WE_SUPPORT_CAA_ &_ NRC

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*एक कदम देश हित में ..*

एक कदम झूठ व अफवाह तंत्र द्वारा हिंसा फैलाने वाालों के विरुद्ध *....!!

एक कदम CAA & NRC के समर्थन में ...


 
 
Citizenship Amendment Act (CAA)यानी नागरिकता संशोधन बिल उन धर्म के लोगों के लिए है, जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंंख्यक हैं। मुस्लिम वहां पर बहुमत में हैं। इसलिए मुस्लिम समुदाय का धर्म के आधार पर उत्पीड़न नही होता।
संसद में नागरिकता संशोधन बिल (CAB)को पास होने के बाद अफवाह तंत्र सक्रिय हो गया है। मुख्य विपक्षी पार्टियां इस बिल का विरोध कर रही हैं, । संशोधन बिल उन धर्म के लोगों के लिए है, जिन्हें धार्मिक रुप से कट्टर देशों में प्रताड़ित किया जा रहा है। मुस्लिम अभी भी पहले की तरह भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं। सभी का कानूनी तरीके से स्वागत है।

यह देश के लिए गर्व की बात है कि सरकार नागरिकता संशोधन बिल के तहत हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के वे लोग, जो 31 दिसंबर, 2014 से पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हैं, और अपने देश में धर्म के आधार पर प्रताड़ना झेल चुके हैं, उन्हें अवैध प्रवासी नहीं मानते हुए और उन्हें भारत की नागरिकता दे रही है। कहाँ इस मानवतावादी कार्य की सराहना करनी चाहिए उसके उल्टे देश का एक विशेष समुदाय इसके विरोध में अतार्किक हिंसक आंदोलन कर रहा है।

संसद से लेकर सड़क तक और अब देश की हर गली व नुक्कड़ तक विपक्ष ने मुस्लिम समुदाय द्वारा हिंसा बीज बिखेर दिया है। देश की विभाजनकारी ताकतें पूरे उत्साह से मुस्लिमों समुदायों को भड़काकर डर का माहौल बना रही है।CAA और NRC का विरोध विरोध तो बहाना है । असल बात है , बांग्लादेशी मुसलमानों और रोहिंग्या जैसे घुसपैठियों की नागरिकता पर दबाव बनाने की विपक्ष की राजनीति । अब देश को बचाने व गद्दारों को पहचानने का मौका दिया है - श्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह ने CAA लाकर।
क्या यह संयोग मात्र है कि जो नारे सन 1947 में लगे थे वही आज लग रहे हैं?? बेपर्दा करना है उन चेहरों को जो सतरंगी चेहरों के पीछे अलगाववादी चेहरे छुपाये बैठे हैं।
अकादमिक संस्थानों में जो वामपंथी बैठे हैं उन्होंने भारत को टुकड़े करने की एक गैंग तैयार कर रखी है।


भारत मे कश्मीर की तर्ज पर पथराव करने की साजिश कौन रच रहा है ?? अब यह सवाल पूछने का न वक्त रहा न संशय । बहुत साफ है कि विपक्ष और पाकिस्तान की भाषा एक है। ऐसे में विपक्ष की सत्ता लोलुप विकृत मानसिकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।


ऐसे में हम सबकी जिम्मेदारी है कि  सरकार  यह कानून पाकिस्तान , बांग्लादेश व अफगानिस्तान से उत्पीड़ित हिन्दू , सिख , बौद्ध, जैन , ईसाई ,पारसी  अल्पसंख्यक समाज को नागरिकता तो देता ही है। इसके साथ ही भारत का भविष्य भी सुरक्षित करता है । देश के मुसलमानों का इस कानून से कोई संबंध नही है। बावजूद इसके विपक्ष की अलगाववादी नीति से प्रेरित होकर मुसलमानों ने जिस आतंक का खेल खेला है, वह भविष्य के लिए बहुत खतरनाक है। यह सब जो हो रहा 65 वर्षों की मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति का नतीजा है। इस विषय की गंभीरता आज बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी द्वारा यूएनओ हस्तक्षेप की मांग से समझा जा सकता है। अब सवाल यहीं उठता है कि क्या ममता सरकार को पद पर बनेे रहने का अधिकार है।

जिस देश की संस्कृति में नफरत और हिंसा के लिए कोई जगह न हो आज वह देश इसी आग में जलाया जा रहा है । हिंदुओं ने कभी यहां रहने वाले मुसलमानों से नफरत नही की । इसका प्रमाण मुसलमानों का देश के सर्वोच्च पदों पर आसीन होने के साथ उनकी बढ़ती आबादी है । फिर भी जो कुछ मुसलमान कर रहे हैं इससे इस देश के दूसरे सभी समुदायों को सबक लेने की जरूरत है । आइये हम सब अपने देश को बचाने हेतु सरकार के नीति का समर्थन करें।*#WE_SUPPORT_CAA*।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह ने मानवता के साथ देश हित में जो निर्णय लिया है वह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। आइये हम इस निर्णय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति हेतु इस पीटीशन पर हस्ताक्षर करें। 
#we_support_caa