शुद्ध जल - एक अभियान

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शुद्ध पेयजल हमारी मांग

वर्तमान में जल व्यवस्था पूर्णतः दुषित हो गयी है। नदी-नाले, नहर और अन्य जो भी जल के संसाधन है वह पूर्णतः दुषित हो गये हैं। जिसका एक बहुत बड़ा कारण है आधुनिक कल कारखानों द्वारा निकला अपशिष्ट इन जल संसाधनों में बहा दिया जाता है।

एक उदाहरण देखें- राजस्थान में 'गंग कैनाल' और 'इंदिरा गांधी नहर' जल के प्रमुख स्त्रोत हैं लेकिन पंजाब में इन दोनों नहरों में इतना जहरीले तत्व मिला दिये जाते हैं जिसके कारण स्वयं पंजाब के कुछ क्षेत्र और राजस्थान में कैंसर का रोग भयावह रूप से फैल रहा है।

"पंजाब के बटाला जिले में स्थित एक शुगर मिल का लाखों टन शीरा 16 मई को व्यास नदी में आ गया और नदी के 40-50 किलोमीटर क्षेत्र में फैल गया। इस नदी का पानी ही पंजाब से राजस्थान आ रही इंदिरा गांधी नहर में आता है। यह पानी हनुमानगढ़ के रास्ते राजस्थान में प्रवेश करता है।" (एक समाचार पत्र से)

       आजकल पेयजल बोतल में आने लगा है। शुद्ध पेयजल हमारा मौलिक अधिकार है। इसलिए बोलतबंद पानी से बाहर निकले और नदी-नहर के पानी को शुद्ध करने की ओर ध्यान दें।

      सरकार से प्रार्थना है की इस तरफ अतिशीघ्र ध्यान दें और जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो।

 धन्यवाद।