हम भारतीय सेना में एक अहिर रेजिमेंट चाहते हैं

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  1. यादव/अहीर रेजिमेंट यादव/अहीर समाज भारत का एक विशाल जनसँख्या वाला समाज है। करोड़ों की आबादी और सदैव राष्ट्रहित और रक्षा के लिए आगे आने वाले यादवों की भारतीय फौज में कोई रेजिमेंट नहीं है। यह अन्याय यादवों के साथ एक लंबे समय से चला आ रहा है। यादव जाति के वीर योद्धाओं ने भारत की आजादी के लिए हुए संग्राम में बढ़ चढ़ कर भाग लिया और बलिदान दिया, जिसके कारण ब्रिटिश शासन के दौरान यादवों की कोई रेजिमेंट नहीं बनाई गयी, बल्कि यादव जाति के साथ बागियों के समान ही बर्ताव हुआ। हमारे पुरखों ने देश के लिए लड़ाई लड़ी, तो बागी कहलाना भी मंजूर था। किन्तु आज दशकों बाद भी यह अन्याय जारी है। यादव/अहीर रेजिमेंट इसलिए जरुरी है - 1) आज भारतीय फौज में अनेक ऐसी रेजिमेंट हैं जिनका गठन जाति, सम्प्रदाय अथवा क्षेत्र के आधार पर हुआ। उदाहरण के लिए Kumaon Regiment (क्षेत्र आधारित) Jat Regiment (जाति आधारित) Sikh Regiment (धर्म/सम्प्रदाय आधारित) Rajput Regiment (जाति आधारित) आदि। इन तमाम जाति/क्षेत्र/सम्प्रदाय आधारित रेजिमेंट में सम्बंधित जाति/क्षेत्र/सम्प्रदाय के लोगों को(जिनके नाम से रेजिमेंट है) बड़ी संख्या में भर्ती मिलती है। जब भारतीय सेना में कुछ जातियों की अपनी रेजिमेंट है तो यादव/अहीर रेजिमेंट क्यों नहीं..! यह सच है कि तमाम जाति/धर्म/सम्प्रदाय आधारित रेजिमेंट ब्रिटिश शासन काल में गठित हुईं, और वे आज तक भारतीय सेना में अपनी भूमिका निभा रहीं हैं, राष्ट्र रक्षा कर रही हैं। लेकिन आज तक अहीरों को अपनी रेजिमेंट भारतीय सेना में नहीं मिली। जबकि यादव/अहीर जवान भी उतनी ही शूरवीरता के साथ देश के लिए लड़ता है जितना बाकि सब। 2) यादव/अहीर रेजिमेंट की मांग केवल एक मांग भर नहीं है, यह हमारा अधिकार है। यादव जवान को भी अपने कंधे पर अपना नाम "यादव" लिखवाने का अधिकार मिले। यादव जवान देश के लिए समर्पित होता है, तो उसे अपना नाम अपने कन्धे पर लिखने का भी अधिकार हो। यह करोड़ों यादवों के आत्मसम्मान की बात है। 3) साथ ही, इससे यादव युवक भारतीय फौज के लिए और भी प्रेरित होंगे एवं फौज में यादवों की भागीदारी भी बढ़ेगी। यह साथ ही साथ यादवों को रोजगार से भी जुड़ा है, गरीब यादव जो देश के लिये जीना और शहीद होने का जज्बा रखता है, उसके परिवार के लिए भी यह लाभकारी होगा। 4) फौज में भागीदारी किसी भी समाज के लिए गर्व का एहसास होता है। इसके अलावा अहीर रेजिमेंट यादवों के उन पुरखों और शहीद जवानों के लिए भी श्रद्धांजलि होगी जो देश के लिये शहीद हुए। 5) यादव जाति की आबादी भारत में करोड़ों की संख्या में है, अनुमान के अनुसार यह 15 से 18 करोड़ या इससे ज्यादा भी हो सकती है। यादव भारत में अलग अलग नाम जैसे अहीर, यादव/यदुवँशी, ग्वाल, गोप, अयर, राव, आदि नामों से हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहार, बंगाल, झारखण्ड, राजस्थान, दिल्ली, आंध्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आदि अन्य राज्यों में बसे हैं। इसलिए आवश्यक है कि सभी यादवों को उनका अधिकार "यादव रेजिमेंट" मिले। 