आइए ओडिशा के इन "साल" के जंगलों को बचाए Let's Save Odisha "Sal" Forest

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500 साइन के बाद इस पेटीशन को लोकप्रिय पेटीशनों में फीचर किए जाने की संभावना बढ़ सकेगी!

Vijay Singh ने Government of India ministry of environment and forests and climate change , Odisha government को संबोधित करके ये पेटीशन शुरू किया

ओडिशा के क्योझर जिले में गंधालपदा गांव में बसा  साल का जंगल अब सरकार की गलत नीतियों की वजह से अब कुछ ही दिनों का मेहमान है 

साल का ये जंगल 181,461 हैक्टेयर में फैला हुआ है 

ओडिशा सरकार ने 9 ग्रीनफील्ड  खनन क्षेत्रों के लिए निविदाएं आमंत्रित की है जिनमे यह 314,37 मिलियन टन का सबसे बड़ा आयरन ब्लॉक है  जिसमें 214 हैक्टेयर क्षेत्र में खनन शुरू होगा 

नीलामी की कोशिश पहले भी हुई थी पर स्थानीय विरोध के चलते उसे रद्द के दिया गया और अब फिरसे इसे अंजाम दिया जा रहा है 

गंधालपादा में रहने वाले मुंडा आदिवासियो को इस साल के जंगल  कटने की बहुत चिंता है ये वो जनजातीय है जो पूरी तरह जंगली उत्पादों पर निर्भर करती है   जानकार बताते है कि पहले गया बहुत बड़ा जंगल हुआ करता था पर अब सब मिटता जा रहा है 

सवाल ये है कि इस औद्योगिक विकास की कीमत हमेशा जंगल पर्यावरण और आदिवासी ही क्यों चुकाए  क्योंकि उस विकास में आदिवासियो का हिस्सा कभी नहीं रहा उस विकास से उनको कभी फायदा नहीं हुआ और ना ही सरकार ने। कभी उनके हुए नुकसान की भरपाई की गई 

अब ओर नहीं इस औद्योगिक विकास की अंधी दौड़ में यूं कब कत पिसते रहेंगे ये जंगल ओर आदिवासी अब हम आवाज़ उठानी पड़ेगी और ये सब विध्वंस रोकना पड़ेगा 

इस "साल" के जंगल को बचाने के लिए हमे एक कठिन और लंबी लड़ाई लड़नी होगी  

आप सभी जागरूक साथियों को पर्यावरण और आदिवासियो के हक के लिए लड़ते आए है सभी से उम्मीद है साथ देंगे 

ओर इस जंगल को इस अंधे विकास के बचाएंगे जय हिन्द जय जोहार 

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