6 Digit Medical Seats. Our aim is to increase number of Medical Seats In India .

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1.भारत मे डॉक्टर की कमी है जो भी डॉक्टर है वे शहरो तक ही सिमित है जिसके चलते गांव वाले झोला छाप डॉक्टर के भरोसे है ।कयी बार इन झोलछाप doctors के कारण लोगो को ऐड्स जैसी गम्भीर बिमारी तक हो गयी है ।

2 . कोई भी चीज कम होती है तो वो बहुत महंगी होती है कुछ इसी प्रकार से न सिर्फ मेडिकल की पढाई मह्न्गी होते जा रही है बल्कि   डॉक्टर भी बहुत महंगे होते जा रहे हैं ।

3. बहुत से लोग मेडिकल की पढाई महंगी और सीटे कम होने के कारण मेडिकल को एक रोजगार के option  की तरह नही लेते और engineering,commerce लेने को मजबुर हैं ।ज्यादा की किमत कम होती है इसी के चलते वे जो हैं कम पैसो मे काम करने को भी मजबुर है ।40-45साल की उम्र मे retire होने का डर सता रहा है क्योंकि हर साल बहुत सारे  engineer commerce ग्रेजुएट निकल रहे जो कम पैसो मे काम करने को तैयार हैं और ऐसे मे 45 की उम्र मे अनुभव के मुताबिक पैसे न मिले इंजीनियरऔर commerce वालो को इसकी बहुत अधिक समभावना है । अगर इन(engineer commerce और वकालत) की लाईन मे हर साल जो  जरुरत से ज्यादा man power add होता है अगर  मेडिकल मे सिट बढ़ जाती है तो कुछ हद तक यह  extra मैन पावर मेडिकल की  लाईन मे absorb हो जायेगा तो इसे सभी को फायदा होगा । ज्यादा doctor होने से doctor को अपनी बदनामी का डर लगेगा जिसे बेमतलब के पैसे मरीजो को जबर्दस्ती के टेस्ट के जरिये  भी लेना बन्द होगा ।शहरो मे competition बढ़ने से वे गांवो की तरफ रुख करेंगे ।

5. दूसरे देशो मे नर्स को भी दवाई लिखने दे दी जाती है परंतु भारत मे ऐसा नही है ।भारत मे बहुत दिनो से नर्स इसकी मांग कर रहे है ।आज यही 10-15 साल (एम्सजैसे संस्थानो)के अनुभ्वी नर्स प्राइमरी हेल्थ सेंटर मे देख रेख कर रहे होते तो बहुत से गरीब ब्च्चो की जान बच जाती।नर्स की मांग उचित है अनुचित है इस पर सरकार फैसला ले लेकिन जब दुनिया भर के विकसित देशो मे नर्स दवाई बता सकती है तो भारत मे ऐसा क्यों नही है इस पर विचार होना चाहिये ।

6. भारत मे आज बहुत से बच्चे कुपोषण के शिकार है इसका भी कारण जो" basic (उल्टी दस्त )स्वास्थ सुविधाओ के लिये पर्याप्त doctor नही है ।जो की primary हेल्थ सेंटर से provide की जाती है ।बिहार मे भी कुपोषण के कारण इतने बच्चो की मौत हई है ।

7. जब गांवो मे अस्पताल और doctor नही होँगे तो आयुष्मान बीमा योजना वगैरह का लाभ गरीबो तक नही पहुन्चेगा ।

8.MCI को भंग किया जाना चाहिये । कालेजो को मान्यता देने के लिये एक अलग संसथान बनाना चाहिये  ।जो सरकार के अधीन हो।

9. सरकार हर साल मेडिकल मे सीटे बढी है इसका data जनता के सामने रखे ।ताकी सिर्फ कागजो मे सीटे न बढे असलियत मे भी सीटे बढे ।

10. नौजवनो को पैसो की कमी के चलते doctor बनने का सपना न छोड़ना पड़े इसके लिये ज्यादा से ज्यादा सरकारी मेडिकल कालेज खोले जाये ।और scholarship दी जाये गरीबो को ।

11.भारत मे पकिस्तान की तुलना मे कम doctor है ये भी एक तथ्य है  ।

12.WHO के मुताबिक कम से कम एक डॉक्टर प्रति हजार व्यक्ति होना चाहिये लेकिन भारत मे officially 0.67 doctor प्रति हजार व्यक्ति ।

13.भारत मे 30-70 साल की उम्र मे NCDस(हार्ट ,diabetes,चेस्ट (छाती) ) की बिमारी से मरने वाले सबसे ज्यादा लोग हैं बाकी देशो की तुलना मे इसका एक कारण जो है डॉक्टरो की कमी और इलाज का महँगा होना है।

14.सरकार QUALITY और QUANTITY के बिच उचित बैलेंस बनाये किसी भी एक कारण दुसरा न कम हो ।

15. India ranked 154 out of 195 in terms of access to health care , to tackle this problem we need both health care professionals as well as infrastructure https://www.livemint.com/Opinion/YrcGbLpfbqrWH55xAzehUM/Why-India-ranks-below-Liberia-in-global-healthcare-rankings.html

16. India has high infant mortality rate  , It has ranked 146 by United Nation Organisation .  Two causes accounted for 50%  of all deaths at ages 1-59 months: pneumonia  and diarrhoeal diseases .