"वसूलो MRP पर GST निर्माता से दुकानदार को मुक्ति दो इस झंझट से "

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दुकानदारों के हित में राष्ट्रीय अभियान -
"वसूलो MRP पर GST निर्माता से
दुकानदार को मुक्ति दो इस झंझट से "

 

 

फेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया व्यापर मंडल द्वारा राष्ट्र स्तर पर एक आंदोलन   कि उत्पाद के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP ) पर पूरा GST निर्माता स्तर पर ही वसूल कर लिया जाए और व्यापारिओं को GST के झंझट से मुक्त कर दिया जाए ।

 गौरतलब है कि जीएसटी मुक्त का मतलब यह कतई नहीं है कि जीएसटी कर प्रणाली को खत्म कर दिया जाए बल्कि इसे प्रथम चरण (first Point) यानि उत्पादक या निर्माता के स्तर पर लगाने तक सीमित रखना है। जैसा कि जीएसटी से पहले वैट व्यवस्था मे कपड़ा और तंबाकू पर उत्पाद कर के रूप मे प्रथम चरण मे कर लगाने की व्यवस्था थी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि जीएसटी की पालना मे होने वाले भारी-भरकम खर्च (नौकरशाही) पर अप्रत्याशित कमी आएगी वही सिंगल प्वाइंट पर लगने के कारण कर चोरी की आशंका समाप्त होगी। सरकार को ज्यादा राजस्व मिलेगा और देश मे भयमुक्त व्यापार हो सकेगा।

 कैसे होगा इससे फायदा आइए समझते हैं  :

01. निर्माता , पहले  जिसके पास Excise Registration होता था, की  संख्या दुकानदारों के  मुकाबले सिर्फ 20 % या उससे भी कम होगी और जीएसटी राजस्व  में निर्माता क्षेत्र  की  भागीदारी  80-90 % के आस-पास है । अतः सरकारी तंत्र यदि 10-20 प्रतिशत के ऊपर नज़र रखेगा तो कर चोरी कि कोई सम्भावना ही नहीं रहेगी और कम प्रयत्न में ज्यादा कर वसूल होगा ।

02. अर्थव्यवस्था में दुकानदार / व्यापारी वर्ग का  योगदान लगभग आधा है पर रोजगार के अवसर पैदा करने में  बहुत ही महत्त्व पूर्ण भूमिका है । इस वर्ग द्वारा   लगभग 44 करोड़ को रोजगार मिला हुआ है जबकि संगठित/निर्माता वर्ग  एवं सरकारी क्षेत्र द्वारा सिर्फ 6 करोड़ लोगो को रोजगार उपलब्ध होता है। यदि दुकानदार / व्यापारी वर्ग  को जीएसटी से मुक्त कर दिया जाए तो यह सुनिश्चित है कि देश में कोई भी युवा बेरोजगार नहीं रहेगा  और देश से गरीबी भी लगभग समाप्त  हो जायगी।

03. सिर्फ संगठित क्षेत्र / निर्माता वर्ग पर GST रहने से इसके पोर्टल यानि जीएसटीएन पर बोझ काम रहेगा और जीएसटी का compliance अच्छे से हो सकेगा ।

 04. जीएसटी की मार सबसे ज्यादा दुकानदार / व्यापारी वर्ग  पर पड़ी है जो करीब-करीब पढ़ा लिखा नहीं है और ना ही संगठित क्षेत्र / निर्माता वर्ग  की तरह सुविधा संपन्न। असंगठित क्षेत्र / दुकानदार वर्ग  के लिए बहुत मुश्किल है  क्यूंकि  उन्हें अपने व्यापारिक क्रिया कलापो को छोड़ कर जीएसटी के अनुपालन में ज्यादा समय देना पड़ रहा है और व्यापारिक गतिविधिओ पर नकारात्मक असर पड़ रहा है और राष्ट्र के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर असर भी पड़ेगा ।

 

देश भर के असंगठित क्षेत्र यानि की दुकानदार भाईयो से अनुरोध है कि जीएसटी के झंझट से  मुक्ति पाने के इस आंदोलन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले ।

 आपको क्या करना है

1 अपने व्यापर मंडल / ट्रेड एसोसिएशन की एक मीटिंग बुलाय

2  इस मीटिंग में एक प्रस्ताव पारित करे कि भारत का व्यापारी GST के झंझट से मुक्ति चाहता है

3 स्थानीय समाचार पत्र में इस मीटिंग और प्रस्ताव क़ी खबर छपवाए और

4  समाचार पत्र क़ी प्रति और प्रस्ताव क़ी कॉपी प्रधान मंत्री , मुख्य मंत्री कार्यालय में डाक द्वारा या व्यक्तिगत रूप से भिजवाय तथा एक प्रति फेडरेशन के दिल्ली स्थित कार्यालय में भी डाक द्वारा भिजवाय ।

फेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया व्यापार मंडल द्वारा एक राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जा रहा है। सभी व्यापार मंडल,ट्रेड एवं मार्किट असोसिएशनो से अनुरोध है कि भारत सरकार को दिए जाने वाले ज्ञापन पर अपने-अपने सदस्यों क़े हस्ताक्षर ले और करोड़ो हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन सरकार को सौपे ।

 

अधिक जानकारी हेतु संपर्क करे ।

फेडरेशन आफ आल इंडिया व्यापार मंडल

Federation of All India Vyapar Mandal

 12th Floor, Pragati Tower,26 Rajendra Place,New Delhi-110008

Mob 8076435958  Tel 011-49270605

 



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