Give more power to NOTA

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Do we feel that those sitting in the parliament or vidhan sabhas are representatives of public? Does MP, MLA raises your voice ? Why? Because they are incapable to do so. We choose incapable as the capable ones are not having a chance in the expensive show of elections and candidates with criminal mindset. So the situation must change and by pressing NOTA, those candidates must be shown the door.

नोटा को सशक्त करें

मतदान मशीन पर आखिर में एक बटन होता है NOTA (None of the above , मतलब इनमे से कोई नहीं). लेकिन यह बटन अभी सिर्फ संकेत मात्र है . NOTA जीतने पर भी जिस उम्मीदवार को दुसरे नंबर पे सबसे अधिक वोट मिले होते हैं वही जीता माना जाता है ...
क्यों ? जब जनता ने बोल इनमे से कोई नहीं तो मतदान दोबारा होना चाहिए , नए उमीदवारों के साथ ..इसलिए यह प्रावधान बनाना ज़रूरी है ...जब तक यह प्रावधान नहीं बन जाता ...हमे फिर भी पार्टी को सन्देश देने हेतु इसको खूब वोट देने चाहिए ताकि पार्टियों को ये पता चले के पैराशूट से उतारे , या बलात्कार, क़त्ल, दंगा आदि संगीन आरोपी को टिकट न दी जाए ....