Requesting 12% or less GST input/output rate for small traders in India (75 Lakh turnover)

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सेवा में
श्री नरेन्द्र मोदी जी
महामान्य प्रधानमंत्री
भारत सरकार
नई दिल्ली

महामान्य प्रधानमंत्री महोदय,

प्रणाम!!
संसद के केंद्रीय हॉल में GST पर आपके कालजयी उदबोधन के लिए विशेष साधुवाद. हालांकि GST पूरे देश में लागु हो चुका है परंतु सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है. एक छोटे व्यापारी की हैसियत से कुछ सुझाव जिनका लागु होना मुझे GST की सफलता के लिए बेहद आवश्यक प्रतीत हो रहा है, उन्हें आपके समक्ष रखने की अनुमति चाहूंगा-

1. वैसे 'B2B और B2C' व्यापारी जिनका कुल कारोबार सालाना 75 लाख के भीतर है, उन्हें भी वर्तमान GST नियम के तहत कंपोजिशन स्कीम का कोई फायदा नहीं है क्योंकि वे इनपुट क्रेडिट को आगे की कड़ी में बढ़ा नहीं सकते हैं. यह बड़े-मझौले व्यापारों की तुलना में बढ़ने के लिए एक सही 'लेबल फील्ड' नहीं है. कृपा कर उन्हें किसी भी श्रेणी की वस्तु या सेवा पर अधिकतम 12% या वर्तमान GST दर जो भी कम हो, का इनपुट/आउटपुट प्रणाली के द्वारा लेन-देन करते हुए व्यापार करने की अनुमति दी जानी चाहिए ताकि वे युक्तिसंगत तरीके से बड़े-मझौले व्यापारों के बीच अपनी जगह बनाते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ सकें. फिलवक्त कंपोजिशन स्कीम सिर्फ B2C श्रेणी के छोटे व्यापारों के लिए ही ठीक है जबकि इसी 75 लाख से कम की 'B2B और B2C' श्रेणी में लाखों व्यापारी GST लागु होने के पूर्व देश भर में व्यापार कर रहे थे!!

2. 'एक देश, एक कर, एक मार्केट', एक बढ़िया कदम है परंतु हमारे देश के सभी प्रान्त आर्थिक और व्यावसायिक रूप से एक समान नहीं हैं. अब जब एक समान कर व्यवस्था उन छोटे प्रान्तों में भी लागु हो गयी है तो दीर्घ काल में उन प्रान्तों के छोटे व्यापारों पर बुरे प्रभाव पड़ने की थोड़ी ज्यादा ही संभावना दिखाई पड़ती है.

अगर छोटे प्रदेशों में 75 लाख से 1.5 करोड़ के बीच के टर्नओवर के छोटे 'B2B और B2C' व्यापारों को कम से कम 5 वर्षों के लिए अधिकतम 18% या वर्तमान GST दर जो भी कम हो, के अंतर्गत रखा जाय तो वहां व्यापार का अच्छा विकास हो सकेगा और वे भी देश के बड़े राज्यों के समकक्ष खड़े हो सकेंगे.

उदाहरणस्वरूप, हमारे प्रान्त झारखंड में कुछ वस्तुओं पर पूर्व में 5.5% की दर से वैट लगता था. इस दर पर लगभग 2.5 लाख के मासिक कारोबार पर एक व्यापारी को औसतन 11 हज़ार कर देना पड़ता था. अब अगर वही व्यापारी 2.5 लाख का ही कारोबार करे और उसकी कर की श्रेणी GST में 28% की हो गयी हो, तो फिर इनपुट क्रेडिट के बावजूद उसकी कर देयता दोगुने से भी ज्यादा बढ़ जाएगी!!

3. GST जैसे बड़े कदम के बाद व्यापारियों के पूंजीगत हित को भी सुरक्षित किया जाना बेहद आवश्यक है (व्यापारी को माल बेचकर GST जरूर चुकाना होगा, फिर चाहे उसने वस्तु को उधार में ही बेचा हो).

भारत के छोटे-मझौले व्यापारियों की सबसे बड़ी समस्या उनके पास उपलब्ध रहने वाली पूंजी की होती है, अगर उनकी पूंजी छोटी हो और अतिरिक्त बचत आदि का कोई सहारा भी ना हो और ऐसी स्थिति में उनके समान  की बिक्री या सेवा कार्य का कोई पैसा किसी के पास उधार में फँस जाय तो उनका पूरा व्यापार ही चौपट हो जाता है. भारत में एक बड़ा व्यापारिक लेन-देन उधार पर चलता है और इसका बड़ा फायदा हर सांगठनिक उपभोक्ता उठाता है. 

अगर सरकार उधार पर लेन-देन संबंधी एक नीति बना दे (इस विषय में वर्तमान की नीति अधिक प्रभावी नहीं है) कि हर प्रकार के लेन-देन को 21 दिनों या  तीन सप्ताह के अंदर निबटाना ही होगा अन्यथा उसके उपर अतिरिक्त 30 दिन के लिए 2% की दर से व्यापारी ब्याज ले सकेगा और उसके उपर जिस प्रकार चेक बाउन्स संबंधी समयबद्ध क़ानूनी करवाई होती है, इस तरह के केसों में भी वर्तमान से अधिक मारक तरीके से संभव हो सकेगी, तो छोटे-मझौले व्यापारियों के लिए बहुत बड़ी सहूलियत हो जाएगी. ऐसा होने पर लगभग हर व्यापारी अपने लेन-देन को सरकार की जानकारी में लाएगा और उसे छुपाने का प्रयास भी नहीं करेगा, सरकार के टैक्स बेस में भी बढ़ोतरी होगी, व्यापारियों को कर्ज़ देने के लिए कम पूंजी की भी आवश्यकता होगी और पूंजी का चक्रण अधिक होने से हमारा GDP भी बढ़ेगा, बैंकों पर ऋण देने का दवाब भी कम हो जाएगा.

अगर छोटे-मझौले व्यापारियों के लिए इस प्रकार पूंजी के डूबने या फँसने के ख़तरे को कम कर दिया जाय तो दीर्घ अवधि में वे धीरे धीरे अपने द्वारा अर्जित अपेक्षाकृत ज़्यादा बड़ी पूंजी से बेहतर काम कर सकेंगे.

इस प्रकार के नियम का कोई बड़ी पूंजी वाला व्यापारी दुरुपयोग ना करे (जैसे छोटे व्यापार को दबाने के लिए बड़े व्यापारी ज्यादा समय का क्रेडिट दे सकते हैं) और छोटे व्यापारी इस नियम में पीस ना दिए जाएँ, इसलिए इस नियम को छोटे-बड़े सभी व्यापारों पर समान ढंग से लागू कराना आवश्यक होगा.

पूर्ण विश्वास है कि आप मेरे उपरोक्त सुझावों पर अपने विवेक और अपने विद्वान साथियों के राय के आधार पर आवश्यक कार्रवाई जरूर करेंगे.

श्रेष्ठ भारत की कामना सहित

आपका विश्वासी


(राजेश कुमार दास)
रांची । झारखंड
starchangemakers@gmail.com
Twitter@starchangemaker



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