fortis hospital, they are only there for money not for medical services.

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hello friends
i am writing this with great hope ,i hope you will seriously understand and help me.now i am in a lot of mentally depression.
I have complained about this everywhere as hon'ble CM sir, Hon'ble health minister,chmo sir, fortis corporate office also any other related departments but no taken any action against fortis hospital,jaipur  till now.so i requested you pls share it and support us.
Thanks ���

मेरा नाम दीपक है मेने अपने ससुरजी को कोरोना बीमारी की वजह से19/11/2020 को फ़ोर्टिस हॉस्पिटल जयपुर में admit कराया था। जिनकी फ़ोर्टिस हॉस्पिटल की लापरवाही की वजह से  04/12/2020 को दुखद निधन  हो गया  थी।

राजस्थान सरकार की guideline के अनुसार covid मरीज़ों के लिए प्रदेश के निजी हॉस्पिटल में covid के उपचार की दरें निधारित की गयी थी ।राजस्थान महामारी अध्यादेश 2020 की धारा 4 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने आम नागरिकों के लिए अधिकतम दरें निर्धारित की थी।
इस  पेकेज में राजस्थान सरकार के द्वारा severe sickness के लिए 8250rs और very severe के लिए 9900rs निर्धारित की गयी थी ।

इस  पेकेज में सरकारी गाइड लाइन के पेज नम्बर दो के बिंदु नम्बर सात के अनुसार इन  दोनो पेकेज में सभी प्रकार के  consumable items और जाँच D-DIMER शामिल है 
। लेकिन फ़ोर्टिस हॉस्पिटल द्वारा सरकारी गाइड लाइन के आदेशों की अवहेलना करते हुए हॉस्पिटल बिल में consumable items के साथ साथ D-DIMER जाँच के भी नियम विरुध ग़लत चार्जेज़ वसूले गए ।

जब मेने फ़ोर्टिस हॉस्पिटल स्टाफ़ को सरकारी गाइड्लायन दिखायी तो उन्होंने उसे मानने से साफ़ मना कर दिया ।सभी ने मेरे साथ बहुत ज़्यादा अपमान जनक व्यवहार किया गया।मेने उनसे काफ़ी शालीनता से विनती भी की।लेकिन फ़ोर्टिस स्टाफ ने बिना पूरा बिल राशि लिए बिना मेरे ससुरजी की death body नहीं दी। मैं  फ़ोर्टिस senior management से भी मिला ।लेकिन किसी ने भी मुझे प्रॉपर रेस्पॉन्स नहीं दिया।

मेरे पास कोरना गोवेर्मेंट गाइड लाइन और narayana hospital के  covid मरीज़ का भी बिल था जो मेरे मित्र के मामा जी थे ।उनकी भी नारायणा हॉस्पिटल में covid की वजह से डेथ हो गयी थी ।उनका बिल बिलकुल कोविड गवर्न्मंट guideline के अनुसार था।बिल में किसी भी प्रकार के consumable items और d -dimer जाँच की कोई अतिरिक्त राशि नहीं ली गयी थी ।

में आर्थिक और मानसिक रूप से इतना भारी भरकम बिल पेमेंट देने में बिलकुल भी सक्षम नहीं था,वो भी अनावश्यक और ग़लत बिल के ।क्यू की हॉस्पिटल द्वारा पहले ही बिल में अनावशक ग़लत चार्जेज़ लगाकर बिल राशि काफ़ी बड़ी कर दी हुई थी।इतना करने के बाद भी हॉस्पिटल द्वारा पहले ही बहुत बड़ी राशि जमा करवा ली गयी थी।बाद में भी मुझे और राशि जमा करने के लिए परेशान किया और मुझे पेसे जमा नहीं करने पर ट्रीटमेंट बंद करने की धमकी भी दी गयी थी ।

सुविधा के नाम पर ज़ीरो लेकिन मरीज़ के ट्रीटमेंट के नाम पर उल्टे-सीधे ग़लत चार्जेज़ लगाकर आम इंसान जो पहले ही आर्थिक और मानसिक रूप से पहले ही टूटा हुआ है,जानबूझकर उसे और परेशान करना यही इन बड़े privets hospitals का बिज़्नेस हो गया है।

मेरे ससुरजी कोविड micu में admit थे जब में उनसे मिलने गया था तो वो पानी के लिए काफ़ी ज़्यादा परेशान थे उनकी पानी की बोतल ख़ाली थी।वह स्टाफ़ का कोई पर्सन मोज़ुद नहीं था।में बाहर जाकर स्टाफ़ को बुला कर लाया तब जाकर ससुर जी को पानी मिला वो भी मेरे अचानक आने की वजह से।बाद में ससुरजी से बात की तो जानकर बहुत दुःख हुआ वह कोविड मरीज़ों के साथ बहुत ग़लत वहवहार किया जा रहा था मानो कोरोना संकमित होकर उन्होंने कोई बहुत बड़ा अपराध कर दिया हो।

