Club Angels आग़ाज़-ए-इंसाफ़

0 व्यक्ति ने साइन किए। 500 हस्ताक्षर जुटाएं!


कभी कठुआ कभी उन्नाव कभी उज्जैन है। बेटियों के देश में बेटियां बेचैन हैं।। पिछले वर्ष जम्मू कश्मीर से आयी बलात्कार और हत्या की ख़बर ने पूरे देश को झकझोर दिया था।एक मासूम हैवानियत का शिकार हुई।दरिंदगी की चरम सीमा तक को पार किया गया।फिर उन्नाव, फिर बुलंदशहर, फिर राजस्थान अब अलीगढ़ की ऐसी रूह कंपाने वाली घटना ने पूरे देश को हिला दिया।बेटियां महफ़ूज़ नहीं है और हम आवाज़ उठाने में सिर्फ़ यह सोचकर पीछे हो जाते हैं कि हम तो सुरक्षित हैं और हमारी बेटियां भी सुरक्षित हैं,जबकि ऐसा बिलकुल नहीं है।ऐसे माहौल में हर गली, हर नुक्कड़, चौराहे और परिचितों के भेस में हर तरफ़ नन्ही कलियों को तोड़ने वाले, नोचने वाले घूम रहे हैं। हृदय विदारक घटना जो अलीगढ़ में घटी उस को इंसाफ़ दिलाने के लिए अगर हम सब आगे नहीं आए और अपनी आवाज़ की ताक़त से बलात्कारियों को फाँसी तक नहीं पहुँचाया तो यक़ीन मानिए ऐसे कुकर्मियों के हौसले हिन्दुस्तान की हर बेटी का जीना हराम कर देंगे। संगठन में बहुत शक्ति होती है।आइए सम्मिलित होएँ।ट्विंकल को मात्र एक खबर या हादसा न मानें बल्कि उस बच्ची को पूरा इंसाफ़ दिलाने में अपना सहयोग दीजिये।अगर हाथ से हाथ नहीं जुड़े तो विश्वास कीजिए कि इन घटनाओं की गणना करना मुश्किल हो जाएगा।एक और एक ग्यारह होते हैं और अगर अब भी हम चुप बैठे तो हम अपने देश में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल नहीं कभी नहीं बना पाएँगे। Come and join the movement, with CLUB ANGELS
#aagazeinsaaf
आग़ाज़-ए-इंसाफ़

 कृपया इस petition को sign करें और गुनहगारों को सख़्त सजा  दिलवाने में हमारी मदद करें।