Arrest Sharjeel Imam

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नमस्ते दोस्तों, 

आज कल हर कोई इस देश में लोकतंत्र की बात कर रहा  है| कोई भी इंसान, स्त्री-पुरुष, गरीब-पैसेदार, नेता-अभिनेता, शिक्षित-असिक्षित, अलग लग धर्म के लोग, हर कोई लोकतंत्र के बारे में बात कर रहा है| 

हम एक ऐसे लोकतंत्र में जी रहे है जहा CAA-NRC-NPR जैसी जिसे हो रही है और साथ साथ में हम ऐसे भी लोकतंत्र में रह रहे है जहा में शर्जील इमाम जैसे लोग देश को और असम को अलग करनके की, लोकतंत्र में रूकावट डालने के लिए ऐसे कच्चे लोगो के कानभर रहे है| अगर CAA-NRC-NPR जैसी जिसे गलत है तो शर्जील इमाम जैसे लोग जो कर रहे है वो भी गलत है|      

मेरा एक सामान्य सवाल है| कहा गए वो सारे स्त्री-पुरुष, गरीब-पैसेदार, नेता-अभिनेता, शिक्षित-असिक्षित, अलग लग धर्म के लोग, जो आवाज़ उठा रहे थे, JNU, शाहीन बाग़, जामिया मालिया, या अलग अलग शहेरो में गए और उस के विर्रुध में आवाज़ उठाई|

शर्जील इमाम कर रहा है ये गलत नहीं है? क्या ये लोकतांत्रिक तरीका है अपनी बात रखने का? 

में चाहता हु यातो शर्जील इमाम आपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखे या उन्हें जेल की जाए ताकि वो लोगो को गुमराह ना करे, लोगो को गलत चीज़े करने के लिए ना उकसाए| 

एक चिंतिंत भारतीय