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Susequent Owners r not able to do registry of their flats ,help requested from Government

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माननीय मुख्यमंत्री ,उत्तर प्रदेश
                         

                          विषय: फ्लैट की रजिस्ट्री में मदद हेतु

महोदय,

हम लोग जलवायु विहार ग्रेटर नोएडा के निवासी है । हमने अपना फ्लैट सन 2011 (या उससे पहले) में एयर फोर्स नवल हाउसिंग बोर्ड(AFNHB) के द्वारा निर्धारित नियमों के तहत दूसरी पार्टी से खरीदा था।

ये हाउसिंग बोर्ड सेवा निवृत इंडियन नेवी और इंडियन एरफोर्स स्टाफ द्वारा संचालित होता है और इस बोर्ड द्वारा किए हुए अलॉटमेंट या अलॉटमेंट ट्रॅन्स्फर्स आपसी सहमति और बोर्ड के पारदर्शी नियमो के तहत ही किए जाते हैं और इनमे कोई भी विवाद नही है.

 हम इस फ्लैट का दूसरे/तीसरे अलॉटी है और जब हमने यह फ्लैट खरीदा था उस समय हाइ-कोर्ट,सुप्रीम कोर्ट में रजिस्ट्री पर सुनवाई चल रही थी। यह केस ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और हाउसिंग बोर्ड/RWA के बीच चल रहा था। इसी वजह से उस वक्त फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही थी। इसी कारण से पुराने खरीदारों ने भी इस प्लैट की रजिस्ट्री नहीं कराई थी और यह प्लैट प्रथम आलोटी ने दूसरे आलोटी को और फिर उसके बाद दूसरे आलोटी ने हमें (वर्तमान आलोटी) ,सेल्स एग्रीमेंट और हाउसिंग बोर्ड(AFNHB) के द्वारा जारी अलॉटमेंट ट्रांसफर लेटर के तहत आपसी सहमति से बेचा गया था। 

सन 2011 में ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी केस जीत गई है और सभी अलॉटीज के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी कर दिया गया है। पहले अलॉटीज को इस फैसले से कोई समस्या नहीं है, पर दूसरे और तीसरे अलॉटी को रजिस्ट्रेशन में परेशानी आ रही है, क्योंकि उनलोगों को पुराने खरीदारों को ढूंढ कर लाना होगा और उसके बाद ही रजिस्ट्री हो पाएगी।

अतः इन अलॉटमेंट ट्रांसफर में कोई विवाद नही है क्योकि  हाउसिंग बोर्ड आपसी सहमति, अलॉटमेंट ट्रान्स्फर फीस और सेल्स अग्रीमेंट के बाद ही अलॉटमेंट ट्रान्स्फर जारी करता था और एक कॉपी ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को भी जारी की जाती थी.

 ये नियम(रजिस्ट्रेशन के लिए पुराने खरीदारों को ढूंढ कर लाना) मुख्यतः उन बील्डर्स और लोगोंके लिए बनाया गया है जो ग़लत तरीक़ो से एक प्रॉपर्टी बहुत सारे लोगो को बेच देते है. पर हमारा केस सॉफ सुथरा है और हमें रिजिस्टर्ड और सम्मानित हाउसिंग बोर्ड से अलॉटमेंट ट्रान्स्फर लेटर और नो ऑब्जेक्षन लेटर इश्यू है जो इस बात की पुष्टि करता है के हमने आपसी सहमति(sales agreement) और होसुइंग बोर्ड के पारदर्शी नियमो के तहत ही अपना फ्लॅट खरीदा है).

 वर्तमान अलॉटी(दूसरे और तीसरे )को मुख्यतः निम्नलिखित समस्या आ रही है.

 1.पुराने आलोटी अपने पुराने पते पर नही रह रहै है सो उन्है ढूँढना काफ़ी मुश्किल है.

2.कुछ पुराने आलोटी मदद नही कर रहै है और बार बार निवेदन के बावजूद .रिजिस्ट्री ट्रान्स्फर के लिये नही आ रहे है.

3.कुछ पुराने आलोटी का निधन हो गया है और उनके फॅमिली या तो मिल नही रही है या वो मदद करने को राज़ी नही है.

4.पुराने आलोटी अपना फ्लॅट पहले ही आपसी सहमति और अलॉटमेंट ट्रान्स्फर के तहत बेच चुके है, अतः उन्हे

हमारी नाम पे रिजिस्ट्री करवाने में कूई भी रूचि नही है अतः वो हमारे काम को या तो बीमारी या कोई और बहाना बनाकर ,टाल रहे है या नही आ रहे है.