मेरे ससुरजी 15/11/20 को बीमार हुए थे हालत ज़्यादा ख़राब भी नहीं थी। तब पहली बार 15/11/20 में ससुर जी को फ़ोर्टिस हॉस्पिटल ले कर आया था इमर्जन्सी में दस मिनट रखा फिर बेड नहीं होने का बहाना कर के किसी और हॉस्पिटल में जाने को कह दिया।मेरे पास कोई सिफ़ारिश नहीं थी इसलिए मुझे बेड नहीं मिला।फ़ोर्टिस में फ़्लू क्लिनिक में थोड़ी देर ऑक्सिजन मास्क लगा कर रखा और बोल दिया यह जगह नहीं है कही और ले जाओ।मेने उनसे रिक्वेस्ट की की आप जब तक में दूसरे हॉस्पिटल में बेड availability का पता कर के आता हूँ तब तक प्लीज़ ससुर जी को primary ट्रीटमेंट देते रहे।दूसरे हॉस्पिटल में बेड मिलते ही में ससुरजी को शिफ़्ट कर लूँगा लेकिन फ़ोर्टिस स्टाफ़ ने साफ़ मना कर दिया।कहा अभी के अभी ले कर जाओ।कहा लेकर जाना है हमें कुछ नहीं पता लेकिन यहाँ से अभी के अभी लेकर जाओ ।


इसके बाद मेने फ़ोर्टिस के बाहर से  ambulance की तो ambulance वाले ने भी मेरी मजबूरी और लाचारी  का  ग़लत फ़ायदा उठाते हुए काफ़ी ज़्यादा पेसे माँगे।उसके बाद मजबूरी में में अपने सीरीयस पेटेंस को लेकर इसी हालत में सारे हॉस्पिटल्ज़ में भटकता रहा।लेकिन सारे हॉस्पिटल्ज़ ने admit करने से मना कर दिया।पाँच -छः  हॉस्पिटल्ज़ में भटकने के बाद भी जब कही बेड नहीं मिला तो मेने इंटर्नेट से कांटैक्ट नम्बर लेकर जयपुर के मोस्ट्ली सारे हॉस्पिटल पर फ़ोन से बेड के लिए पूछा लेकिन सबने मना कर दिया।इसके बाद ambulance  वाले ने कहा की शिवम् हॉस्पिटल में आपको बेड मिल सकता है।हो सकता है की commision के वजह से मुझे बोला गया हो।


शिवम् हॉस्पिटल में तो और भी ज़्यादा बुरा हाल था वहाँ  खुले आम लूट की दुकान चल रही थी।वहाँ भी सब रामभरोसे चल रहा था।वहाँ  भी care कि नाम पर कुछ नहीं था।डॉक्टर भी नाम के थे।चार दिनो में शिवम् हॉस्पिटल ने 75000rs की मेडिसिन का बिल साथ में अलग से हॉस्पिटल और टेस्ट्स का अलग अलग तीन भागो में भारी  भरकम बिल थमा दिया। केमिस्ट शाप के पास gst नम्बर नहीं था फिर भी वो मरीज़ों से gst चार्ज कर रहे थे।मेने इसका विरोध किया तो मेरे साथ अशोभनीय व्यवहार किया गया।


शिवम् हॉस्पिटल में भी मुझसे कोविड गवेरमेंट गाइड लाइन द्वारा निधारित दरो से अधिक पेसे लिए गए। HRCT जाँच  की GOVT कोविड गाइड लाइन के अनुसार मैक्सिमम 1955/ है।लेकिन गवर्न्मंट गाइड लाइन की अवहेलना करते हुए मुझसे 3700/rs चार्ज किए गए।इसी तरह blood gas analysis abg  total की गवर्न्मंट द्वारा 138rs निर्धारित है उसके भी मुझसे छह बार से भी ज़्यादा हर बार 1200 लिए गए।गवर्न्मंट ने कोविड टेस्ट के भी उस समय १२०० निधारित की हुई थी लेकिन वहाँ भी लैब incharge द्वारा मुझसे दो बार  1500rs लिए गए और  receipt  माँगने पर सिर्फ़ १२०० की receipt  दी गयी।   
 
यहाँ की अव्यवस्थाए देख कर मेने दुबारा से किसी तरह फ़ोर्टिस हॉस्पिटल में ससुरजी को 19/11/20 को admit कराया ।लेकिन यहाँ  भी सुविधा के नाम पर ज़ीरो व्यवस्था थी।ससुरजी से मिलने पर बात होने पर उन्होंने बताया वो यहाँ  काफ़ी ज़्यादा परेशान है।स्टाफ़ का बिहेव्यर कोविड मरीज़ों केलिए ठीक नहीं है।कोविड की वजह से सभी स्टाफ़ उनसे दूरी बनाकर रखता है ।मरीज़ ने कुछ खाया पिया भी है या नहीं उससे स्टाफ़ को कोई मतलब ही नहीं।


