लोकपाल की निर्णायक लड़ाई अण्‍णा के साथ

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हमारे इस प्राचीन और महान देश के लोग आज़ादी के 70 वर्ष बाद भी कब तय करेंगे कि, उन्हें कितना वर्षों तक भेड-बकरी बनके किसी हुक्मशाह मसीहों के भरोसे जीना है या उनका शोषण करनेवाले भ्रष्ट और नकारा सरकारी नौकरों को सजा दिलानेवाले अधिकार पाकर खुद ताकतवर, सक्षम बनता है?!!

इसी सच्ची आज़ादी और स्वराज के लिये 2011 से अण्‍णा हजारे जी के नेतृत्व में जो बड़ी लड़ाई निष्पक्ष देशप्रेमी लोगों ने लड़ी थी जिसमें पहलीवाली सरकार ने लोकपाल और लोकायुक्त कानून पारित किया था लेकिन आज चार वर्ष होने के बाद भी मौजूदा सरकार मा. सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद भी लोकपाल नियुक्त ना करने की दादागिरी थोप रही है| इसमें जनता के घोर मजाक की इंतहाँ ये है कि खुद आर.एस.एस., बी.जे.पी. ने इस लोकपाल आंदोलन की पहलीवाली सरकार के समय पूर्ण समर्थन ही नहीं बल्कि सहभाग भी दिया था|

लेकिन उनकी सरकार आने के बाद उन्होंने धारा 44 में बदलाव करके मंत्री, लोकप्रतिनिधी, अधिकारियों की संपत्ति घोषित करने के प्रावधान को खत्म किया जबकि ये लोग तो लोकपाल, किसानों को राहत, भ्रष्टाचार मुक्त भारत के सपने दिखाकर चुनकर आये थे|

इसपर  इनके समर्थक चुप क्यों हैं?

इसपर अण्‍णा जी ने मौजूदा सरकार से 13 बार पत्राचार करके भी उसका जवाब मिलने के बजाये इस आज़ादी के आंदोलन के मूल मुद्दों को भटकाने हेतु सिर्फ राजनीति एवं त्यागी अण्‍णा पर भेदभावी, राजनैतिक होने के दुष्प्रचार का खेल चल रहा है|

आम जनता पर टैक्स, महंगाई, कानून और जेल का डर थोपना और उसके विपरीत देश को भुखमरी में झोंकनेवाले भ्रष्ट डाकुओं की टोली ये खुशहाल! ये गंदी विडंबना और मज़ाक हमारे संविधान के खिलाफ नहीं है क्या? इसी गंदे मज़ाक के खिलाफ हमारे शिवाजी महाराज, डॉ. अंबेडकर और भगत सिंह जैसे महापुरूषों ने लड़ाई लड़ी थी और हम भारतीय इनकी जयंतियों की खानापूर्ती के अलावा इनके जीवन का 1%  भी नहीं लड़ेंगे क्या?

अण्‍णा हजारे नाम के 80 वर्षीय फौजी आज भी इस आज़ादी की लड़ाई के लिये शहीद दिवस यानि 23 मार्च 2018 को दिल्ली में प्राणांतिक अनशन पर बैठ रहे हैं! क्या हम इतने बूढ़े और असंवेदनशील हैं कि भ्रष्ट राजनेता - माफिया - भ्रष्ट अफसरराज - भ्रष्ट जज - चापलूसी करनेवाले झूठे मीडीयावालों की साँठगाँठ की सत्ता - दमन - पैसा - दुष्प्रचार के डर से इस अस्तित्व की लड़ाई से ही भाग जाये?

इस ऐतिहासिक जनआंदोलन की छवि, पैसे-सामग्री का इस्तेमाल करके कई राजनीती के भूखे, भ्रष्ट लोगों ने अपने-अपने स्वार्थ साध लिये उससे मायुस होके बैठ जाना इसमें किसका नुकसान है?

इस आंदोलन की समक्ष लोकपाल - लोकायुक्त के अलावा किसानों के लिये कृषि मूल्य आयोग को स्वतंत्र संवैधानिक दर्जा मिले, बैलेट पेपर पर चुनाव-चिन्ह हटाकर उम्मीदवार की कलर फोटो ही चुनाव चिन्ह बनाया जाये, वोटों की गिनती टोटलाइजर मशीन से ही हो 50% से ज्यादा 'NOTA' को ही 'Right to Reject' (सारे उम्मीदवार रद्द) ये माना जाये ऐसी माँगे हैं|

इस आंदोलन से जुड़ने के लिये कृप्या ‘भ्रष्टाचार विरोधी जन आंदोलन न्यास’ संचालित 8879069688 पर मिस्ड कॉल करें|

जो भी एक्टिविस्ट दिल्ली पहुँचकर या अपने ही क्षेत्र में अन्ना जी के इस आंदोलन को सफल बनाने में भाग लेना चाहते हैं वे SMS करें
जिससे उनके दिल्ली आने-जाने की पूरी व्यवस्था की जा सके| SMS करने पर आपसे संपर्क किया जायेगा (*Terms and conditions apply)

SMS निम्न कोड के आधार पर करना होगाः

•  दिल्ली पहुँच कर आंदोलन में सहयोग देने वालों के लिये -    61               

•   खुद के क्षेत्र में आंदोलन में सहयोग देने वालों के लिय -    62

•  दिल्ली पहुँच कर अनशन में बैठनेवालों के लिये            -    63               

•   खुद के क्षेत्र में अनशन पर बैठनेवालों के लिये           -    64

SMS के लिये लिखें:

bvbja firstname fathername lastname pincode code (चुनकर लिखें)   और इसको 56767 पर भेज दें

उदाहरणः bvbja ram uttam sharma 462003 61     और 56767 पर भेजना है|

जो भी इस मुहिम में आर्थिक सहयोग देना चाहते हैं वे अपने-अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी लेनेवाले व भरोसेमंद पंजीकृत संगठन को आर्थिक सहयोग दे सकते हैं जिसकी रसीद वे जरूर लें उन संगठनों के लिये जरूरी होगा कि वे ली गई आर्थिक मदद और किये गये खर्च का विवरण वेबसाईट पर अवश्य रखें|

किसी भी प्रकार के आर्थिक लेनदेन से संबंधित विवाद की जिम्मेदारी अन्ना जी के संगठन 'भ्रष्टाचार विरोधी जनआंदोलन न्यास' की नहीं होगी,

यदि कोई भी विवाद हुआ तो वह केवल आर्थिक सहयोग लेनेवाले संगठन व शिकायतकर्ता के बीच ही निबटाया जायेगा|

सहयोग देने वाले संगठनः   

•    इंडिया अगेंस्ट करप्शन     

•    नागरिक स्वराज मंच     

•  भ्रष्टाचार विरूद्ध जागृति अभियान

 

अनशन से संबंधित पूर्ण जानकारी वेबसाईट से प्राप्त करें :

http://www.lokpal-ki-nirnayak-ladai-anna-ke-sath.bvbja.com



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