उत्तर प्रदेश के इस गाँवो के लोगो को कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के जानवरों से जान और माल का खतरा

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क्या आप रात को चैन से सो सकते हैं अगर आपके घर की खिड़की से कोई जंगली जानवर झाँके? चैन से सोना तो दूर, आपकी नींद उड़ जाएगी और आप आने वाले कई दिनों तक सतर्क रहेंगे कि कोई जंगली जानवर आपके घर में ना घुस जाए, आपकी परिवार, आपके बच्चों को नुकसान ना पहुँचाए।

लेकिन उत्तर प्रदेश के ज़िला बिजनौर में एक गाँव है जहाँ आज भी गाँववाले अक्सर रातभर इसलिए नहीं सोते हैं कि कहीं कोई शेर या हाथी या अन्य जंगली जानवर उनके घरों में ना आ जाए। दिन गुज़र गए, महीने गुज़र गए और साल गुज़रने को है लेकिन गाँववालों के लिए चैन की नींद अभी एक सपना ही है।

मैं उसी गाँव--नानकार उर्फ रामजीवाला का निवासी हूँ। ये गाँव उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड की सीमा के करीब कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के पास बसा है। गाँव के ज़्यादातर लोग किसान हैं या मज़दूरी करते हैं और अपनी समस्या को लेकर बस दर-दर भटक रहे हैं। उनके साथ शायद उनकी नींद भी भटक रही है।

कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व की सीमा से सटे होने के कारण जंगली जानवर जैसे हाथी, शेर, बाघ इत्यादि के आने का खतरा बना रहता है। दरअसल इसका कारण है रिज़र्व की सीमा का खुला होना। इससे सबसे बड़ा खतरा छोटे बच्चों और बुज़ुर्गों को है, जो आसानी से जंगली जानवरों का शिकार बन सकते हैं।

यही नहीं, रिज़र्व की सीमा का खुला होना किसानों के लिए भी एक बड़ा सिरदर्द है। अक्सर जंगली हाथी खेतों में घुस जाते हैं और कड़ी मेहनत से उगाई गई फसलों को कुचलकर बर्बाद कर देते हैं। ये हाथी केवल किसानों के खेतों को नहीं, उनकी उम्मीदों को भी कुचल रहे हैं।

फसलों के बर्बाद होने से गाँवो के लोगों के सामने आजीविका की समस्या पैदा हो गई है। छोटे किसानों के सामने अपने परिवार की भरण-पोषण की समस्या भी है।

मैं अपने गाँववालों को इस तरह परेशान होता नहीं देख सकता, मैं उनके सपनों को कुचलता हुआ नहीं देख सकता, इसलिए मैंने ये पेटीशन शुरू की है।

मैं और हमारा पूरा गाँव ये चाहता है कि वन विभाग और भारत सरकार लोगों की जानमाल ओर फसलों को बचाने के लिये गाँव से जुड़ी कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व की सीमा को तत्काल  (फेन्सिंग/दीवार) से सील करे। मेरी पेटीशन पर हस्ताक्षर करें और इसे शेयर करें।

कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व की सीमा को सील करने के लिये सभी गाँववाले एकजुट हैं लेकिन हमें आपका समर्थन चाहिए ताकि हमारी आवाज़ निर्णायकों तक पहुँचे।

शेर, हाथी, बाघ या अन्य जानवर, ये हमारे देश के लिए कीमती हैं और इनका संरक्षण भी होना चाहिए पर क्या इंसानों की जानवर कीमती नहीं है?

टाइगर रिज़र्व की सीमा को सील किए जाने से जानवरों और इंसानों के बीच का संघर्ष कम होगा और इससे दोनों को फायदा होगा।

आप सभी लोगों से हाथ जोड़कर अपील है कि इस पेटीशन पर हस्ताक्षर करें और इसे जितने लोगों तक पहुँचा सकें, पहुँचा दें ताकि हमारे गाँव के किसानों की फसलों ओर वहाँ के निवासियों की जान को खतरा ना हो।

निवेदक
ज़ाकिर हुसैन एवं समस्त गाँवो के निवासी
ग्राम रामजीवाला, पुलिस थाना बढ़ापुर, तहसील नगीना
जिला बिजनोर, उत्तर प्रदेश