Petition Closed

MHRD, PMO: Slashed research seats of JNU be resumed जेएनयू काटी गईं रिसर्च सीटें बहाल हों

This petition had 81 supporters


JNU is a premier Central University of India,it is a also a research based university.Established on socialistic principles and premises, this university has been representing a fair chunk of students coming from economically deprived family and socially-economically and educationally marginalised groups contribute to the development of the nation after getting quality education on minimal expenditure.
JNU has been the face of Indian intellect since its inception.
Recently the university administration has slashed down the seats of MPhil/PhD upto 85 percent for the academic session 2017-18 on the basis of on UGC notificatio.
This massive cut down of research seats has swallowed all the seats of many centres of this university including Centre of Indian Language.
Thus this decision of the university has caused a grave shock to the educational aspirations of thousands of students who wish to pursue their research from here.
Through this petition ,I appeal to all of you to support on this matter so that the university roll back its draconian decision which will undo the justice done to the students through this notification.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ( JNU ) देश का एक प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालय है। यह एक रिसर्च बेस्ड यूनिवर्सिटी भी है। समाजवादी व्यवस्था पर आधारित इस संस्थान में देश के दूर-दराज के क्षेत्रों, समाज के वंचित तबकों का अच्छा-खासा प्रतिनिधित्व रहा है। समाज के आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों से आए लोग भी यहाँ कम पैसों में अच्छी शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्र के विकास में अपना योगदान देते हैं। अपनी स्थापना के समय से ही यह भारत का एक बौद्धिक चेहरा पेश करता रहा है।
पिछले दिनों यहाँ यूजीसी नोटिफिकेशन को आधार बनाकर शैक्षणिक सत्र 2017-18 के लिए एमफिल/पीएचडी की सीटों में क़रीब 85 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है। इस प्रकार से भारतीय भाषा केंद्र सहित यहाँ के कई प्रमुख केंद्रों में सीटें पूरी तरह ख़तम हो गई हैं। इस प्रकार से यहाँ के साथ-साथ देश भर के उन हज़ारों विद्यार्थियों को करारा झटका लगा है जो यहाँ शोध करना चाहते हैं। इस याचिका के माध्यम से आप सबसे अपील करता हूँ कि इस मुद्दे पर हमारा साथ दें ताकि पूरी सीटें बहाल हो सकें। इस प्रकार से देश के छात्रों के साथ होने वाला अन्याय टल जाएगा।



Today: Ankit is counting on you

Ankit Dubey needs your help with “MHRD, PMO: Slashed research seats of JNU be resumed जेएनयू में काटी गईं रिसर्च सीटें बहाल हों”. Join Ankit and 80 supporters today.