#Desh_ke_balidani-हमारे जवानों के साथ भेदभाव न हो

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जब भी कोई जवान शहीद होता है, वो देश के लिए शहीद होता है। इससे फर्क नहीं पड़ता कि वो किस राज्य के निवासी हैं। तो फिर उनके बलिदान को अलग-थलग क्यों किया जाता है?

पुलवामा हमले के बाद, विभिन्न राज्य सरकारों ने हमारे शहीद जवानों के परिवार को अलग-अलग मुआवज़े की घोषणा की। देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारत के ये बहादुर सैनिक 10 राज्यों राज्यों से आते थे। इन राज्य सरकारों का मुआवज़ा भी अलग-अलग है।

त्रिपुरा ने 2 लाख की घोषणा की, तो महाराष्ट्र ने 50 लाख की तो वहीं मध्य प्रदेश ने 1 करोड़ रुपये की। उत्तर प्रदेश ने जवानों के परिवार को 25 लाख देने की बात कही तो तमिलनाडु ने 20 लाख की।

बात सिर्फ पुलवामा की नहीं है, भारतीय सेना द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 2005-2017 के बीच 1684 जवानों ने, पाकिस्तान द्वारा सीज़फायर के उल्लंघन, आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन, इत्यादि में देश के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी।

लेकिन इन वीरों को राज्यों द्वारा अलग मुआवज़े दिए गए। ये भेदभाव तुरंत बंद होना चाहिए।भारत के हर सैनिक को जीवित रहते या शहीद होने के बाद, एक जैसा सम्मान मिलना चाहिए।

मेरी पेटीशन पर हस्ताक्षर कर इसे शेयर करें ताकि रक्षा मंत्रालय देश के शहीदों के साथ होने वाले इस भेदभाव के खिलाफ ठोस कदम उठाए। सरकार एक आदेश जारी करे ताकि हर राज्य शहीदों के परिवार को एक समान मुआवज़े की रकम अदा करे।

भारत के इन वीरों के लिए आज पूरे देश को दुख है। पर जो दुखों का पहाड़ शहीदों के माता-पिता, पत्नी और बच्चों, भाई-बहनों पर पड़ा है, हम उसके बारे में सोच भी नहीं सकते हैं।

ज़रा सोचिए उस माँ के बारे में जिसने अपने बेटे को हमेशा के लिए खो दिया है। उसके पास अपने लाडले की बस तस्वीरे हैं, कुछ यादे हैं। ज़रा सोचिए उन मासूमों के बारे में, जिन्हें ये भी नहीं पता कि पापा को तिरंगे में लपेटकर क्यों लाया जा रहा है।

हम तो उन्हें ये भी नहीं बता सकते कि वो क्यों अब उन्हें कभी नहीं देख पाएंगे, उन्हें गले लगा पाएंगे, उन्हें लाड-प्यार दे पाएंगे। लेकिन हम सारे देशवासी मिलकर कम से कम इतना तो कर ही सकते हैं कि शहीदों के परिवार को उनका हक मिले।

आइये साथ मिलकर सुनिश्चित करें कि शहीदों के परिवार को सही मुआवज़ा मिले और समय पर मुआवज़ा मिले, एक जैसा मुआवज़ा मिले।

मेरी पेटीशन पर हस्ताक्षर करें ताकि देश के शहीदों के साथ भेदभाव ना हो।



आज — Sarkar Himanshu आप पर भरोसा कर रहे हैं

Sarkar Himanshu Nayak से "Sarkar Himanshu Nayak started this petition to central defence minister india: #Desh_ke_balidani-हमारे जवानों के साथ भेदभाव न हो" के साथ आपकी सहायता की आवश्यकता है। Sarkar Himanshu और 10 और समर्थक आज से जुड़ें।