आतंकवादियों की शवयात्रा निकलनी बंद हो

0 वयाकत ने हसताकषर गये। 500 हसताकषर जुटें!


#BurhanWani भारतीय सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में बुरहान मुजफ्फर वानी की मौत के बाद निकले जनाजे में जमकर उत्पात हुआ। 15 से ज्यादा जानें जा चुकी हैं। हिंसक प्रदर्शन की वजह से अमरनाथ यात्रा रोकनी पड़ी है। हिंदुस्तान में हर साल करीब एकाध आतंकवादी ऐसा होता है, जिसकी शवयात्रा के दौरान हंगामा होता है। हिंदू-मुसलमान के बीच की कम होती खाई ऐसी घटनाओं के बाद बड़ी हो जाती है। वैसे भी इससे बड़ा कुतर्क कुछ नहीं हो सकता कि आतंकवादियों का मानवाधिकार होता है। जो मानव होने की न्यूनतम शर्त पूरी नहीं करते। वो मानवाधिकार की दुहाई देते हैं। घाटी में माहौल बेहतर करने की कोशिश में ये बड़ी रुकावट है। और ये कोई ऐसा नौजवान नहीं था। जिसके भटक जाने पर कोई संदेह हो। ये बाकायदा हिज्बल मुजाहिदीन के कमांडर के तौर पर काम कर रहा था। आतंकवादियों की भर्ती कर रहा था। जरूरी है कि हिंदुस्तान के सद्भाव के ताने बाने को बचाने के लिए किसी भी आतंकवादी का अंतिम संस्कार सार्वजनिक तौर पर होना बंद हो।



आज — Harshvardhan आप पर भरोसा कर रहे हैं

Harshvardhan Tripathi से "@pmoindia : आतंकवादियों की शवयात्रा निकलनी बंद हो" के साथ आपकी सहायता की आवश्यकता है। Harshvardhan और 477 और समर्थक आज से जुड़ें।