मेरे ससुरजी सिर्फ़  ऑक्सिजन पर तो थे लेकिन एसके साथ वो बिलकुल होश में थे मिलने जाने  पर बात भी करते थे।लेकिन अचानक छह-सात दिन बाद अचानक से ससुरजी को ventilator पर   ले लिया ।हॉस्पिटल द्वारा मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गयी।की अचानक से ससुरजी जो काफ़ी दिनो से स्टेबल कंडिशन में थे अचानक से वेंटिलेटर पर केसे आ गये ।और वेंटिलेटर पर आने के बाद भी मुझे कोई इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी गयी। जब शाम को में रूटीन वे में ससुरजी को मिलने पहुँचा तब जाकर मुझे उनके वेंटिलेटर पर होने का पता लगा।जिस तरह मुझे यहाँ की असुविधाओं और स्टाफ़  के बारे में ससुरजी मुझे रोज़ बताते थे उसके बाद मुझे लगा ये सब हॉस्पिटल की लापरवाही का नतीजा है।


ससुरजी ४-५ दिन वेंटिलेटर पर रहे ।और हॉस्पिटल  वाले रोज़ पेमेंट जमा करने के बाद भी मुझे और ज़्यादा पेमेंट पेमेंट जमा करने के लिए mentally टोर्चेर करते रहे।
और इसके बाद मुझे फ़ोन पर 04/12/2020 को मुझे रात दो बजे  ससुरजी के नहीं रहने का दुखद समाचार दिया।
ये सुनते ही मुझे बहुत गहरा धक्का लगा की अगर प्रॉपर ट्रीटमेंट होता और अगर hospital  और सभी स्टाफ़ के लोग अपनी responsibility ईमानदारी और ज़िम्मेदारी से निभाते तो शायद एसा नहीं होता।


इतना कुछ होने के बाद भी मेरी परेशानिया यही खत्म  नहीं हुई भारी मन  से जब में सुबह death बॉडी लेने फ़ोर्टिस hospital पहुँचा तो फ़ोर्टिस हॉस्पिटल द्वारा भारी भरकम बिल मुझे थमा दिया और कहा पहले पूरा पेमेंट करो नहीं तो डेथ बॉडी नहीं मिलेगी।मेने बिल देखा तो पूरा बिल गवर्न्मंट कोविड गाइड्लायन के बिलकुल उलटा था।बिल में कई जगह ग़लत चार्जेज़ भी जोड़े गए थे जो की गवर्न्मंट कोविड गाइड लाइन द्वारा निर्धारित पेकेज दर में शामिल थे।हॉस्पिटल  द्वारा पेकेज में शामिल काफ़ी जाँच काफ़ी consumable items जो की गवर्न्मंट कोविड पेकेज में शामिल थे उनके भी काफ़ी सारे एक्स्ट्रा चार्जेज़ लगाए हुए थे। 


जब इस बारे में बिलिंग स्टाफ़ से बात की तो उन्होंने rudely  बात करते हुए मेरे साथ ग़लत व्यवहार किया।बाद में में मिस्टर शेखर जो की बिलिंग में थे उनसे भी बात की लेकिन सभी ने ग़लत और अशोभयनिय व्यवहार किया और कहा death बॉडी चाहिए तो पूरा पेमेंट जमा कराओ।cm  pm जहां  भी शिकायत करनी हो कर लेना।


में पहले ही शिवम् हॉस्पिटल और फ़ोर्टिस hospital को काफ़ी बड़ी राशि दे चुका था।और ससुर जी को खोने कि बाद में एस ग़लत और भारी भरकम बिल को pay करने में आर्थिक रूप से बिलकुल भी सक्षम नहीं था।


लेकिन जब फ़ोर्टिस हॉस्पिटल में किसी ने मेरी बात नहीं सुनी तो मजबूरी और लाचारी में बड़ी muskil  से किसी तरह कही से ब्याज पर पेसे लाकर फ़ोर्टिस हॉस्पिटल  का भारी भरकम बिल पेमेंट किया तब जाकर ६-७घंटे बाद मुझे ससुर जी की death बॉडी दी गयी। सिर्फ़ ग़लत और भारी भरकम बिल का पेमेंट लेने की वजह से फ़ोर्टिस हॉस्पिटल ने जानबूझकर dead बॉडी देने में काफ़ी ज़्यादा ज़्यादा देरी की।इस वजह से मुझे ससुर जी के अंतिम संस्कार के लिए बहुत ज़्यादा परेशानियो का सामना करना पड़ा।मेरे ससुरजी कि कोई पुत्र नहीं होने की वजह से अंतिम संस्कार की सारी ज़िम्मेदारियाँ चारों बेटियों ने निभायी थी।


अंत में में सिर्फ़ सरकार से सिर्फ़ यही कहना चाहूँगा की इस तरह के बड़े प्राइवट हॉस्पिटल  पर भी कंट्रोल रखे।और फ़ोर्टिस हॉस्पिटल  और शिवम् हॉस्पिटल के ख़िलाफ़ उचित नियमानुसार सख़्त कार्यवाही करे।ताकि में तो अपने ससुरजी को खो ही चुका हूँ।भगवान ना करे एसा कभी किसी और के भी साथ भी हो।
if you have any more details than please call me.


thanks with regards
Deepak raghav
9887378545