क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी की दशा

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भारत सरकार की आरबीआई के अन्तर्गत दिल्ली से क्रेडिट को ऑपरेटिव सोसाइटी रजिस्टर्ड होती हैं जिन को अपने सदस्यों से जमा लेने का अधिकार होता है एवम् इन सभी का ऑडिट करने का अधिकार भी दिल्ली सरकार को होता है प्रति वरस फिर क्यू ये सोसाइटी अचानक बन्द हो जाती है और गरीब जनता का पैसा ले डूबती है। अगर इन में लोगो का पैसा सुरक्षित नहीं है तो फिर क्यू केंद्र और राज्य सरकार इन्हे अनुमति देती है और दिन ब दिन गरीब जनता को लूटवाती है, राजस्थान में अभी इन से पीड़ित 20 लाख लोग है जिनका लगभग 16000 करोड़ रुपया इनके पास फसा हुआ है और सरकार ने अभी तक कुछ नहीं किया, सरकार जैसे अन्य वित्तीय संस्थानों को बचाती है ऐसे ही इन्हे भी अपने अधिग्रहण में ले कर जनता का भुगतान करे और लोगो की गाड़ी कमाई को बचाए। अगर सरकार हमें हमारे पैसे दिलाने का वचन देती हैं तो हम सभी निवेशक देश की इस विकट परिस्थिति में अपनी जमा ओं का 10% pm राहत कोष में देने को तैयार है। सरकार इस समय वैसे भी मंदी के हालत से गुजर रही है सरकार इन लोगो की मदद करेगी तो इस से दोहरा लाभ होगा, लोगो के साथ न्याय होगा, लोगो का सरकार ओर वित्तीय संस्थान में भरोसा बढ़ेगा एवम् बाज़ार में पैसा आने से रोजगार बढ़ेगा, लोगो को मुफ्त में पैसा बांटने से अच्छा है हकदार को पहले मिले। आगे के लिए सरकार सिर्फ उन्हीं संस्थाओं को जमा लेने की अनुमति दे ज हा लोगो का निवेश सुरक्षित रहे, लोग बार बार लूटते न रहे। सरकार इस पीड़ा का जितना जल्दी समाधान करेगी उतनी कम लोगो को पीड़ा से  मुक्ति मिलेगी ।