Strict actiom should be taken against all schools who are not following govt.rules. yes/no

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"कृपिया मेरा मैसेज ध्यान से पढे। में एक जॉब करने वाली हाउस वाइफ हू। मैं मुस्किल से अपने बच्चो को पढा रही हू। आशा करती हू के मेरे जैसे बहुत सारे parents ऐसे होन्गे जो मुस्किल से पढा रहे होन्गे क्युंकि फ़ीस तो बढ ही रही है।

जिन लोगो ने पूरी लडाई केवल वॉट्सएप्प मैं देख के लडी उनलोगो को यूही लगा की फ़ीस कम हो गई क्युंकि वोह लोग लड़े ही नही तो खुश हो गये की फ़ीस कम हो गई।
पे हकिकत येह है की हमे बेवकुफ बनाया गया स्कूल वालो को तरफ से की इस साल ज्यादा फ़ीस बढा के थोडा कम किया तो parents येह समज बैठे की फ़ीस कम हो गई येह ठीक वैसे ही मार्केटिंग stretegy है जो बिग बाज़ार वाले और दुसरे दुकान वाले अपनाते है। भाव बढ़ाओ और फ़ीस satisfaction के लिये फ़ीस थोडा कम कर दो। नेक्स्ट ईयर भी स्कूल वाले वोही stretegy अपनाएंगे वोह हमे पता है।

हकिकत येह है की लास्ट ईयर की compair में येह साल फ़ीस 16-18% फ़ीस बढी है। हमारी आवज दबा दी गई है अपनी ही बेवकूफी की वजह से क्युंकि 8000 parents में से हम 1000 parents का भी लड़ने में हिस्सा ना बन सके ।

स्कूल वाले समज गये के इन्लोगो को तोडने के लिये अब धमकी देना ही काफी है क्युंकि उन्के पास हमारे ही दिये हुए पैसे है जिस से वोह लोग हमे दबाते है।

बहुत सालो बाद येह unity बनी थी जिसे हम आगे नही ले जा सके क्युंकि वजह हमारी inactivity है।

अब नतिजा येह होगा की स्कूल वाले अपने मन मुताबिक फ़ीस increment करेंगे वोह चाहे arers हो, डेवलपमेंट फ़ीस हो, ऐक्टिविटी फ़ीस हो, tution फ़ीस हो, प्रोजेक्ट फ़ीस हो वोह लेते रहेंगे किसी ना किसी बहाने ।

बुक तो हम खरिद्ते ही है उनलोगो से। क्या आपने सोचा की हमारी बेवकूफी, inactivity का कितना गैर लाभ हुआ? अगर activity दिखाते तो लास्ट ईयर जितनी फ़ीस तो हो जाती भले कम ना होती।

पर बेवकुफो की टोली ने आपको येह जता दिया की फ़ीस कम हो गई। येह हमारी भुल है की हमने मान लिया की फ़ीस कम हो गई।

अभी भी वक़्त है एक होने का और लड़ने का। क्युंकि Unity केवल फ़ीस के लिये ज़रूरी नही है पर ऐसे बहुत सारे अन्याय के खिलाफ है जिसे स्कूल हमारे साथ करती है।

जितनी फ़ीस अभी हम भर रहे है ना उतने तो आपने पूरी पढाई के दौरान नही दी होगी। तो क्या आप अपने बच्चो को इंजीनियर या डॉक्टर बनओगे?

क्युंकि बेस बन चुका है स्कूल द्वारा की स्कूल की फ़ीस इतनी है तो कॉलेज वाले कितनी फ़ीस डॉक्टर बनवाने के लिये या इंजीनियर बनवाने के लिये लेंगे?

क्या सोचा कभी आपने?

मेरि फैमिली ने कभी मुझको जुक्ना नही सिखाया पर congratulation आप सब जुक गये।
बेवकुफ बनाये गये आप लोग स्कूल द्वारा।

अगर लगता है की मैं सच बोल रही हू तो मुझे वॉट्सएप्प पे आप अपना नम्बर दिजीये और लडाई मैं सहयोग करे।
एक दिशा ऐसी फैमिली की और जिसने जुक्ना नही सिखा।"

धन्यवाद