Humanity for all

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मैं एक ऐसे देश मे रहता हूं जहा लोग भगवान की पूजा करते है और पत्थरों को पूजते है लेकिन यह अक्सर बहुत से मासूम निर्दोषों की हत्या कर देते है लेकिन कोई उनको बचाता नही है सिर्फ लोग तमासा देखते है और  intjaar करते है की कब मौका मिले चिल्लाने का धरना देने का और वे लोग कुछ दिन ऐसा करते है फिर भूल जाते है क्या हुआ था और क्यों हुआ था ..

मेरी रूह कांप उठती है इस प्रकार की घटनाएं देखकर मुझे लगता है इंसानियत मर चुकी है हम सबकी सब पैसे कमाने की होड़ में लगे है सब व्यस्त है अपनी ज़िंदगी मे अगर आपके आस पास कोई परेशान है तो आपको कोई फर्क नही पड़ता क्योंकि आप ठीक है :(

इस देश का कुछ नही हो सकता जहाँ माँ बहनों की इज्जत और मौत पर राजनीति खेली जाती है और हम इस गंदी राजनीति में उलझे रहते है 

धरना देने कानून बनाने ढोंग करने से कुछ नही होगा पहले अपनी अपनी मानसिकता बदलिए इंसानियत को जिंदा करिये मानवता को ध्यान रखिये 

किसी के साथ अन्याय हो तो उसको रोकिए सब मिलकर चाहे वो मेरी बहन हो आपकी बहन हो भाई हो माँ बाप कोई भी हो ....

जिस दिन इंसानियत ज़िंदा हो गई कोई भी रेप नही होगा कोई भी हत्या नही होगी क्योंकि जब हर व्यक्ति एक दूसरे की मदद करेगा तो कोई भी अकेला नही होगा .....�

इंसानियत ज़िंदा करिये इंसानियत

मेरे सामने कुछ भी गलत होता है अकेले लड़ता हु चाहे पिट जाऊ ...लेकिन आवाज उठता हु 

हमने भी एक बहन को बचाया है दरिंदो से और हमेसा बचाता रहूंगा जय हिंद