शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थान व्यापार नहीं सेवा करें।

0 व्यक्ति ने हसताकषर गये। 100 हसताकषर जुटाएं!


इन दिनों भारत में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बढ़ते निजीकरण से सम्बन्धित संस्थानों में कमाई की होड़ लगी हुई है, जबकि यह क्षेत्र प्रत्येक व्यक्ति के मूल अधिकारों से जुड़ा हुआ है और देश के गरीब परन्तु प्रतिभाशाली युवाओं को आगे लाने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में और हर गरीब जरूरतमंद व्यक्ति को उच्चस्तरीय इलाज की सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकारी हस्तक्षेप द्वारा निःशुल्क या नाम मात्र के शुल्क पर सभी नागरिकों को वांछित सुविधा उपलब्ध करवाना आवश्यक है।