Stop Commercialisation of education system in India

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भारत मे शिक्षा ब्यवस्था आज बद से बदतर हालात के लिए जिम्मेवार कौन ?

आज हर पैरेंट सोचने पर मजबूर हो गया है कि बच्चों को पढ़ाएं कैसे ? एक बच्चे को 12वीं तक पढ़ाने का खर्च तकरीबन 15 लाख का खर्च आता है। आखिर क्यों ? सरकार बोलती है शिक्षा मुफ्त है। क्या ऐसा है ?

प्राइवेट, सहायता प्राप्त स्कूल क्यों है हर जगह ? सरकार 30 प्रतिशत आयकर, 28 प्रतिशत जीएसटी, अर्थात 58 प्रतिशत डायरेक्ट टैक्स और 2 प्रतिशत विभिन्न तरह के सेस मतलब 60 प्रतिशत हमारे कमाई से टैक्स वसूल रही है। इसके बाद भी हमारे बच्चों को पढ़ाई मात्र भी मुफ्त नहीं। बहुत देशों में कुल कमाई का मात्र 50 प्रतिशत टैक्स है मगर वहां की सरकारें सभी तरह की सहूलियतें प्रदान कर रही हैं। व्यक्ति की हर जरूरत का ध्यान सरकार रखती है। तो 75 प्रतिशत टैक्स वसूलने वाला भारत मे क्यों नहीं। 

सबसे पहले हमारी भारत सरकार से मांग है कि सभी प्रकार के स्कूल, शिक्षण संस्थानों को सरकार अपने कब्जे में ले ताकि बच्चों को मुफ्त शिक्षा मिल सके। 

हर तरह के कोचिंग संस्थानों को बंद करवाये । ताकि पढ़ने वाले बच्चे आगे बढ़ सकें। 

आप सहमत हैं तो इस पेटिशन को साइन करें। 

सूरज कुमार

 



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