राजस्थान में बिजली बिल मे वृद्धि को सरकार कम करे Reduce Electricity Bill In Rajasthan

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हम राजस्थान सरकार के माननीय मुख्यमंत्री से आग्रह करते हैं की कोरोना के संकट से जूझते हुए प्रदेशवासियों को रहत देते हुए बिजली बिल में वृद्धि तुरंत प्रभाव से वापस ली जाये।

राजस्थान सरकार ने पिछले कुछ माह में बिजली बिल में अभूतपूर्व वृद्धि की है. कोरोना संकट से जूझ रहे प्रदेश वासियों के लिए यह दोहरी मार है। तीन महीने में ही बिजली के बिल में ४० प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है, इससे पुरे प्रदेश की जनता त्रस्त है। यह भार गरीब, अमीर, मध्यम वर्गीय सभी उपभोक्ताओं पर बढ़ा है। कोई भी इससे अप्रभावित नहीं है।

प्रदेश में कोरोना महामारी अपना विकराल रूप धारण कर चुकी है, प्रदेश की जनता त्राहि त्राहि कर रही है। रोजगार धंधे ठप्प हैं, लोगों की नौकरियां जा रही है। प्रदेश का नागरिक इस प्राकृतिक आपदा के कारन पहले ही आर्थिक बदहाली में है। ऐसे समय में बिजली जैसी अति आवश्यक वस्तु/ सेवा में अप्रत्याशित वृद्धि कर राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने लोगों की कमर ही तोड़ दी है।

राजस्थान में बिजली की दर गुजरात, हरियाणा, दिल्ली आदि सभी पड़ौसी राज्यों से बहुत अधिक है, जबकि सौर विद्युत् उत्पादन में राजस्थान अग्रणी होने के कारन यहाँ बिजली का उत्पादन सस्ता होता है। लेकिन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं बिजली चोरी के कारन विद्युत् विभाग को बड़ा घटा होता है। सरकार और बिजली विभाग एवं इसके अंतर्गत वितरण कम्पनियाँ न तो अपना भ्रष्टाचार कम करती है न ही अपनी उत्पादकता बढाती है। अपनी अकर्मण्यता एवं भ्रष्टाचार का सारा बोझ आम उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है। बिजली कंपनियों के एकाधिकार के कारन उपभोक्ता बिजली विभाग की मनमानी सहने को अभिशप्त है। होना तो ये चाहिए था की कोरोना काल में बिजली का बिल माफ़ हो परन्तु उलटे अधिक वसूली की जा रही है।

हम राजस्थान सरकार के माननीय मुख्यमंत्री से आग्रह करते हैं की कोरोना के संकट से जूझते हुए प्रदेशवासियों को रहत देते हुए बिजली बिल में वृद्धि तुरंत प्रभाव से वापस ली जाये।

We request Sri Ashok Gehlot, Chief Minister, Rajasthan to revoke the increase in the electricity bill. We demand the reversal of the increase in the electricity bill in Rajasthan. Rajasthan government and electricity companies working under have increased electricity bills heavily in the last few months. 

Corona, the pandemic has hit the state badly and that has broken the backbone of the economy. Large numbers of residents of Rajasthan have lost their jobs. Businesses and industries are in doldrum. An increase in the electricity bill in such a situation has made the lives horrible. 

Electricity companies enjoy a monopoly in the state and these companies treat it as a license to corruption and inefficiency. The common people have to suffer for their inefficacy viz a viz corruption. 

Again, we request Sri Ashok Gehlot, Chief Minister, Rajasthan to revoke the increase in the electricity bill. We demand the reversal of the increase in the electricity bill in Rajasthan.