High bills of private & multiutility hospitals .

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इतने टैक्स भरने के बाद भी क्योंकि गवरमैट होसपिटल मे सुविधाओं और सेवावो की बहुत कमी है , तो आम आदमी प्राईवेट हासपिटल का रूख करता है , जहाँ ढेर सारे डाक्टर , नर्स , स्टाफ़ को देख कर मरीज़ कुछ राहत सी महसूस करता है क्योंकि govt hospital मे कोई सहुलियत है ही नही जो की यतीमख़ाने की तरह बना दिये गये है। मगर pvt hospital वाले इसके बदले लाखों रू का फ़र्ज़ी बिल बना कर लुटते है और admit patient को रलीव नही करते जब तक उसकी जान न निकल जाए। ढेरों टेस्ट , specialist doctor , वहैरहा के नाम पर कई बार मुर्दा लोगे के भी बिल बनाए गए है । जब की जिसका जब patient मर गया तो उसको लाखों का बिल किस बात की । मरने के बाद सारा बिल माफ़ होना चाहिये ताकी परिवार मरने वाले का ग़म मना सके न कि क़र्ज़े लेकर hospital से शव ला सके । जाने वाले को आप बचा नही सके तो बिल किस बात का। मेरी बहन ने फोरटिज दिल्ली मे पति को बचाने के लिये 28 लाख का 25 दिन का बिल दिया । और उसके पति की मौत के बाद का भी बिल चुकाना पड़ा ।

कया govt को अपने govt hospitals को upgrade नही करना चाहिये वैसे ते हम बुलेट ट्रेन , super power , मंगल यान की बात करते है , मगर आम आदमी के लिये इलाज करवाना भी इतना फ़र्ज़ी तरीक़े से महँगा कर दिया के लोग pvt doctor के नाम से डरने लगे है ।

गवरमैट को सरकारी सेवावो मुख्यतया हैल्थ और शिक्षा और नारी सुरक्षा का अविलमब सुधार और नियंत्रण करना चाहिये जिसका सीधा देश की प्रगति व ख़ुशहाली पर असर दिखाई देगा।

सरकारों को अपनी ज़िम्मेदारी समझ कर , इन क्षेत्रों मे लापरवाही पर सख़्त सज़ा  सुनिश्चित कर आम जनता को अच्छी और सस्ती सुविधा देकर राहत दी जाए।बल्कि यह सब आम नागरिक का मौलिक अधिकार  होना चाहिये ।

If you agree please share it widely so that it becomes heard & implemented by govt .it is a small thing in big aim .



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