Public interest litigation to save students & doctors of IBAM, KOLKATA, INDIA

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अन्तर्गत,

मान्यवर चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया 

माननीय सर्वोच्च न्यायलय- नयी दिल्ली.

 

कॉपी: 

2. मान्यवर मुख्य न्यायाधीश,

माननीय कोलकाता उच्च न्यायलय, कोलकाता,

पश्चिम बंगाल.

3. मान्यवर मुख्य न्यायाधीश,

माननीय हाई कोर्ट, बंगलुरु

कर्नाटक.

4. मान्यवर मुख्य न्यायाधीश,

माननीय हाई कोर्ट- पटना 

बिहार.

तिथी: 11.11.2017 

जनहित याचिका संख्या................वर्ष 2017

इंडियन बोर्ड ऑफ़ अल्टरनेटिव मेडिसिन्स

कोल्कता और आई.बी.ए.एम. एकेडमी 

कोल्कता कइ वर्ष पुराना और विश्वशनिय

वैकल्पिक मेडिसिन के अध्यन करने की 

संस्था है, किन्तु इन्हें कुछ झूठे आरोपों 

का सामना करना पर रहा है और लाखों

मेघावी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवार

हो रहा है. अतः जनहित में न्यायलय इस 

पत्र के माध्यम से जनहित में मेडिकल 

कौंसिल ऑफ़ इंडिया से जवाब मांगकर 

और सम्बंधित संस्थानों से कारण जानकर

जनहित में न्याय करने के उद्देश्य से 

जनहित याचिका के फैसले हेतु सादर 

प्रार्थना जनहित याचिका कर्ता करता है.     

  

मान्यवर,

IBAM/इंडियन बोर्ड ऑफ़ अल्टरनेटिव मेडिसिन्स और IBAM Academy जो की कोल्कता में है (80, chawringhee Road, Kolkata, PIN 700020) और इनसे जुरे हुए लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य ज़ुरा हुआ है और आने वाले समय में ये छात्र भविष्य के वैकल्पिक चिकित्सा के डॉक्टर बनेंगे और कई तो प्रैक्टिस भी कर रहे है. अचानक मेडिकल कौन्सिल ऑफ़ इंडिया अयसा क्या देखी की इन नामी संस्थानों में ताला लगा दिया गया है. इस संस्थानों की प्रसंशा कर कर्णाटक राज्य में इनकी मान्यता प्रदान की गई है. अतः हाई कोर्ट बंगलुरु को भी इसकी एक कॉपी जनहित में फैसले लेने के लिय प्रार्थना कर रहा हूँ. 

अतः मान्यवर विंदुवार प्रर्थन यह है की:

मेडिकल कौन्किअल ऑफ़ इंडिया से कारण और अपना पक्ष रखने को कहा जाय और पुचा जय की छात्रों की क्या गलती है की उनके शैक्षनिक भविष्य के साथ खिलवार क्यों हो रहे है?

सारे छात्रों की लिस्ट दे पाना संभव नहीं है अतः जिन छात्रों ने मुझे लिस्ट सौपे है और पत्र मुझे लिखा है वह इस जनहित याचिका के साथ संलग्न है. मैं भी एक छात्र हूँ BASM पास किया और PhD अल्टरनेटिव मेडिसिन्स में नामांकित हूँ जिसका FFF/15/78 है. मुझ जैसे लाखो छात्र परेशां है.

यदि संसथान की कोए गलती नहीं तो संसथान को बंद क्यों किया जाय?

और यदि संसथान की गलती अगर हो तो लाखों निर्दोष छात्रों को सजा क्यों?

यदि संसथान को आर्थिक दण्ड देकर खुलवाना संभव हो तो जनहित में यह विकल्प क्यों न चुना जय?

 

 

जनहित याचिका की सुनवाई

 जल्द से जल्द करवाने की प्रार्थना

याचिका कर्ता करता है.

 

 

                                                                डॉ दीपक कुमार 

प्रथम याचिकाकर्ता

छात्र PhD IBAM, 

छात्र: LLB- SKJ लॉ कॉलेज, मुजफ्फरपुर 

पत्राचार पता: S/O 

Mrs Pushpa Sah, central Bank of India, RDS College Branch, PO Ramna, Distt. Muzaffarpur, PIN 842002

email: dr.deepak.altmed.in@gmail.com 

mobile 7808780456, 9334056200, 7050111402

whatsapp 9431085531

 

 

डॉ चंद्रशेखर 

द्वितीय याचिकर्ता 

मोब. नो. 9759575711

BASM/रोल नो. DBM/sep.15/240

Jasoli, PARSIA, PILIBHIT,

PIN 262201

attached documents of 3 pages.



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