#Save RTI

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महामहिम नमस्कार,

केंद्र सरकार द्वारा जिस प्रकार से आर टी आई कानून मे संशोधन कर उसे कमजोर करने का प्रयास किया गया है,उसे रोका जाना आवश्यक है।आर टी आई कानून के नये संशोधन बिल के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त व राज्य सूचना आयुक्तों के कार्यकाल व वेतनमान केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किये जायेंगे।जबकि पूर्व मे यह निर्वाचन आयुक्त के समकक्ष थे तथा केंद्रीय सूचना आयुक्त व राज्य सूचना आयुक्त किसी भी निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र थे।परंतु संशोधन बिल आने के बाद अब सूचना आयुक्त केंद्र सरकार के दबाव मे कार्य करेंगे जिससे सरकार की विभिन्न प्रकार की आवश्यक सूचनाएं बाहर नहीं आ पायेंगी।

महोदय,सूचना का अधिकार आम आदमी का सबसे बड़ा हथियार रहा है जिससे एक सामान्य व्यक्ति भी बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा कर सकता है।इसको कमजोर करने का मतलब भारतीय लोकतंत्र और आम आदमी के सूचना पाने के मूल अधिकारों पर हमला है।

महोदय,आपके हस्ताक्षर करते ही यह संशोधन कानून का रूप ले लेगा जो आम आदमी के साथ बड़ा अन्याय होगा ।

अत: आपसे निवेदन है कि आप इस संशोधन बिल पर हस्ताक्षर न करें तथा इसे वापस लौटा दें जिससे हर भारतीय के सूचना पाने के मूल अधिकार की रक्षा हो सके।

आपसे पूरी उम्मीद है कि भारतीय जनमानस की भावनाओं का ख्याल रखते हुए आप बिल पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे।

 

ई०राहुल कुमार सिंह

राष्ट्रीय अध्यक्ष

क्रांति फाउंडेशन

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