ब्राह्मणी वर्चस्व से दर्शक की मुक्ती अभियान

ब्राह्मणी वर्चस्व से दर्शक की मुक्ती अभियान

0 have signed. Let’s get to 100!
At 100 signatures, this petition is more likely to be featured in recommendations!
Kiran Chavan started this petition to ABP News Network Pvt. Ltd and

महोदय,

भारत देश विविधता मे बसी संस्कृती एवं विविध भाषा और जाती धर्म के लोगों का देश है । क्या आपके चॅनल पर एक ही जाती के लोग अ‍ॅंकर बनने के लिए काबिलियत रखते है ? क्या ये वर्ल्ड क्लास अ‍ॅंकर है जो इनके बगैरे और किसी को मौका नही दिया जा सकता ? क्या ऐसे दंगाईयों अ‍ॅंकरों के बगैर कोई चॅनेल नही चल सकता ? महोदय, हम मीडीया मे ब्राह्मणों के वर्चस्व के बारे मे बात कर रहे है । ये तो २०१४ के बाद भारत मे जो राजनीतिक परिस्थितियां उत्पन्न हुई उसके हम शुक्रगुजार है, जिससे की मीडीया ब्राह्मण और बनिया के इशारे पर चलता है इस बात से लोग रूबरू हो गये । पहले उन्हे समझ तो आता था किंतु मार नही पडी थी ।

मनोरंजन के क्षेत्र मे आप लोगों ने केवल ब्राह्मणों को रोजगार देने के लिए बकवास मालिकाएं शुरू की है । क्या ये डेली सोप विश्व स्तर के है ? क्या इसमे किसी और को मौका नही दिया जा सकता ? घुम फिर के बनिया, ब्राह्मण और ठाकूर. बस इन्ही उच्च वर्णियों को मौका दिया जा रहा है । महाराष्ट्र मे ब्राह्मणों को । क्या इन सिरीयल्स मे बहुजन समाज की समस्याओं का चित्रण है ? क्या उनका इतिहास इसमे दिखाया जाता है ? केवल पर्याय नही है इसलिए आप कुछ भी दिखाते जा रहे हो ? क्या डीटीएच के जमाने मे भी आप लोगों ने पॅकेज के जरीए अपनी मोनोपॉली रखके ब्राह्मण बनिया रोजगार को प्राथमिकता दी है ?

अगर ऐसा है तो आप अपना दर्शक भी इन्ही जातीयों मे से ही चुनिए । बाकी सारे दर्शक अब स्मार्ट टॊव्ही / फायरस्टिक के जरीए वेब मनोरंजन के साथ जुड रहे है । जल्द ही इसमे बहुजन मीडीया शुरू हो जाएगी । कृपया आप वहा मत भटकिएगा । आप इसी तरह से मुठीभर लोगों के लिए चॅनेल चलाते रहिएगा । देश की ८०% आबादी आप के लिए मायने नही रखती ये तो तय है । इसके आगे भी आप लोगों मे सुधार की कोई गुंजाईश नही है । अत: १००० लोगों के साथ शुरू हुआ ये ब्राह्मण बनिया चॅनेल छोडो आंदोलन अब ८०% लोगों के पास पहुंच रहा है ।

२०% लोगों के साथ आप खुश रहीएगा । शुभकामनाएं !

ग्राहक को इसी तरह उसके हक्क और अधिकारों से वंचित रखने के लिए आपका धन्यवाद !

आपका
किरण चव्हाण

0 have signed. Let’s get to 100!
At 100 signatures, this petition is more likely to be featured in recommendations!