देहरादून में 10,000 पेड़ों को कटने से बचाएं

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देहरादून एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए 10,000 पेड़ो के कटान का पुरजोर विरोध ।

जॉली ग्रांट,देहरादून एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए दस हज़ार पेडों को काटने की तैयारी की जा रही है
पर्यावरण संरक्षण की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली प्रदेश व केंद्र सरकार पर्यावरण के लिए खतरा बन गई हैं । एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए पूर्व में भी वन के बड़े हिस्से को खत्म किया गया है और अब वन विभाग द्वारा शिवालिक एलीफैंट रिज़र्व के 215 एकड़ वन भूमि के हस्तांतरण का प्रस्ताव तैयार किया है । प्रस्ताव के मुताबिक इसमें लगभग 10,000 पेड़ कटेंगे जिसमे खैर,शीशम,सागौन, गुलमोहर व कई अन्य प्रजाति के पेड़ काटने का प्रस्ताव भेजा गया है । पेड़ो के कटान से वन में मौजूद हाथी,गुलदार,चीतल,सांभर व अन्य वन्य जीवों के भविष्य के लिए बड़ा खतरा पैदा होगा ।
यही नही एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए दी जाने वाली जमीन राजाजी नेशनल पार्क के इको सेंसेटिव जोन के 10 किमी के दायरे में पड़ती है और इसके 3 किमी के दायरे में एलीफैंट कॉरिडोर है
केंद्र सरकार द्वारा पर्यावरण को कमजोर करने के लिए पहले ही पर्यावरण प्रभाव आंकलन अधिसूचना (EIA) लाई गई है जिसका पूरे प्रदेश व देश मे विरोध दर्ज किया जा रहा है । उत्त्तराखण्ड प्रदेश व केंद्र सरकार पर्यावरण विरोधी काम कर रही हैं व व्यावसायिक सुगमता के नाम पर बड़े उधोगपतियों के हाथों में खेल रही है और खुले आम पर्यावरण नियमो की धज्जियां उड़ाई जा रही है ।
आपसे अनुरोध ही कि इन पेडों को बचाने हेतु इस हस्ताक्षर अभियान का समर्थन करें और ज़्यादा से ज्यादा लोगों तक इसे पहुंचाएं । आपके प्रयास से ये 10,000 पेड़ कटने से बच सकते हैं ।