Sustainable Consumption Campaign

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Chaudhary Bansi Lal University CBLU started this petition to Hon'ble Ram Nath Kovind‎ (President of India) and

In the absence of Sustainable Consumption, lakhs of tonnes of food grains are wasted every year in our country. Amazon forests which are also called "Lungs of the earth" contributes to 20% of earth's oxygen are threatened due to deforestation for growing Soy which is not for feeding humans but for feeding livestock. If this current trend continues, till 2030 around 1/4th of Amazon biome will be without trees. We have only 03 % of drinking water on our planet. The relevance of sustainable consumption has increased in present times. In the absence of sustainable consumption, our life on this earth will become difficult in the coming times. Due to modern food habits and lack of sustainable consumption, the problem of obesity and diabetes is increasing in society. The objective of this campaign is to make people aware of water conservation, food security, nutritious food, plantation, indigenous food system.

So I hereby take a pledge that

1. I will not let food go waste in my entire life.

2. I will not waste clean and drinking water in my daily life and will preserve it for the future
3. I will promote the idea of simple living and high thinking in my lifetime.
4. I take a pledge that I will not consume drugs and will make other people aware of it for its prevention.
5. I pledge to plant at least 10 saplings in my lifetime
6. I pledge that I will prefer to consume indigenous food than fast food.

7. I pledge that I will take plant-based food on my plates for saving animals, improving our own health as well as for the sake of a sustainable environment.

Organiser:

Department of Social Work, Chaudhary Bansi Lal University Bhiwani, Haryana,

Email: socialwork2014cblu@gmail.com 

 

सस्टेनेबल कंजप्शन के अभाव में हमारे देश में हर साल कई लाख टन अनाज बर्बाद हो जाता है|वर्तमान समय में सस्टेनेबल कंजप्शन की प्रासंगिकता बढ़ गई है। अमेज़ॅन के जंगलों को "पृथ्वी के फेफड़े" भी कहा जाता है, जो पृथ्वी के ऑक्सीजन का 20% योगदान देता है| सोया उगाने  के कारण  वन कटाव के कारण खतरा  बढ़ा है जो मनुष्यों को खाद्य पदार्थ  के लिए नहीं है बल्कि पशुओं को खिलाने के लिए उगाया जाता है। यदि यह वर्तमान प्रवृत्ति जारी रहती है, तो 2030 तक अमेज़ॅन बायोम का लगभग 1/4 वां हिस्सा पेड़ों के बिना होगा। हमारे ग्रह पर पीने का पानी केवल 03% है। सस्टेनेबल कंजप्शन के अभाव में इस धरा पर हमारा जीवन आने वाले समय में कठिन हो जाएगा। आधुनिक खानपान की शैली व सस्टेनेबल कंजप्शन की जानकारी के अभाव में समाज में मोटापे व मधुमेह की समस्या बढती जा रही है | इस अभियान का उदेश्य  आमजन को जल बचाव, खाद्यन्न सुरक्षा, सुपोषित भोजन, पौधारोपण, देशी खान- पान को वरीयता देने के लिए लोगो को जागरूक करना है |

अतः मैं शपथ लेता हूं/लेती हूं कि

1. मैं अपने संपूर्ण जीवन में अन्न को व्यर्थ नहीं जाने दूंगा/दूंगी।

2. मैं अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता को व्यर्थ नहीं करूंगा/करुँगी  और भविष्य के लिए उसका संरक्षण करूंगा/ करूंगी
3. मैं अपने जीवन काल में सादा जीवन उच्च विचार को स्थान दूंगा/ दूंगी।
4. मैं शपथ लेता हूं कि मैं मादक पदार्थो का सेवन नहीं करूंगा/करुँगी  और इसकी रोकथाम के लिए अन्य लोगों को भी जागरूक करूंगा/ करूंगी।
5. मैं यह शपथ लेता हूं कि अपने जीवन काल में कम से कम 10 पौधे अवश्य लगाऊंगा/लगाऊंगी
6. मैं शपथ लेता/लेती हूं कि मैं अपने दैनिक जीवन में फ़ास्ट फ़ूड की अपेक्षा देसी खानपान को स्थान दूंगा/ दूंगी।

7. मैं शपथ लेता/लेती हूं कि मैं अपने दैनिक जीवन में जीव-जंतुओं की रक्षा के लिए, अपने स्वास्थ्य को उत्तम बनाने के लिए और सतत पर्यावरण हेतु बने शाकाहारी भोजन को ही  ग्रहण करूँगा/ करुँगी |

 

सयोंजक :

समाजकार्य विभाग,

चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय भिवानी, हरियाणा |

Email: socialwork2014cblu@gmail.com 

 

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