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Latur 144 : Terror of Water

This petition made change with 42 supporters!


लातुर 144, पानी का महासंकट. (For English Scroll Down: Latur 144 Terror of Water) मानवी इतिहास मे महाराष्ट्र के लातुर जिले का नाम, एज्युकेशन हब के साथ साथ अब पानी के लिए धारा 144 के लिए भी जाना जायेगा। मानवी ईतिहास कि यह शायद पहली घटना होगी, जब पानी को लेकर लोग आपस मे ना लढे इस लिए कानुन का सहारा इस कदर लेने कि जरुरत आ पडी हो। इस धारा के तहत अब जहा पानी के स्रोत है वहा 5 से ज्यादा लोग इकठ्ठा नही हो सकते। पानी के लिए धारा 144 लगाई जाना वह भी 31 मई 2016 तक, यह अपने आप मे एक बहोत हि गंभीर मसला है, मै यहा पर बहोद ज्यादा लिखने कि जरुरत नही समजता, क्यो की, यह धारा 144 अपने आप मे हि लातुर जिले मे पानी को लेकर क्या क्या समस्याये होंगी इस बात को बया करने मे सक्षम है।यह एक नैसर्गिक प्रकोप है और हमे साथ चलना है। मै बस इतना कहना चाहता हु, कि, इस बात का महत्व हम एक मानव होने के नाते समज ले। पानी ईश्वर कि देन है, उसे पाने का मानवी अधिकार सबको है। अभी तो यह मार्च है पुरा एप्रिल और मई बाकी है, आस पास पानी बिल्कुल नही के बराबर है। ऐसे मे पानी बाहर से हि लेके जाया सकता है। लातुर भारत के लगबग सभी रेल्वे स्टेशनो से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से जुडा हुआ है, हम भारत के, महाराष्ट्र के वासी, माननिय मुख्यमंत्रीजी, माननिय प्रधानमंत्रीजी, और माननिय रेल्वे मंत्री जी से विशेष और विनम्र अनुरोध करते है कि, कृपा कर के भारत के इस कोने मे आप रेल्वे के वॅगनो मे पानी भरकर 31 मई 2016 तक रोजाना एक स्पेशल ट्रेन चलाये। पानी कहा से लाना है, कैसे लाना है, कितना खर्चा आयेगा, यह शायद हमारे पढे लिखे अफसरो को ज्यादा समज मे आयेगा, हम तो बस केवल इतना जानते है, पानी का महत्व ईतना है कि, मरने वाले को भी पानी पिलाना पुण्य का काम होता है। यदी ईस बात कि गहराई और जरुरत अगर हम नही समज सकते, और हम केवल हिसाब किताब करने मे मशगुल रहे तो पता नही आने वाली नस्ले हमे किस नजर से देखिंगी। मानवी संवेदना को व्यक्त करने का यह एक मौका है, जब हम लोग अपने हिस्से का थोडासा भी पानी अगर बचाकर एक रल्वे के वॅगन मे डाल सके तो लाखो जिंदगीया बरबाद होने से बच सकती है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग, बिमार लोग, विद्यार्थी इन सब के बारे मे सोचे, यह केवल मानवी मुल्यो का हि नही बल्की उससे निर्माण होने वाले कर्तव्य का भी मसला है। माननिय मुख्यमंत्री जी, माननिय प्रधानमंत्रीजी, एंव माननिय रल्वे मंत्रीजी आपसे फिर से एक बार विनम्र अनुरोध है, कि जल्दी से जल्दी लातुर तक पानी से भरे रल्वे वॅगन भेजे। हम मालदिव को अगर पानी भेज सकते है, तो निश्चित हि लातुर मे रेल्वे वॅगन से पानी पुरे महीने भेजना हमे ज्यादा मुश्किल नही होगा। हम भारतवासी काफी उम्मीद के साथ आपके सामने यह बात रख रहे है।  सभी भारतवासीयो से विनम्र अनुरोध है कि आप ईस पिटिशन को साईन करे, और ज्यादा से ज्यादा शेअर करे ताकी ज्यादा से ज्यादा लोगो को अपने मानवीमुल्यो के प्रती कर्तव्य का पालन करने का मौका मिले और हमारे लातुर जिला वासी भाई, बहनो को पानी मिले।   Latur 144, Terror of Water Apart from being a Education hub, Latur will now be famous for Section 144. Section 144 prohibits gathering of more than 5 people at one place. This section is for securing law and order situation. Here in Latur district of State Maharashtra government officials have imposed Section 144 at a places where there is water source, till 31st May 2016, to ensure proper water supply. This perhaps might be for the first time in human civilization. It is a natural calamity and we need to stand together for our borthers and sisters. I really don’t feel any need to write in detail the ground reality of Latur. Section 144 itself is sufficient to elaborate what might be the situation at Latur. Just imagine the situation of kids, elder persons, patients, students? We need to do something. When we look at local situation and local bodies we can not answer how much water can they supply, when there is no water remaining nearby? Latur is well connected; directly and indirectly; by train with all major railway stations in India. There is lots of water in other parts of India. We humbly appeal Hon. Chief Minister, Hon. Prime Minister and Hon. Railway Minster to make arrangements to run a special Water Train till 31st May 2016 on daily basis. This train will carry water in wagons to Latur, from where it will be distributed to various places in Latur. Where to get water from, How to take it to Latur by Train, How much will be the cost? These questions will be much better answered by officials who are more able than a common man. As a common man, we all Indians can only appeal you to provide water to our brothers and sisters at Latur. This will be the most humanitarian task to do. If we fail to do this next generation will blame us for not being a Human. It is our moral duty to provide water to Latur, if every one of us pours a small glass of water in railway wagon then lots of lives can be saved. If India can send water to Maldives; Latur is in India, and we are sure we can do it. Kind request to all people to sign and share this petition, this is what can we do to make Govt realize and act on the issue on a very very urgent basis. It is our moral duty also to help our brothers and sisters.  


Today: Vishal is counting on you

Vishal Patil needs your help with “Hon. Prime Minister of India: Latur 144 Terror of Water”. Join Vishal and 41 supporters today.