5. कुछ पुराने आलोटी जटिल बीमारी से पीड़ित है अतः वो रिजिस्ट्री ट्रांस्फ़ेर के लिये नही आ सकते.

6. वर्तमान रेजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया काफ़ी लंबी और कठिन है. और इसमें काफ़ी दिन भी लगते है.पहले वर्तमान आलोटी को पहले आलोटी को लाकर उसके नाम पे रिजिस्ट्री करवानी होती है और इसके कुछ दिन बाद वर्तमान आलोटी को पहले आलोटी को दुबारा बुलाकर रिजिस्ट्री ट्रान्स्फर करवानी होती है. इस दूसरी ट्रान्स्फर प्रक्रिया में अगर पहला आलोटी मुकर जाता है तो वर्तमान आलोटी फँस जायगा और उसका बचाव कौन करेगा, इसका कुछ पता नही है.इस तरह के काफ़ी और भी मानवीय, कठिन प्रक्रिया सम्बंधित कारण वर्तमान आलोटी को रिजिस्ट्री करवाने में बाधा डाल सकते है.

 (नोट-पहली रिजिस्ट्री और सभी अगले रिजिस्ट्री ट्रान्स्फर में लगने वाली सारी फीस वर्तमान आलोटी को ही देनी होती है क्योकि पुराने आलोटी इसे नही देते है.)

 हम लोग ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी , रेजिस्ट्रेशन विभाग ,हाउसिंग बोर्ड(AFNHB) के पास अपनी समस्या लेकर गये थे.

" उनके मुताबिक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ,शासन एवं निबंधन विभाग द्वारा सामूहिक विचार विमर्श करके इस समस्या का समाधान संभव है.."

 अतः माननीय ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी, निबंधन विभाग और शासन से हमारा विनम्र निवेदन है कि एयरफोर्स हाउसिंग बोर्ड के द्वारा जारी "अलॉटमेंट ट्रांसफर लेटर" और "एनओसी" को वैध मान कर रिजिस्ट्री की अनुमति प्रार्थनीय है ताकि पुराने आलोटी को ढूँढना ना पड़े क्योकि वो या तो मिल नही रहे या मदद नही कर रहे है.

या

वर्तमान आलोटी को ही प्रथम आलोटी मान कर रेजिस्ट्रेशन की अनुमति प्रार्थनीय है.

IMP Note 1-अगर एस समाधान में कोई रेवेन्यू लॉस होता है तो उसे अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी के रूप मे लिया जा सकता है..

IMP Note 2-ये नियम केवल उन वर्तमान- दूसरे/तीसरे आलॉटी के लिए प्रार्थनीय है, जिन्होने सन 2011 के सुप्रीम कोर्ट के रिजिस्ट्री के आदेश से पहले के वर्षो में अपना फ्लॅट सेल्स अग्रीमेंट और अलॉटमेंट ट्रांसफर लेटर के तहत खरीदा था(क्यो कि उस समय केस की वजह से रिजिस्ट्री नही हो पा रही थी) और अब उनके पुराने आल्लोटी या तो मिल नही रहे या मदद करने को आगे नही आ रहे या उनका देहांत हो गया है.

IMP Note-3-महोदय हरयाणा सरकार ने भी वर्तमान आल्लोटी की इस समस्या को हल करने के लिए एक ऑर्डर पास किया था जिसके बाद वर्तमान आल्लोटी अपना फ्लॅट रिजिस्टर्ड हाउसिंग बोर्ड द्वारा जारी अलोटमेंट ट्रान्स्फर लेटर,सेल्स अग्रीमेंट और NOC के तहत ,बिना पुराने आल्लोटी के ही करवा सकते है.और इसमे लगने वाली स्टंप ड्यूटी और सारे ट्रान्स्फर चार्ज वर्तमान आल्लोटी को ही देना होगा. इस नियम से जलवायु विहार फरीदाबाद के वर्तमान दूसरे और अगले आल्लोटे ने अपना रेजिस्ट्रेशन बिना किसी परेशानी के करवा लिया है.

आपसे पुनः अनुरोध हे की आप हमारी मदद करें और इसी तरह का कोई ऑर्डर पास करें.

कृपया इस नोट पे भी ध्यान दें :-Supreme Court clarifies rules on transfer of immovable property(Litigation/Dated 14 Feb 2012) सुप्रीम कोर्ट के अनुसार (14 Feb 2012) सेल्स अग्रीमेंट,GPA या विल ट्रान्स्फर दस्तावेज़, प्रॉपर्टी ऐक्ट- सेक्षन 53A के अंतर्गत, पोज़ेशन को सुरक्षित करने के  लिए उपयोग कियै जा सकते है.सुप्रीम कोर्ट ने ये भी स्पष्ट किया कि आपसी सहमति से करे वास्तविक सौदे इस निर्णय से रद्द नही होंगे.

