भारत के रत्न महाकवि गोपालदास नीरज जी को मरणोपरांत भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया जाये

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महाकवि गोपालदास नीरज, काव्यजगत के दैदीप्यमान सूर्य, जिनको किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है, ने अपना नश्वर शरीर 19 जुलाई 2018 को त्याग दिया। उनका अचानक चले जाना सम्पूर्ण साहित्यजगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

नीरज जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन काव्य के लिए समर्पित कर दिया। आपकी ही वजह से कविता व गीत को न केवल भारत बल्कि सम्पूर्ण विश्व एक नई पहचान मिली। 

आदरणीय हरिवंश राय बच्चन जी के बाद, आपकी लोकप्रियता घर घर तक व्याप्त हो गयी। आपके अनगिनत मधुर गीत, जो कि अपने बॉलीवुड फिल्मों के लिए लिखे, आज भी हर किसी की ज़ुबान पर हैं।

अपने जीवन काल मे आदरणीय नीरज जी को असंख्य पुरस्कारों से नवाजा गया, या यूँ कहें कि पुरुस्कार स्वयं धन्य हो गए आप का नाम पाकर, तो अतिश्योक्ति न होगी।

आप भारत के वो अमूल्य रत्न हैं, जिनका नाम भारतीय इतिहास में अमर रहेगा और आने वाली कई सदियों तक आपकी जनमानस को झंकृत करने वाली कवितायें व गीत, काव्यजगत को एक नई दिशा प्रदान करते रहेंगे।

मेरा भारत सरकार से अनुरोध है कि भारत के अनमोल रत्न श्रद्धेय नीरज जी को मरणोपरांत "भारतरत्न" दिया जाये। ये सम्पूर्ण भारत के लिये अत्यंत गौरव की बात होगी।

कृपया मेरी आवाज को जन-मन तक व भारत सरकार तक पहुँचाने में सहयोग करें। इस पेटीशन को जितना अधिक हो सके शेयर करें।

सहृदय धन्यवाद

कवि कुँवर अनुराग                                              आगरा।                                                                मो.- 9837268515



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