हमारा रुपैया वापस चाहिए

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बाइक बोट ( GIPL) कंपनी जो कि कोट गांव दादरी गौतम बुद्ध नगर (उप) में इस्थित है ने किराए प्इर बाइक चलाने के नाम पर लगभग ढाई लाख लोगों से करीब दस हज़ार करोड़ रुपए हड़प कर भाग गयी है। यूपी पुलिस ने कार्यवाही के तौर पर लीपापोती के अलावा कुछ नहीं किया। कंपनी के12 डायरेक्टर्स में से सिर्फ 2 को ही पुलिस ने पकड़ा। हमारी दी गयी परफ़ेक्ट सुचना पर भी यूपी पुलिस ने डायरेक्टर करणपाल को भी गिरफ्तार नहीं किया। कुल मिलाकर हमें हमारा पैसा वापस चाहिए। इस कंपनी में ज्यादातअर पैसा 80 परसेंट पैसा देश के फौजियों का लगा है जो की आर्मी एक्शन के डर से fir भी नहीं कर सकते।कंपनी के मालिक संजय भाटी ने खुद सरेंडर किया था।

ये कंपनी एक बाइक का 62100 रुपए हमसे लेती थी और बदले में 9765/- हर महीने 12 किश्तों में वापस करने का ऑनलाइन एग्रीमेंट देती थी। 3 बाइक पर 4590/- एक्स्ट्रा हर महीने 12 महीनो तक और 5 बाइक लगाने पर 9180/- एक्स्ट्रा, 7 बाइक लगाने पर 13770/- एक्स्ट्रा देती थी। किसी और की बाइक लगाने के लिए 2295/- कमीशन देती थी। इस प्रकार चैन सिस्टम में लोग जुड़ते गए और कंपनी पैसा देती रही। दिसम्बर18 के बाद कंपनी ने पैसा देना बंद कर दिया। हमारे पैसे से बहुत सारी प्रॉपर्टी खरीदी। होटल, यूनिवरसिटी इत्यादि। हम को हमारा पैसा वापस चाहिए।