हम रजिस्ट्रेशन और ट्रांसफर के लिए जरूरी सारी फीस देने के लिए तैयार हैं । हमारे पास अलॉटमेंट ट्रांसफर लेटर, सेल्स एग्रीमेंट और एनओसी समेत तमाम दस्तावेज मौजूद हैं, जोकि एयरफोर्स हाउसिंग बोर्ड के द्वारा जारी किए गए हैं। सारे दस्तावेज इशारा करते हैं कि यह फ्लैट पुराने खरीदार की इच्छा से हमें हाउसिंग बोर्ड के नियम के अनुसार अलॉट किया गया है। इन सभी दस्तावेजों की कॉपी गऱेटर नोएडा अथॉरिटी को भी सौंपी जाती है। 

हमारे पास निम्नलिखित दस्तावेज हैं, जो हमारी खरीदारी की पुष्टि करते हैं...

 1. पहले खरीदार की हाउसिंग बोर्ड से जारी एनओसी और अलॉटमेंट लेटर

2. पहले से दूसरे खरीदार को हाउसिंग बोर्ड से जारी अलॉटमेंट ट्रांसफर लेटर और ट्रांसफर एनओसी.

3. दूसरे खरीदार से वर्तमान खरीदार /अलॉटी को हाउसिंग बोर्ड से जारी ट्रांसफर एनओसी, सेल्स एग्रीमेंट और अलॉटमेंट ट्रांसफर लेटर.

4. इस फ्लैट के लिए बैंक से लिए गए लोन के दस्तावेज/ हाउसिंग बोर्ड को दी हुई अलॉटमेंट ट्रान्स्फर पेमेंट फीस और दूसरे अलॉटी को दिया हुए पेमेंट के दस्तावेज़ इत्यादि.

5. 10 साल से वर्तमान अलॉटी(पोज़ेशन) के नाम पर इस पते पर बिजली का बिल, आधार कार्ड, पीएनजी का बिल.etc.

कृपया इन बिंदुओं पर भी गौर करें..

1. कई दूसरे और तीसरे अलॉटी के रजिस्ट्रेशन बिना पुराने खरीदारों के भी हुए हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं किया जा रहा है। (RTI)

2. प्राइवेट बिल्डर्स के फ्लैटों की रजिस्ट्री भी बिना पुराने अलॉटी के ही हो रही है।( क्योकि वो केवल वर्तमान अलॉटी के लिस्ट ही जारी करते है)

3. करीब 200 से ज्यादा लोगों को यही समस्या हो रही है,

 अत: अगर कोई नियम पास हो जाता है तो ये सभी लोग जिन्होंने आपसी सहमति से उस वक्त, सम्मानित हाउसिंग बोर्ड  की प्रक्रिया का पालन कर फ्लैट खरीदा है, वे अपने फ्लैट की रजिस्ट्री बिना पुराने अलॉटी के करा सकेंगे।

ये नियम उन सभी वर्तमान अलॉटी को काफ़ी मदद करेगा जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर अपने फ्लैट का रेजिस्ट्रेशन तो करना चाहते है पर उन्हे पुराने अलॉटी या तो मिल नही रहे या मदद नही कर रहे या उनका देहांत हो गया है या वो जटिल बीमारी के कारण मदद नही कर पा रहे हैं.

हम वर्तमान में एक सम्मानित संस्था में कार्यरत/Retired/tax payers है और यहां दिए गए तमाम दस्तावेजों के सही होने की पुष्टि करते है। इसके साथ ही हम इस बात की भी पुष्टि करते है कि हमारा यह फ्लैट किसी भी तरह के विवाद से परे है। इसलिए आपसे हमारा अनुरोध है कि इस तरह के मामलों के निपटारे के लिए एक नियम पारित करें, जिससे हमारा और हमारे जैसे करीब 200+ खरीदारों की समस्या हल हो जाए।

 आपके अभारी

 इसी सोसाइटी से कुल लगभग  80  लोग, जिन्हे यही समस्या है,

Note- कुल लगभग  80 लोग हमारी सोसाइटी में और है.जिन्हे यही समस्या है और भी अलग सोइसीएटी में काफ़ी लोग हैं. सीनियर सिटीज़न सोसाइटी- Greater Noida,जलवायु विहार-Noida,AWHO Greater Noida, इत्यादि बहुत सारी सोसाइटीस हैं जहाँ बहुत से लोग इस परेशानी के कारण अपना फ्लॅट रिजिस्टर नही कर पा रहै है.

 

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                                                                    धन्यवाद

 

 

 



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