Shortcut to Success Save-Semen

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आप जीवन में बड़ी सफलता प्राप्त करना चाहते हैं...

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तो सफलता के एकमात्र नियम को अवश्य जाने...

संपदा और स्वास्थ्य प्राप्त होने पर ही मनुष्य सफलता का आनंद ले सकता है। लेकिन शिक्षा और विज्ञान के भरपूर विकास के बावजूद मनुष्य सफलता की खोज में भटक रहा है। क्योंकि सभी असफल मनुष्य सफलता के एकमात्र नैसर्गिक नियम “वीर्य-रक्षा” का पालन नहीं करते हैं। जबकि सभी सफल व्यक्ति जाने-अनजाने “वीर्य-रक्षा” का पूर्णतः पालन करते हैं और उच्च सफलता प्राप्त करते हैं।

वीर्य का संदर्भ पुरुषों में शुक्राणु और महिलाओं में अंडाणु दोनों के लिए है। वीर्य-रक्षा यानी सिर्फ अपने जीवन साथी के साथ ही वैवाहिक जीवन का आनंद लें। इसके अतिरिक्त पोर्नोग्राफी, हस्तमैथून, अवैध संबंध या अश्लील मानसिकता के द्वारा अपने वीर्य का क्षरण नहीं करें।

अंग्रेजी और हिंदी में लिखी ई-पुस्तक "सफलता का शॉर्टकट वीर्य-रक्षा" में, विज्ञान और अध्यात्म के सटीक तथ्योँ पर आधारित, सफलता के इस नैसर्गिक नियम का विस्तृत वर्णन है।

यह तो हम सब जानते ही हैं कि "एक बीज से वृक्ष बनता है, फिर उसमें अनेक बीज से अनेक फल प्राप्त होते हैं।" सभी जीवधारियों के लिए सफलता प्राप्त करने का यही एकमात्र नियम है, क्योंकि सभी वीर्य या बीज डीएनए के आधार पर कार्य करते हैं। वनस्पतियों के बीज डीएनए एक निश्चित प्रकार का फल उत्पादित करते है और प्राणियों के वीर्य डीएनए एक निश्चित प्रकार का कार्य करते हैं। जबकि, मनुष्यों के वीर्य डीएनए मनवांछित फल प्राप्ति के लिए बुद्धि के द्वारा प्रोग्राम किये जाते हैं।

जब तक फल पूर्णतः पक नहीं जाता, तब तक वृक्ष बीज को गिरने नहीं देता है, यानी वृक्ष फल के लिए बीज-रक्षा करता है। इस तरह सभी वृक्ष अपनी आवश्यकता से अधिक उत्पादन करते हुए विश्व कल्याणकारी सफल जीवन जीते हैं।

सभी प्राणी भी नैसर्गिक रूप से वीर्य बीज की रक्षा करते हुए सिर्फ संतानोत्पत्ति के लिए ही समागम करते हैं। वीर्य बीज के संरक्षण से प्राणियों को स्वास्थ्य और भोजन पर्याप्त मात्रा में मिलता रहता है। इस तरह सभी प्राणी भी आत्म कल्याणकारी सफल जीवन जीते हैं।

बीज-रक्षा के कारण वनस्पतियों में और वीर्य-रक्षा के कारण प्राणियों में सफलता की दर 100% होती है।

लेकिन मनुष्यों में सफलता की दर 1% से भी कम होती है, क्योंकि अधिकांश मनुष्य क्षणिक सुख के लिए अपने वीर्य बीज को बर्बाद करते हैं। अश्लीलता और अज्ञानता के कारण वीर्य के प्रति विश्व व्यापी गलत फहमी फैली हुई है।

जिस तरह एक बीज में संपूर्ण वृक्ष छुपा होता है, उसी तरह एक वीर्य बीज में संपूर्ण मनुष्य छुपा होता है। वीर्य बीज का डीएनए ही वह ईश्वरीय कुंडली है जिसमें हमारे जीवन की समस्त जानकारी और जीवन में सफलता प्राप्त करने का प्रोग्राम लिखा होता है। वीर्य बीज का डीएनए ही हमारा अवचेतन मन या आत्मा या ‘मैं’ होता है। क्योंकि माँ के गर्भ में वीर्य बीज से ही हमारी शुरुआत होती है, उस समय हमारा शरीर, मन, बुद्धि कुछ भी नहीं होता है, लेकिन वही भ्रूण बीज अपनी डीएनए कुंडली रूपी अवचेतन मन या आत्मा के द्वारा सम्पूर्ण ‘मैं’ की रचना करता है।

सभी जीवों की उत्पत्ति एक बीज से ही होती है। ईश्वर, सभी जीवों की सफलता के लिए, वीर्य या बीज की डीएनए कुंडली में एक समान प्रोग्राम लिखता है। बीज से ही फल प्राप्त होते हैं, अगर बीज नहीं होंगे तो फल भी नहीं मिलेंगे। इसलिए जो वीर्य-रक्षा करता है, उसे जीवन में चरित्र, स्वास्थ्य और समृद्धि मिलती है। जो वीर्य-क्षरण करता है, उसे जीवन में बदनामी, बीमारी और गरीबी मिलती है।

जीवन में सफलता प्राप्त करने का एकमात्र रास्ता वीर्य-रक्षा है। अध्यात्म और विज्ञान के तर्क संगत तथ्यों पर आधारित ई-पुस्तक सफलता का शॉर्टकट वीर्य-रक्षा अवश्य पढ़ें, पालन करें और शेयर करें।

 

सत्यजीत पाटीदार

लेखक

ई-मेल anarvam@anarvam.com

 

इस पर अधिक जानकारी के लिए देखें वेबसाइट http://www.anarvam.com

हिंदी में ई-पुस्तक "सफलता का शॉर्टकट वीर्य-रक्षा" https://www.amazon.in/dp/B07C19DV8Y

E-book in English "Shortcut to Success Save-Semen" https://www.amazon.in/dp/B077RVJJ54

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(गैर-लाभकारी आधार पर सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम)