कैंटीन से कार खरीद में JCO/OR के साथ भेदभाव और अनुच्छेद 14 और 15 का उलंघन को रोकना ।

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महामहिम, राष्ट्रपति भारत

श्रीमानजी,

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार देता है, वही जिसमे अनुच्छेद 15 किसी के साथ भी धर्म, जाती, वंश, पद, प्रतिष्ठा के आधार पर भेदभाव को रोकता है। देश का हर एक व्यक्ति अपनी पसंद और आर्थिक क्षमता के अनुसार ही कोई समान खरीदता है, तो जेसीओ/OR को अलग से रोक क्यों । 24 मई 2019 की गाइडलाइन के अनुसार सेना के अधिकारी और सिविलियन के लिए कार खरीदने का समय सीमा 8 साल के अंतराल पर 12 लाख की कार खरीद सकते है क्योंकि इसके बाद गाड़ियां ज्यादा प्रदूषण पैदा करने लगती हैं, लेकिन JCO/OR को कैंटीन से कार खरीदने की समय सीमा 5 लाख तक, वह भी पूरी सर्विस के दौरान एक है और एक सेवानिवृत्ति के बाद, जो कि भारतीय संविधान की मूल अधिकार धारा 14 और 15 के नियम का उलंघन करता है । आज जब लोगो की खरीद की क्षमता बढ़ी है तो इस तरह के भेदभाव और अनुच्छेद 14 और 15 का उलंघन करना भारतीय सेना को शोभा कहां देती है ।

भारतीय मोटर वाहन एक्ट के अनुसार भी किसी गाड़ी की लाइफ 15 साल है और गाड़ी में सेफ्टी भी जरूरी है । भारतीय सेना के कानून के अनुसार OFFICER/JCO/OR अपने 6 साल की नौकरी के बाद कार खरीद सकते है । जब एक सिपाही 20 साल की उम्र में सेना में शामिल होता है और 6 साल बाद 26 की उम्र के कार लेता है, तो पूरी सर्विस 58 साल तक एक ही कार कैसे चला सकता है । क्या JCO/OR को कोई अलग से छूट दी गई है जो एक ही गाड़ी 32 साल तक चला सके, जबकि सेना के ऑफिसर और सिविलियन हर 8 साल में अपनी कार को बदल सकता है । क्या ये भारत की पर्यावरण को प्रदूषित नहीं कर रहा ।

महामहिम से करबद्ध निवेदन है कि इस अमानवीय, असमानता, भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार का हनन को रोकने और जवानों का मनोबल गिराने वाला कानून को बदलने के लिए सरकार को निर्देशित करे और कैंटीन से कार खरीदने पर सबके लिए समान नियम लागू हो, जिससे सभी फौजी अपनी सुविधा और हैसियत के अनुसार कार खरीद कर अपने परिवार को न्याय दे सके । कार खरीदना केवल एक सैनिक की ही नहीं पूरे परिवार का सपना होता है, इसे तोड़ा ना जाए ।

भवदीय,

सार्जेंट ईगलेश रंजन (सेवानिवृत वायु सैनिक)

ranjan775633@gmail.com