कामयाबी

आटा चक्कियों को आवश्यक सेंवाओं में शामिल करें ताकि लोग दो वक्त की रोटी खा सकें

1,977 समर्थकों के साथ यह याचिका बदलाव लाई!


जब गरीब गेहूँ पिसा ही नहीं पाएगा तो सरकार द्वारा बाँटे गए गेहूँ से अपना पेट कैसे भरेगा?

21 दिन के लॉकडाउन में देश की जनता ने सरकार को अपना पूरा समर्थन दिया, पर आने वाले लॉकडाउन के दिनों के लिए सरकार को भी देश के गरीब नागरिकों के बारे में सोचना होगा।

21 दिनों के लॉकडाउन के कारण आम जीवन एक प्रकार से रुक सा गया पर कोई भूख को कैसे रोक सकता है? मेरी पेटीशन साइन करिए ताकि किसी को रोटी खाए बिना ना सोना पड़े।

कई मीडिया रिपोर्ट में आया है कि लॉकडाउन में आटा चक्की (आटा मिलों) के बंद होने के कारण लोगों के पास गेहूँ तो है पर आटा नहीं। कुछ राज्यों में आटा चक्की खुल रही हैं, लेकिन कुछ राज्यों में कई जगहों पर आटा चक्कियों के बंद होने की भी खबरे आ रही हैं।

आटा चक्कियों के संचालन पर असमंजस की स्थिति है, जिससे लोगों पर बहुत बड़ा असर पड़ रहा है, उन्हें सरकारी अनाज तो मिल जा रहा है पर फिर भी वो रोटी नहीं खा पा रहे हैं। 

ये समस्या बड़ी है लेकिन इसका समाधान छोटा सा है, जिसके लिए मैंने ये पेटीशन शुरू की है। अगर सरकार लॉकडाउन के दौरान आटा चक्कियों को आवश्यक सेवाओं की सूची में डाल दे और राज्यों को उन्हें खुला रखने और सुरक्षित संचालन के साफ़ निर्देश दे तो लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।

आप सबसे अनुरोध है कि मेरी पेटीशन साइन करें और शेयर करें ताकि सरकार आटा चक्कियों को आवश्यक सेंवाओं में शामिल करे और सभी राज्यों को इस बाबत निर्देश जारी करे। इससे स्थानीय प्रशासन भी लोगों को सुरक्षित तरीके से आटा मुहैया कराने के लिए प्रेरित होगा।

अगर ये पेटीशन सफल हुई तो करोड़ों लोगों को दो वक्त की रोटी पाने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। विशेषकर गाँवों में जहाँ आज भी लोग पैकेट वाला नहीं बल्कि पीसा हुआ आटा खाते हैं, उनके लिए बड़ी राहत हो जाएगी।

मेरा साथ दें ताकि #SabkoMileRoti



आज — Rinki आप पर भरोसा कर रहे हैं

Rinki Sharma से "#SabkoMileRoti: आटा चक्कियों को आवश्यक सेंवाओं में शामिल करें ताकि लोग दो वक्त की रोटी खा सकें। पेटीशन साइन करें और जितना हो सके शेयर करें। @irvpaswan @HMOIndia" के साथ आपकी सहायता की आवश्यकता है। Rinki और 1,976 और समर्थक आज से जुड़ें।