6) यादव भारतीय फौज के प्रति कितने उत्साहित हैं और सम्मान रखते हैं यह इस उदाहरण से ही समझा जा सकता है कि देश में सबसे ज्यादा फौजी देने वाले राज्य हरियाणा में बड़ी संख्या में फौजी जवान "अहीरवाल" क्षेत्र से आते हैं। वीर अहीरों की भूमि में जन्मे वीर अहीर राव तुलाराम जी, राव गोपालदेव जी, जैसे वीर अहीरों ने सदैव मातृभूमि के लिए संघर्ष किया। आजाद भारत में भी तमाम यादव वीर हुए जिन्होंने मातृभूमि के लिए संघर्ष किया, बलिदान दिया, अनेक पदकों से सम्मानित हुए। 7) अकसर यादव जवान गुमनामी की शहादत पाते हैं क्योंकि लोगों को केवल यही पता चल पाता है कि किसी रेजिमेंट का फौजी शहीद हुआ है। किसी को नहीं पता चलता कि वो वीर अहीर था। हम सब ने एक गीत सुना है जो कि 1962 के भारत-चीन युद्ध में भारतीय फौज के शौर्य और जवानों की शहादत और राष्ट्र भक्ति के बारे में बताता है "ऐ मेरे वतन के लोगों"। उस युद्ध में अनेकों अनेक यादव जवानों ने बलिदान दिया, रेजांग ला के मोर्चे पर वीर अहीरों ने जो शौर्य दिखाया वो तो विश्व विख्यात है। किन्तु गीत में "कोई सिख कोई जाट मराठा कोई गोरखा कोई मद्रासी.." तो कहा गया किन्तु वीर यादव कहीं खो गया। (यादव भी मानते हैं कि देश का जवान किसी जाति का नहीं बल्कि देश का होता है भारतीय होता है। किन्तु जब सब का नाम पता चल जाता है तो अहीर का क्यों नहीं..केवल एक रेजिमेंट ना होने के कारण)। इसलिए यादव समाज के स्वाभिमान और अधिकार हेतु यादव/अहीर रेजिमेंट का गठन जरूरी है। यादव/अहीर रेजिमेंट के गठन के लिए- इस petition के द्वारा अपील की जा रही है कि माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी, रक्षा मंत्री श्री मनोहर पर्रिकर जी और माननीय सुप्रीम कोर्ट (भारत) यादव रेजिमेंट के गठन के लिए कदम उठाने की कृपा करें और तमाम यादवों को उनका अधिकार दे। जैसा कि पहले उल्लेख किया जा चुका है कि भारतीय फौज/थल सेना में पहले से अनेक जाति, क्षेत्र, सम्प्रदाय आधारित रेजिमेंट मौजूद हैं तो एक नई यादव रेजिमेंट के गठन में कोई कानूनी रुकावट नहीं होनी चाहिए। केवल इच्छा शक्ति चाहिए। पहले भी अनेक बार यादव समाज की और से यादव रेजिमेंट की मांग उठाई जा चुकी है किन्तु दुर्भाग्य से अब तक इसका गठन नहीं हुआ। अतः प्रधानमन्त्री जी, रक्षा मंत्री जी एवं माननीय सुप्रीम कोर्ट से निवेदन है कि करोड़ों यादवों को उनका अधिकार जरूर दें। देश के सभी करोड़ों यादवों से और यादव नेताओं से (समाज और राजनितिक) अपील है कि यादव रेजिमेंट के मुद्दे पर एक साथ आएं और अपना योगदान दें। इस petition का समर्थन करें। क्योंकि जब तक रेजिमेंट नहीं होगी, फौज में भागीदारी कम रहेगी। जिससे तामाम यादव जवानो और भावी पीढ़ी को अभाव का सामना करना पड़ेगा। (हम किसी अन्य जाति अथवा रेजिमेंट के विरोध में नहीं, अपितु यादवों के अधिकार के पक्ष में हैं। दूसरों को अपना नाम अपने काँधे पर मिला है तो हमें अपना नाम क्यों नही?? या तो यादव/अहीर हो यादव जवान के काँधे पर, या सब जवानों के काँधे पर "भारत") नाम कंधे पर हो अपना, और मुख से निकले भारत माता की जय..! जय हिन्द


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