आओ मिलकर पर्यावरण को राजनीति से मुक्त बनाएं

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जिस तरह मोदी जी की ओडिशा यात्रा के पूर्व अस्थायी रूप से बनाये जा रहे हेलिपैड के लिए १.२५ एकड़ में फैले १००० से १२०० पेड़ो को बिना किसी विभागीय इजाजत के काटा गया और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया और वो भी सिर्फ इसलिए कि, मोदी जी का हेलीकॉप्टर कुछ समय के लिए यहाँ उतर सके, हैरानी की बात ये है की इसके लिए किसी भी विभाग से कोई इज्जाजत नहीं ली गयी और इसे तानाशाही करके अंजाम दिया गया ये अपने आप में एक घोर अपराध है और घिनोना कृत्य है जिसकी कठोर शब्दों में भर्त्सना की जानी चाहिए. अगर आप हमारी बातो से सहमत है तो कृपया इस पेटिशन को साइन कीजिये और आगे फॉरवर्ड कीजिये.

१. आखिर प्रशासन के सामने ऐसी क्या मजबूरियां आ गयी थी की मोदीजी की यात्रा से पहले हेलिपैड के लिए बिना किसी अनुमति लिए १००० से १२०० पेड़ो को काटा गया?

२. आखिर क्या जरुरत थी १.२५ एकड़ भू-भाग को वन विहीन करने की? क्या मोदी जी की इस छोटी यात्रा को सड़क के माध्यम से सम्पादित नहीं किया जा सकता था?

३. क्या मोदी जी का कद इतना बढ़ चूका है की उनके सामने पर्यावरण की भी कोई चिंता नहीं रह गयी है? इतने बड़े भू भाग में कई पशु-पक्षियों का घर था. पेड़ कोई एक दिन में खड़े नहीं हो जाते, लेकिन एक दिन में ही पर्यावरण का सर्वनाश कर दिया गया और उसके साथ-साथ लाखों पशु-पक्षियों, बेजुबान जानवरों की जिंदगीओं से भी खिलवाड़ हुआ है.

४. प्रशासन इस चूक के लिए किसे जिम्मेदार मानता है? और उन लोगों के खिलाफ क्या सख्त कदम उठाने वाला है ताकि ऐसी गलती दुबारा कभी ना हो?