चन्दा झा, मणिपद्म, लोरिक, सलेहसक, दिनाभदरी, दुलरादयाल, नैका वंजारा, बाबा नागार्जुन, फजलुर रहमान हाशमीक भाषा मैथिली, लगभग छः करोड़ सँ अधिक मैथिलक भाषा मैथिली, किसान, मज़दूर और ग्रामीण माय-बहिनक एकमात्र भाषा मैथिली आइ बिहार में द्वितीय राजभाषा के रूप में सामिल नहिं भऽ सकल । मैथिली प्राथमिक शिक्षाक माध्यम नहिं बनि सकल । भाषा विकास एवं लिपि-संरक्षण-संवर्धनक कोनो व्यवस्था नहिं भऽ सकल । एकरा बादो शांति के पुजारी मैथिल मौन छथि, स्तब्ध छथि, नि:शब्द छथि । उपेक्षा, निराशा, हताशा के एहि सँ पैघ उदाहरण कि भय सकैत अछि ?

अत: मिथिलाक आर्थिक , सांस्कृतिक , राजनीतिक एवं भाषायी अस्तित्व , अस्मिताक संरक्षण आर संवर्धनक लेल एकमात्र विकल्प अछि :
"पृथक मिथिला राज्यक निर्माण"

'पृथक मिथिला राज्य निर्माण' लेल नारा बुलंद करबाक प्रयास अवश्य करी :

एकमात्र संकल्प ध्यान में,
मिथिला राज्य हो संविधान में ।

भीख नहिं अधिकार चाही ,
हमरा मिथिला राज्य चाही।

हमरा चाही अपन ताज ,
हमरा चाही अपन राज्य।

सब बीमारी के एक ईलाज
मिथिला राज्य मिथिला राज्य

अगरा पिछरा एक समाज
मिथिला राज्य मिथिला राज्य

संस्कृति भाषा के विकास
मिथिला राज्य मिथिला राज्य

गाम गाम में ऊठल आवाज
मिथिला राज्य मिथिला राज्य

विद्यार्थी सब माँगय जबाब
मिथिला राज्य मिथिला राज्य

मजदुर किसान के माँथ पर ताज
मिथाला राज्य मिथिला राज्य

पाग मुरेठा केलक आगाज
मिथिला राज्य मिथिला राज्य

मधुबनी सँ भागलपुर तक एक अवाज
मिथिला राज्य मिथिला राज्य

विदेहक धरती करय पुकार
मिथिला राज्य मिथिला राज्य

घर घर भेटत रोजगार
मिथिला राज्य मिथिला राज्य

शिक्षा के हेतैक प्रचार-प्रसार
मिथिला राज्य मिथिला राज्य

स्वास्थ्य सेवा में होयत सुधार
मिथिला राज्य मिथिला राज्य

मिथिलानी सबहक एक आवाज
मिथिला राज्य मिथिला राज्य

मिथिला-मैथिल करय पुकार
मिथाला राज्य मिथिला राज्य

सब मिल-जुलि कऽ करु आगाज
मिथिला राज्य मिथिला राज्य

विद्यापति के गीत में छैक साज
मिथिला राज्य मिथिला राज्य

शलहेस आ लोरिक करैथ आगाज
मिथिला राज्य मिथिला राज्य

सामूहिक एकताक प्रयास
मिथिला राज्य मिथिला राज्य

हमर नम्र निवेदन :

१. समस्त मैथिल, मिथिला-मैथिली सेवी संस्था सँ हमर नम्र निवेदन अछि जे अपन व्यक्तिगत, संस्थागत एवं राजनीतिक आकांक्षा के बिसरि कऽ सामूहिक एकताक प्रबल प्रयास के माध्यम सँ एक बेर अप्पन जन्मभूमि के समग्र विकास के लेल आर मिथिला-मैथिली के लेल एकजुट भऽ हुँकार भरू ।

२. मिथिला राज्य के निर्माण के लेल यदि कियौ On-Line Petitions पठाबैत छथि तऽ क्लिक कऽ कऽ अप्पन समर्थन अवश्य प्रदान करी एवम् हस्ताक्षर कऽ समर्थन करी :

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=524805774702527&id=188383978344710

आशा नहिं पूर्ण विश्वास अछि कि यदि सब समर्थन करताह तऽ संख्या लाखों में पहुँचि सकैत अछि । आउ, एहि कविता के एक बेर पुनः स्मरण कऽ हमसब मिलकऽ मिथिलाक दशा एवं दिशा बदलक लेल सहभागी बनीं आर अपन योगदान दी :

हिमाद्रि तुंग श्रृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती
स्वयं प्रभा-समुन्जला स्वतंत्रता पुकारती
प्रशस्त पूण्य पंथ है दृढ प्रतिज्ञ सोच लो
अमर्त्य वीर पुत्र हो बढे चलो बढे चलो ।

असंख्य कृति रश्मियाँ विकीर्ण दिव्य दाह-सी
सपुत मातृभूमि के रुको न शूर साहसी ।
अमर्त्य वीर पुत्र हो दृढ प्रतिज्ञ सोच लो
वीर हो बढे चलो बढे चलो बढे चलो ।।

जय मिथिला,
जय मैथिली,
जय मैथिल ।

डाॅ. माया शंकर झा 'राष्ट्र भाषा रत्न'
पृथक मिथिला राज्य अभियानी अध्यक्ष :
अखिल भारतीय मिथिला मुक्ति मोर्चा,
अखिल भारतीय पृथक मिथिला राज्य अभियानी संघ,
मिथिला स्वराज्य अभियान मंच (भारत भारती समाज),
मिथिला स्टूडेण्ट यूनियन -पश्चिम बंगाल इकाई

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Please, Sign the above PIL/Public Link/Appeal Petition and also Send to your Friends/Family Members and other Separate Mithila State Supporters by Requesting him to Sign and Share for Join the Events.

And/Or,

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आज — भारत भारती समाज आप पर भरोसा कर रहे हैं

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